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Wednesday, August 12, 2026
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दिल्ली में EV चार्जिंग को लेकर DDA के नए नियम लागू, जानिए क्या बदला और किसे होगा फायदा

दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने आवासीय मकानों में छोटे-छोटे बदलाव से जुड़े नियमों को सरल बना दिया है। नई संशोधित नीति 1 जुलाई 2026 से लागू हो गई है। इसके तहत कई तरह के सामान्य बदलाव अब बिना किसी पूर्व अनुमति के किए जा सकेंगे, जबकि भवन की संरचना या सुरक्षा से जुड़े कार्यों के लिए पहले की तरह DDA की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। नई नीति के अनुसार, घरों में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग पॉइंट लगाने, दिव्यांगजन के लिए रैंप बनाने और कुछ अन्य छोटे गैर-संरचनात्मक कार्यों के लिए अब डीडीए से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। इस फैसले का उद्देश्य नागरिकों को सुविधा देना और अनावश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाओं को कम करना है।

DDA ने अपने आवासीय फ्लैटों में निर्माण और बदलाव से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नई हाउसिंग पॉलिसी के तहत अब कम ऊंचाई वाले आवासीय ब्लॉकों की ऊपरी मंजिल पर रहने वाले फ्लैट मालिक निर्धारित शर्तों के साथ निर्माण और संशोधन का कार्य करा सकेंगे। डीडीए की यह वर्ष 2007 के बाद हाउसिंग पॉलिसी में किया गया पहला बड़ा संशोधन माना जा रहा है। नई नीति को आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की मंजूरी मिलने के बाद लागू कर दिया गया है।

DDA की नई नीति में निर्माण कार्य 3 श्रेणियों में विभाजित

DDA की नई हाउसिंग पॉलिसी के तहत मकानों में निर्माण और बदलाव से जुड़े नियमों को तीन अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है। इसका उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि कौन-से कार्य बिना अनुमति किए जा सकते हैं और किनके लिए पहले डीडीए की मंजूरी आवश्यक होगी। नई व्यवस्था के अनुसार, पहली श्रेणी में ऐसे छोटे और गैर-संरचनात्मक बदलाव शामिल किए गए हैं, जिन्हें फ्लैट मालिक बिना किसी पूर्व अनुमति के करा सकेंगे। इससे सामान्य मरम्मत और सुविधाओं से जुड़े कार्यों के लिए लोगों को बार-बार मंजूरी लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

दूसरी श्रेणी में ऐसे कार्य रखे गए हैं, जिनके लिए निर्माण शुरू करने से पहले डीडीए की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इन कार्यों का संबंध भवन की व्यवस्था और तकनीकी मानकों से जुड़ी गतिविधियों से है। वहीं, तीसरी श्रेणी में अतिरिक्त निर्माण और विस्तार से जुड़े कार्य शामिल किए गए हैं। ऐसे किसी भी निर्माण की अनुमति तभी मिलेगी, जब डीडीए से पूर्व स्वीकृति प्राप्त हो। बिना मंजूरी के इस श्रेणी के कार्य करने की अनुमति नहीं होगी।

अब नहीं लेनी होगी अनुमति, जानिए क्या-क्या मिली राहत

नई व्यवस्था के अनुसार अब कई कार्य बिना किसी पूर्व अनुमति के किए जा सकेंगे। नई नीति के तहत अब मकान मालिक अपनी पार्किंग में निर्धारित मानकों के अनुरूप इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग पॉइंट स्थापित कर सकेंगे। इसके अलावा दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए घर के बाहर रैंप बनाने के लिए भी डीडीए से मंजूरी लेने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके साथ ही, मकान के आगे और पीछे की सीमा दीवार (बाउंड्री वॉल) को 7 फीट तक ग्रिल या फेंसिंग के साथ ऊंचा किया जा सकेगा। वहीं, 2.5 फीट तक सनशेड लगाने और बालकनी या छत की पैरापेट को 5 फीट तक ग्रिल या ग्लास के जरिए ऊंचा करने के लिए भी किसी पूर्व अनुमति की जरूरत नहीं होगी।

इन निर्माण कार्यों के लिए अब भी लेनी होगी मंजूरी

नई नीति के तहत भवन की स्ट्रक्चरल संरचना (Structural Changes) में किसी भी प्रकार का बदलाव, पानी, सीवर और बिजली जैसी सर्विस लाइनों में संशोधन तथा अतिरिक्त निर्माण कराने से पहले डीडीए की मंजूरी लेना जरूरी होगा। इसके अलावा, स्वीकृत नक्शे के अनुसार खुली छत को अस्थायी ढलानदार छत (Sloping Roof) से कवर करना, रसोई, बाथरूम या टॉयलेट की मूल स्थिति में बदलाव करना तथा सीढ़ियों को छत तक बढ़ाने जैसे कार्य भी बिना पूर्व अनुमति नहीं किए जा सकेंगे।

DDA की मंजूरी कैसे मिलेगी?

DDAकी नई हाउसिंग पॉलिसी के तहत जिन निर्माण कार्यों के लिए पूर्व अनुमति आवश्यक है, उनके लिए आवेदन प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है। अब आवेदक ऑनलाइन माध्यम से मंजूरी के लिए आवेदन कर सकेंगे। नई व्यवस्था के अनुसार, जिन लोगों को डीडीए के नियमों के तहत अनुमति चाहिए, उन्हें DDA या MCD की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज और निर्धारित शुल्क भी जमा करना होगा।

इसके अलावा, प्रस्तावित निर्माण के नक्शे को पंजीकृत (रजिस्टर्ड) आर्किटेक्ट से प्रमाणित कराना अनिवार्य होगा। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद संबंधित विभाग आवेदन की जांच करेगा। डीडीए के अनुसार, आवेदन और शुल्क जमा होने के बाद संबंधित विभाग को 30 दिनों के भीतर मंजूरी देने या आवेदन पर निर्णय लेने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। यदि जांच के दौरान आवेदन या दस्तावेजों में किसी प्रकार की कमी पाई जाती है, तो इसकी सूचना आवेदक को दी जाएगी। ऐसे में आवेदक को अगले 30 दिनों के भीतर सभी कमियों को दूर कर आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। इसके बाद ही आवेदन पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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