दिल्ली मेट्रो की मैजेंटा लाइन सबसे मॉडर्न कॉरिडोर बनने जा रही है जिसमें 65 स्टेशन (40 अंडरग्राउंड), 21 इंटरचेंज और 89 किलोमीटर का ड्राइवरलेस सफर होगा। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि मेट्रो के इस विस्तार से दिल्ली-एनसीआर में क्रॉस-सिटी कनेक्टिविटी में काफी सुधार होगा। डीएमआरसी के नए प्लान के तहत इंद्रप्रस्थ-इंद्रलोक कॉरिडोर अब मजेंटा लाइन का हिस्सा होगा। दिल्ली मेट्रो फेज IV और V(A) के तहत इस लाइन का विस्तार किया जा रहा है।
डीएमआरसी के प्रधान कार्यकारी निदेशक (कॉर्पोरेट संचार) अनुज दयाल ने परियोजना के विस्तार के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह लाइन बॉटनिकल गार्डन से इंद्रलोक तक चलेगी और पूरी तरह से चालू होने के बाद, यह पूरी तरह से ड्राइवरलेस (बिना चालक) मेट्रो कॉरिडोर के रूप में काम करेगी।
फेज IV और V(A) के विस्तार काम पूरा होने के बाद, मैजेंटा लाइन पर कुल 21 इंटरचेंज स्टेशन होंगे। वर्तमान में, इस लाइन पर चार इंटरचेंज स्टेशन हैं – कालकाजी मंदिर, बॉटनिकल गार्डन, जनकपुरी पश्चिम और हौज खास हैं।
कहां होंगे 17 नए इंटरचेंज?
चरण-IV और चरण-V (ए) के तहत अतिरिक्त 17 इंटरचेंज स्टेशन जोड़े जाएंगे। इनमें कालिंदी कुंज, चिराग दिल्ली, टर्मिनल-1 आईजीआई एयरपोर्ट, पीरागढ़ी, पीतमपुरा (मधुबन चौक), हैदरपुर बादली मोड़, मजलिस पार्क, आजादपुर, पुलबंगश, नबी करीम, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, शिवाजी स्टेडियम, केंद्रीय सचिवालय, इंद्रप्रस्थ, दिल्ली गेट, नई दिल्ली और इंद्रलोक शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय सचिवालय, आजादपुर, नई दिल्ली और इंद्रलोक ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशन (जहां तीन मेट्रो लाइन एकसाथ मिलती हैं) होंगे। इससे यात्रा का समय कम तो होगा ही साथ ही कॉरिडोरों पर भीड़ भी कम होगी। वहीं दिल्ली-एनसीआर में कनेक्टिविटी को पहले के मुकाबले कई गुना बेहतर होगी।
मौजूदा समय में एक ही ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशन
आपको बता दें कि बीते दो दशक से दिल्ली मेट्रो में सफर करने वालों को सिर्फ कश्मीरी गेट मेट्रो में ही ट्रिपल-इंटरचेंज स्टेशन की सुविधा मिलती है जो कि रेड, येलो और वायलेट लाइनों को आपस में जोड़ते हैं। ये स्टेशन उत्तर और उत्तर-पश्चिम के आवासीय क्षेत्रों को मध्य और दक्षिणी दिल्ली से जोड़ता है।
