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Wednesday, September 23, 2026
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दिल्ली में 78 हजार पुरानी गाड़ियों को BS-6 में बदलने की तैयारी, जानें क्या मिलेगा फायदा

सर्दियों में बढ़ने वाले प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। सरकार ने राजधानी में करीब 78,000 पुराने भारी वाहनों की पहचान की है। इन वाहनों को चरणबद्ध तरीके से स्वच्छ और कम प्रदूषण वाले वाहनों में बदलने के लिए वाहन मालिकों को प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार की योजना के तहत पुराने भारी वाहनों को BS-6, CNG या इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाएगा। इसके लिए वाहन मालिकों को वित्तीय प्रोत्साहन देने की तैयारी है, जिसमें टैक्स में छूट और सब्सिडी जैसे लाभ शामिल होंगे।

धूल की निगरानी में भी तेजी

दिल्ली सरकार ने धूल से होने वाले प्रदूषण पर निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों के मुताबिक, जुलाई में शुरू किए गए प्रदूषण विरोधी पोर्टल के जरिए ऐसे स्थानों की पहचान की जा रही है जहां प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े नियमों का पालन नहीं हो रहा है। इस अभियान में AI से लैस कैमरों ने करीब 2,000 स्थानों की पहचान की है, जहां नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई।

स्थानीय स्तर पर ही खोजा जाएगा समाधान

एक वरिष्ठ  सरकारी अधिकारी के मुताबिक, उपायुक्त, जिलाधिकारी और अन्य अधिकारी अपने-अपने जिलों में ट्रैफिक जाम और प्रदूषण के प्रमुख हॉटस्पॉट की पहचान करेंगे। इसके बाद स्थानीय स्तर पर ही इन समस्याओं के समाधान के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

केंद्र की मदद से पुराने वाहनों को बदलने की योजना

दिल्ली सरकार पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाने के अभियान को केंद्र सरकार की 9,585 करोड़ रुपये की ‘परिवर्तन’ योजना के तहत आगे बढ़ा रही है। इस योजना का उद्देश्य एनसीटी दिल्ली के साथ-साथ हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के एनसीआर जिलों में कम प्रदूषण फैलाने वाले कॉमर्शियल वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है।

दिल्ली में 78 हजार BS-3 और BS-4 भारी वाहनों की पहचान

अधिकारी के मुताबिक, दिल्ली में रजिस्टर्ड BS-3 और BS-4 श्रेणी के करीब 78,000 भारी वाहनों की पहचान की गई है। इन्हें स्वच्छ वाहनों से बदलने के लिए वाहन मालिकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। फिलहाल पुराने वाहनों को बदलने की प्रक्रिया पूरी तरह स्वैच्छिक रखी गई है। सरकार का फोकस वाहन मालिकों को पुराने वाहनों से होने वाले प्रदूषण के बारे में जागरूक करने और नए, कम प्रदूषण फैलाने वाले विकल्प अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने पर है। इसके लिए टैक्स छूट और सब्सिडी जैसे वित्तीय लाभ भी दिए जाएंगे।

सरकार देगी ये वित्तीय लाभ

‘परिवर्तन’ योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से 5,041 करोड़ रुपये की सहायता दी जा रही है। इसके जरिए नए BS-6 डीजल या CNG वाहनों अथवा इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद करने वाले पात्र लाभार्थियों को कई वित्तीय रियायतें मिलेंगी। योजना में मोटर वाहन टैक्स पर 100 फीसदी छूट और रजिस्ट्रेशन शुल्क की पूरी माफी का प्रावधान है। इसके अलावा वाहन खरीदने के लिए लिए गए लोन पर 5 फीसदी ब्याज सब्सिडी भी दी जाएगी। वहीं, योजना में शामिल मूल उपकरण निर्माता (OEM) कंपनियों की ओर से नए वाहनों की खरीद पर 8 फीसदी तक की अतिरिक्त छूट भी मिल सकती है। सरकार का उद्देश्य इन आर्थिक प्रोत्साहनों के जरिए पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले कॉमर्शियल वाहनों को कम प्रदूषण वाले विकल्पों से बदलने की प्रक्रिया को तेज करना है।

वनीकरण और मलबा प्रबंधन पर भी जोर

दिल्ली सरकार प्रदूषण से निपटने के साथ-साथ हरित क्षेत्र बढ़ाने और निर्माण से निकलने वाले मलबे के बेहतर प्रबंधन पर भी काम कर रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, राजधानी में निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे को एकत्र करने वाले केंद्रों की संख्या 106 से बढ़ाकर 125 कर दी गई है। वहीं, सरकार ने अपनी हरित पहल के तहत 70 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। अधिकारी के अनुसार, अब तक करीब 60 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं और पौधारोपण अभियान लगातार जारी है। सरकार का लक्ष्य निर्धारित संख्या को पूरा करते हुए दिल्ली में हरित क्षेत्र को बढ़ावा देना और पर्यावरणीय दबाव को कम करना है।

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