39.9 C
New Delhi
Sunday, July 12, 2026
HomeदेशLucknow Fire News: एक ही रास्ता, बायोमेट्रिक लॉक और सुरक्षा में लापरवाही,...

Lucknow Fire News: एक ही रास्ता, बायोमेट्रिक लॉक और सुरक्षा में लापरवाही, जानिए क्यों बनी लखनऊ की इमारत ‘मौत का कुआं’

Lucknow Fire News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके की लगी आग में 15 बच्चों की जान चली गई. अग्निकांड में राख इमारत में जब अग्निशमन कर्मी घुसे तो पाया कि वहां किस कदर मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं. आवासीय इमारत को व्यावसायिक कामों में इस्तेमाल कर यहां गेमिंग जोन, पेट शॉप और दूसरी दुकानें चलाई जा रही थीं. इस बिल्डिंग को 2016 में अवैध निर्माण के कारण गिराने का आदेश दिया गया था, लेकिन दो माह में ये ऑर्डर वापस से लिया गया.

बॉयोमेट्रिक इंप्रेशन वाला गेट

पीड़ित परिवारों का कहना था कि गेमिंग जोन में एनीमेशन सेंटर का पूरा ढांचा ऑटोमैटिक था. बायोमेट्रिक थंब इंप्रेशन से दरवाजा खुलता बंद होता था. आग लगते ही ये लॉक सिस्टम फेल हो गया . वहीं से बाहर निकलने का रास्ता था, जहां से कुछ ही मिनटों में निकला जा सकता था.परिजनों का यह भी कहना है कि फायर ब्रिगेड की टीम आग लगने के करीब 40 मिनट बाद वहां पहुंची.

उस वक्त तक लखनऊ की इमारत में लगी आग की लपटों में पूरी तरह घिर चुकी थी. कुछ बच्चे बिल्डिंग के किनारे पाइपलाइन और लटके तारों के सहारे नीचे कूद चुके थे.एक युवक ने आग में घिरी बिल्डिंग की खिड़की तोड़कर नीचे छलांग लगा दी, लेकिन वो सीधे नीचे नुकीली रेलिंग पर गिरा. रेलिंग सीधे पेट में घुसी और ज्यादा खून बहने से उसकी जान चली गई.

अवैध इमारत से निकलने का एक ही रास्ता

लखनऊ के अलीगंज इलाके की इमारत से बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता था. उसके तीनों ओर दूसरी इमारतें बनी हुई थीं. आग बिल्डिंग के आगे के हिस्से में लगी थी. ऐसे में दहशतजदा बच्चे पीछे की ओर चले गए. लेकिन धीरे-धीरे आग और धुआं पीछे के हिस्से तक पहुंच गया. ज्यादातर बच्चों की दम घुटने से मौत हुई.

बॉथरूम में जाकर छिप गए बच्चे

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग कुछ मिनटों में हवा के साथ ऊंची लपटों में बदल गई. भयानक आग से लोग ऊपर नहीं जा पाए. फंसे बच्चों तक मदद पहुंचाने का कोई रास्ता नहीं था. कुछ लोगों ने पत्थर फेंककर खिड़की तोड़ने का असफल प्रयास किया. इमारत में फंसे कई बच्चे बाथरूम में जाकर छिप गए, ताकि गर्मी और आग की लपटों से बचा जा सके, लेकिन यह कदम आत्मघाती साबित हुआ. वो नल खोलकर पानी गिराते रहे, ताकि आग अंदर तक न आए, लेकिन धुआं भरने से उनका दम घुट गया और वो मारे गए.

न स्मोक डिटेक्टर न आग बुझाने वाले सिलेंडर

अग्निशमन विभाग की प्रारंभिक पड़ताल में पाया गया कि इमारत में न ही स्मोक डिटेक्टर यानी धुएं का पता लगाने वाले उपकरण थे और नही फायर एक्सटिंग्यूशर यानी आग बुझाने वाले इंतजाम. ऐसे में आग को बुझाने के लिए शुरुआती मिनटों में कुछ नहीं किया जा सका.

दीवारें तोड़कर अंदर घुसे दमकल कर्मी

दमकल कर्मियों ने आसपास की इमारतों की ओर से हथौड़े से दीवार तोड़ी और फिर अंदर घुसे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. बच्चों के मां-बाप चीख-पुकार लगा रहे थे और बच्चों को बचाने के लिए गुहार लगा रहे थे, लेकिन रोते-बिलखते परिजन अपनों को मौत के आगोश में जाता देखने के सिवा कुछ न कर सके.

RELATED ARTICLES
New Delhi
clear sky
39.9 ° C
39.9 °
39.9 °
29 %
3.1kmh
8 %
Sun
42 °
Mon
42 °
Tue
41 °
Wed
42 °
Thu
42 °

Most Popular