Encounter in Kulgam : जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में मंगलवार को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा के ‘द रेसिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) के एक शीर्ष कमांडर समेत दो आतंकवादियो को मार गिराया है। कश्मीर के आईजीपी वी.के. बिर्दी ने बताया कि मारे गए दो आतंकवादियों में से एक की पहचान शीर्ष टीआरएफ कमांडर बासित दार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मारे गए दूसरे आतंकवादी की पहचान की कोशिश की जा रही है। मुठभेड़ समाप्त हो गई है, लेकिन इलाके में तलाशी अब भी जारी है। उसे आतंकियों की A++ श्रेणी में डाला गया था। अधिकारियों के अनुसार, बासित डार के नेतृत्व में ही TRF ने बीते पांच साल के दौरान घाटी में कई हमले किए। इस दौरान उन्होंने दर्जनों लोगों की हत्या कर दी गई। सुरक्षाबलों को बासित की लंबे समय से तलाश थी।
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टॉप आतंकी कमांडर बासित डार समेत दो ढेर
अधिकारियों ने मंगलवार बताया है कि शीर्ष लश्कर-ए-तैयबा रेजिस्टेंस फ्रंट (एलईटी-टीआरएफ) कमांडर बासित डार जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए दो आतंकवादियों में से एक था। उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों ने इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सोमवार देर रात कुलगाम के रेडवानी गांव में घेराबंदी और तलाश अभियान शुरू किया था।
तलाशी अभियान मुठभेड़ में हो गया तब्दील
अधिकारियों के अनुसार तलाशी अभियान मुठभेड़ में बदल गया, जो आखिरी रिपोर्ट आने तक जारी था। उन्होंने बताया कि मंगलवार सुबह दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी के दौरान जिस घर में आतंकवादी छिपे हुए थे, उसमें आग लग गई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि मुठभेड़ स्थल पर कम से कम दो शव देखे गए हैं और उन्हें निकालने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा, मारे गए उग्रवादियों की पहचान और समूह संबद्धता का खुलासा शव बरामद होने के बाद ही किया जा सकता है।
आतंकी के सिर पर था 10 लाख का इनाम
सूत्रों के अनुसार, शीर्ष लश्कर-टीआरएफ कमांडर बासित डार, जिसके सिर पर 10 लाख रुपये का इनाम था, माना जाता है कि वह उस घर में फंस गया था जहां गोलीबारी चल रही थी। हालांकि, ऑपरेशन खत्म होने के बाद सुरक्षाबल मारे गए आतंकियों की पहचान की पुष्टि करेंगे। बासित, रेडवानी के कुलगाम का रहने वाला है जो 2021 से लापता है और लश्कर में शामिल हो गया था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कमांडर पर 10 लाख रुपये का नकद इनाम घोषित किया था। इनामी राशि की घोषणा उनके खिलाफ दर्ज एक मामले के संबंध में की गई थी। डार अक्टूबर में नागरिक हत्याओं के पीछे का मास्टरमाइंड था।
18 मामलों में शामिल था आतंकी
कुलगाम मुठभेड़ पर आईजीपी कश्मीर विधि कुमार बिरदी का कहना है कि ऑपरेशन पूरी रात जारी रहा और आज दोपहर में समाप्त हुआ। इस ऑपरेशन में दो आतंकवादियों को मार गिराया गया और उनके शव बरामद कर लिए गए हैं। उनमें से एक टीआरएफ ‘ए’ श्रेणी में था। वह 18 से अधिक मामलों में शामिल था। वह अल्पसंख्यकों, पुलिस बलों और नागरिकों पर हमले की साजिश रचने में शामिल था।
कुलगाम में 25 मई को होगा मतदान
आपको बता दें कि इससे पहले पिछले सप्ताह घाटी के पुंछ में एक आतंकी हमले में वायुसेना का एक जवान शहीद गया था। वहीं इस घटना में चार अन्य घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुलगाम जिला अनंतनाग-राजौड़ी लोकसभा क्षेत्र की हिस्सा है जहां 25 मई को मतदान होना है।
