संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने CAPF से जुड़ा महत्वपूर्ण बिल पेश किया। जैसे ही बिल सदन में पेश हुआ, विपक्षी सांसदों ने इस पर आपत्ति जताते हुए चर्चा की मांग की। विपक्ष का कहना है कि यह बिल जवानों के अधिकारों और सेवा शर्तों से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा है, इसलिए इसे जल्दबाजी में पारित नहीं किया जाना चाहिए।
लोकसभा में विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि सरकार बिना व्यापक परामर्श के इस बिल को आगे बढ़ा रही है। कई सांसदों ने कहा कि CAPF जवानों को मिलने वाली सुविधाएं, पेंशन और सेवा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर स्पष्ट प्रावधान जरूरी हैं। इस दौरान सदन में तीखी बहस भी देखने को मिली।
सरकार की ओर से कहा गया कि यह बिल जवानों के हितों को ध्यान में रखकर लाया गया है और इससे बलों की कार्यक्षमता और कल्याण में सुधार होगा। हालांकि विपक्ष ने बिल को स्थायी समिति के पास भेजने की मांग उठाई है, जिससे आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव बढ़ने के आसार हैं।
