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ड्रैगन-पाकिस्तान के छूटे पसीने! 3.25 लाख करोड़ की ‘महा-डील’ को हरी झंडी, अब भारत में ही बनेंगे राफेल विमान

Rafale Deal: रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने गुरुवार को फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान और अमेरिका से 6 अतिरिक्त P-8I समुद्री निगरानी विमान खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। यह भारत की अब तक की सबसे बड़ी रक्षा डील है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा से ठीक पहले यह फैसला आया है, जो दोनों देशों के रक्षा संबंधों को और मजबूत करेगा।

Rafale Deal: भारत ने अपनी सैन्य क्षमता को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने 12 फरवरी 2026 को महत्वपूर्ण बैठक में भारतीय वायुसेना के लिए 114 राफेल मल्टी-रोल फाइटर जेट खरीदने और भारतीय नौसेना के लिए 6 अतिरिक्त P-8I पोसीडॉन एयरक्राफ्ट की खरीद को मंजूरी प्रदान की। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब भारतीय वायुसेना की स्क्वाड्रन संख्या मात्र 29 रह गई है, जबकि स्वीकृत संख्या 42 है। पुराने विमानों के रिटायर होने से उत्पन्न कमी को दूर करने के लिए यह डील बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

Rafale Deal: 3.25 लाख करोड़ की डील

राफेल डील की कुल कीमत करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है, जो स्वतंत्र भारत की सबसे बड़ी रक्षा खरीद होगी। इस सौदे को ‘मदर ऑफ ऑल डिफेंस डील्स’ कहा जा रहा है। डील गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट आधार पर होगी, जिसमें पारदर्शिता सुनिश्चित रहेगी। पहले 2016 में 36 राफेल की डील भी इसी फॉर्मेट में हुई थी। अब इस नए प्रस्ताव के बाद कुल राफेल जेट्स की संख्या 150 के करीब पहुंच जाएगी, जिसमें नौसेना के लिए अलग से कैरियर-कंपैटिबल राफेल भी शामिल हो सकते हैं।

Rafale Deal: अब भारत में ही बनेंगे 96 राफेल

राफेल खरीद के तहत 18 विमान फ्लाई-अवे कंडीशन में फ्रांस से सीधे आएंगे, जबकि बाकी 96 (कुछ रिपोर्ट्स में 90) भारत में ही निर्मित होंगे। यह ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बड़ा बढ़ावा देगा। दसॉल्ट एविएशन और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) या टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के सहयोग से उत्पादन होगा, जिससे हजारों रोजगार सृजित होंगे और स्वदेशी सामग्री का स्तर 50% तक पहुंच सकता है। राफेल मल्टी-रोल फाइटर हैं, जो हवा से हवा, हवा से जमीन और समुद्री हमलों में सक्षम हैं। इनमें मेटियोर बीवीआर मिसाइल, स्कैल्प क्रूज मिसाइल, हैमर गाइडेड बम, स्पेक्ट्रा इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम और उन्नत रडार जैसे हथियार लगे हैं।

Rafale Deal: 6 अतिरिक्त P-8I पोसीडॉन विमान मिलेंगे

पाकिस्तान के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में राफेल ने अपनी सटीकता साबित की है, जहां स्कैल्प मिसाइल से 250 किमी दूर के ठिकानों पर हमला किया गया। वायुसेना के वाइस चीफ एयर मार्शल नागेश कपूर ने कहा है कि ऐसे आधुनिक जेट्स से वायुसेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी। चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों से बढ़ते खतरों के बीच यह डील रणनीतिक रूप से अहम है।
इसके साथ ही भारतीय नौसेना को 6 अतिरिक्त P-8I पोसीडॉन विमान मिलेंगे। बोइंग कंपनी के ये विमान लंबी दूरी की समुद्री निगरानी, पनडुब्बी रोधी युद्ध और दुश्मन जहाजों/विमानों की ट्रैकिंग के लिए विश्वसनीय हैं। भारत के पास पहले से 12 P-8I हैं, और ये नए 6 हिंद महासागर में चीन की बढ़ती गतिविधियों पर नजर रखने में मदद करेंगे। DAC ने कुल 3.6 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिसमें SCALP मिसाइल और हाई एल्टीट्यूड प्स्यूडो-सैटेलाइट भी शामिल हैं।

Rafale Deal: DAC की हरी झंडी

यह प्रस्ताव अब कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) के पास जाएगा, जहां अंतिम मंजूरी मिलने के बाद वाणिज्यिक बातचीत शुरू होगी। फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों 17-20 फरवरी को भारत दौरे पर आ रहे हैं, जहां इस डील पर आगे की प्रगति हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सौदा भारत-फ्रांस रक्षा साझेदारी को रूस जैसा स्तर देगा।

Rafale Deal: मेक इन इंडिया की बड़ा जीत

राफेल और P-8I की यह खरीद न केवल वायु और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करेगी, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी गति देगी। आने वाले वर्षों में भारतीय सशस्त्र बलों की आधुनिकीकरण प्रक्रिया तेज होगी, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित रहेगी।

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