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Monday, September 14, 2026
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Monsoon Health Alert: बुखार में पेनकिलर खाने की आदत पड़ सकती है महंगी, जानें कैसे किडनी पर पड़ता है असर

Monsoon Health Alert: मानसून के सीजन में बुखार, बदन दर्द और सिर दर्द एक आम समस्या है। कई लोग इससे राहत पाने के लिए ओवर द काउंटर पेनकिलर लेते हैं। हालांकि, अगर आप बुखार, उल्टी-दस्त और कम तरल पदार्थ पीने की वजह से पहले से डिहाइड्रेटेड हैं तो ऐसे समय में पेनकिलर खाने से किडनी पर दबाव पड़ सकता है। खासतौर से तब जब डेंगू और बाकी इन्फेक्शन का खतरा ज्यादा हो।

नॉन स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाएं लेते रहें सावधान

हमें इबुप्रोफेन, डाइक्लोफेनाक, नेप्रोक्सेन, और एस्पिरिन जैसी नॉन स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाएं (NSAIDs) लेते समय सावधान रहना चाहिए। ये सभी दवाएं किडनी में ब्लड फ्लो कम कर चोट का खतरा बढ़ा सकती हैं। वहीं, डेंगू के मामले में भी नॉन स्टेरॉयडल एंटी इंफ्लेमेटरी दवाएं ब्लीडिंग जैसे जोखिम के लिए जिम्मेदार हो सकती हैं। इन दवाओं को सिर्फ इसलिए नहीं लिया जाना चाहिए कि बुखार और बदन दर्द है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर एक पेनकिलर सेहत के लिए हानिकारक है या फिर बुखार में कोई दवा ही नहीं ली जानी चाहिए। बुखार, सही खुराक, उम्र और सेहत से जुड़ी समस्याएं या कोई और दवा के सेवन को ध्यान में रखते हुए दवा लेने में ही समझदारी है।

पैरासिटामोल लेते समय किस बात का रखें ध्यान?

डॉक्टर का इस बारे में कहना है कि डॉक्टरों द्वारा अक्सर डेंगू के बुखार और बदन दर्द में पैरासिटामोल लेने की सलाह दी जाती है। इसमें भी सही खुराक का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। इसके अलावा, इस बात का भी ध्यान रखना जाना चाहिए कि कहीं कोल्ड और फ्लू की दवा में तो पहले से पैरासिटामोल नहीं ले रहे। जिन लोगों को कोई पुरानी किडनी की बीमारी, डायबिटीज, हाई बीपी, दिल की बीमारी होती है या फिर वो ऐसी कोई दवा ले रहे हैं जिससे किडनी पर प्रभाव पड़ेगा तो बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर न लें। दवा लेने के साथ पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी अनिवार्य है। यह शरीर को डीहाइड्रेट होने से बचाता है। इसके अलावा, यह भी जान लें कि लंबे समय तक पेनकिलर लेने से या हाई डोज लेने से भी किडनी पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

ये लक्षण दिखें तो न लें पेनकिलर

  • यूरिन कम आना
  • सुजान, उल्टी
  • गंभीर थकान
  • चक्कर आना
  • सांस लेने में परेशानी
  • भ्रम की स्थिति

इन परिस्थितियों में पेनकिलर अकेले इलाज नहीं कर सकती। इसके लिए डॉक्टर की सलाह ली जानी चाहिए। संदेश एकदम साफ है कि पेनकिलर को बुखार का परमानेंट इलाज नहीं समझा जाना चाहिए। बुखार किस वजह से आ रहा है यह पता लगाना बेहद जरूरी है और उसके हिसाब से ही डॉक्टर की सलाह पर सही दवा ली जानी चाहिए।

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