PM Rahat Scheme: भारत सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को रोकने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। पीएम राहत योजना (PM RAHAT – Road Accident Victim Hospitalization and Assured Treatment) की शुरुआत की गई है। यह योजना 14 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री द्वारा Seva Teerth से पहला फैसला लेते हुए लॉन्च की गई। इसका मुख्य उद्देश्य दुर्घटना के बाद गोल्डन आवर (पहला घंटा) में तुरंत चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करना है, क्योंकि समय पर इलाज से लगभग 50% मौतों को रोका जा सकता है। भारत में हर साल लाखों सड़क हादसे होते हैं, और कई मामलों में आर्थिक तंगी या देरी के कारण जानें जाती हैं। पीएम राहत इस समस्या का सीधा समाधान है।
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PM Rahat Scheme: योजना के प्रमुख लाभ
योजना के तहत सड़क दुर्घटना के हर योग्य पीड़ित को 1.5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज मिलेगा। यह सुविधा दुर्घटना की तारीख से 7 दिनों तक उपलब्ध रहेगी। गैर-गंभीर मामलों में स्थिरीकरण उपचार 24 घंटे तक और गंभीर जीवन-खतरे वाली स्थिति में 48 घंटे तक तत्काल इलाज कवर होगा। यह लाभ किसी भी सड़क (राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग या शहर की सड़क) पर हुए हादसे में लागू होगा। अस्पताल में भर्ती होने पर कोई अग्रिम भुगतान नहीं करना पड़ेगा, जिससे ‘गोल्डन आवर’ में इलाज मिलना आसान हो जाएगा।
PM Rahat Scheme: लाभ कैसे प्राप्त करें?
दुर्घटना होने पर तुरंत 112 (Emergency Response Support System – ERSS) हेल्पलाइन पर कॉल करें। पीड़ित, राहगीर या कोई भी व्यक्ति कॉल कर सकता है। कॉल पर एंबुलेंस और नजदीकी अस्पताल की व्यवस्था की जाएगी। योजना डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आधारित है, जिसमें eDAR (Electronic Detailed Accident Report) और TMS 2.0 (Transaction Management System) का एकीकरण है। इससे दुर्घटना रिपोर्टिंग से लेकर अस्पताल भर्ती, पुलिस सत्यापन, इलाज और क्लेम तक सब कुछ ऑनलाइन होता है।
PM Rahat Scheme: इलाज का खर्च कौन उठाएगा?
अस्पताल को भुगतान मोटर व्हीकल एक्सिडेंट फंड (MVAF) से होगा। यदि हादसे का दोषी वाहन बीमित है, तो सामान्य बीमा कंपनियों के योगदान से भुगतान होगा। हिट एंड रन या बिना बीमा वाले मामलों में भारत सरकार बजट से खर्च उठाएगी। इससे अस्पतालों को तुरंत भुगतान मिलेगा और वे बिना देरी के इलाज शुरू कर सकेंगे।
PM Rahat Scheme: जरूरी प्रक्रिया और सत्यापन
पुलिस द्वारा डिजिटल सिस्टम पर दुर्घटना की पुष्टि अनिवार्य है। गैर-गंभीर केस में 24 घंटे और गंभीर केस में 48 घंटे के अंदर सत्यापन होना चाहिए। यह सुनिश्चित करता है कि इलाज बिना रुकावट चले, लेकिन दुरुपयोग न हो। अस्पताल आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई से जुड़े होंगे या योजना के तहत एम्पैनल्ड होंगे।
PM Rahat Scheme: क्लेम सेटलमेंट की समयसीमा
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी की मंजूरी के बाद अस्पताल को 10 दिनों के अंदर भुगतान मिलेगा। यदि कोई विवाद हो, तो जिला स्तर पर शिकायत अधिकारी मामले की सुनवाई करेगा। जिला सड़क सुरक्षा समिति पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगी।
PM Rahat Scheme: योजना का महत्व
पीएम राहत योजना ‘सेवा’ की भावना से प्रेरित है। यह न केवल आर्थिक बोझ कम करती है, बल्कि सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे हजारों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। सरकार ने इसे पूरे देश में लागू किया है, और यह मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 162 और 164B पर आधारित है।
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