22.2 C
New Delhi
Friday, October 23, 2026
HomeएंटरटेनमेंटCBFC New Guidelines: सेंसर बोर्ड ने फिल्म सर्टिफिकेशन के नियमों में किए...

CBFC New Guidelines: सेंसर बोर्ड ने फिल्म सर्टिफिकेशन के नियमों में किए गए बदलाव, ड्रग्स सीन से लेकर एज रेटिंग तक नए प्रावधान

CBFC New Guidelines: भारत सरकार ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के पुनर्गठन के बाद फिल्मों के सर्टिफिकेशन को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। हाल ही में CBFC के 18 नए सदस्यों की नियुक्ति की गई थी, जिसमें पंकज त्रिपाठी, सुनील शेट्टी, प्रीति जिंटा और रूपाली गांगुली समेत कई चर्चित नाम शामिल हैं। अब सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने फिल्म सर्टिफिकेशन से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया है।

नई गाइडलाइन में फिल्मों में ड्रग्स के इस्तेमाल, हिंसा, अपराध और अन्य संवेदनशील विषयों को दिखाने के लिए कुछ नए प्रावधान शामिल किए गए हैं। मंत्रालय के मुताबिक, फिल्मों की सामग्री समाज के मूल्यों और मानकों के प्रति जिम्मेदार होनी चाहिए। ये नई गाइडलाइंस दिसंबर 1991 में जारी किए गए पुराने दिशा-निर्देशों की जगह लेंगी।

ड्रग्स वाले सीन पर अनिवार्य होगी चेतावनी

नई गाइडलाइन में सबसे अहम बदलाव नशीले और साइकोट्रोपिक पदार्थों से जुड़े दृश्यों को लेकर किया गया है। यदि किसी फिल्म में ड्रग्स के सेवन, इस्तेमाल या तस्करी को दिखाया जाता है, तो संबंधित दृश्यों के साथ निर्धारित कानूनी चेतावनी दिखाना जरूरी होगा।

इस चेतावनी में नशीले पदार्थों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नुकसान और कानूनी सजा की जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य फिल्मों में ड्रग्स के इस्तेमाल को सामान्य या आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किए जाने से बचाना है।

एज रेटिंग में UA 7+, UA 13+ और UA 16+ शामिल

नई गाइडलाइन में उम्र के आधार पर फिल्म सर्टिफिकेशन की व्यवस्था को भी स्पष्ट किया गया है। अब फिल्मों को U, UA 7+, UA 13+, UA 16+, A और S जैसी श्रेणियों के तहत प्रमाणित किया जा सकता है।

उम्र आधारित UA कैटेगरी को 2025 में सिनेमैटोग्राफ एक्ट में संशोधन के जरिए सर्टिफिकेशन सिस्टम में शामिल किया गया था। नई गाइडलाइन में इन श्रेणियों को औपचारिक रूप से सर्टिफिकेशन फ्रेमवर्क का हिस्सा बनाया गया है।

हिंसा और अपराध के चित्रण पर भी नियम

नई गाइडलाइन में हिंसा, अपराध और नशीली दवाओं के दुरुपयोग जैसे विषयों के चित्रण को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। समाज-विरोधी गतिविधियों या हिंसा को आकर्षक, उचित या महिमामंडित तरीके से प्रस्तुत करने से बचने की बात कही गई है।

इसके अलावा बच्चों के साथ दुर्व्यवहार, जानवरों के प्रति क्रूरता और दिव्यांग लोगों से जुड़े दृश्यों को भी संवेदनशीलता के साथ दिखाने पर जोर दिया गया है। ऐसे दृश्यों को बिना उचित संदर्भ या आवश्यकता के शामिल किए जाने पर आपत्ति हो सकती है।

यौन हिंसा से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा तक पर जोर

नई गाइडलाइंस में यौन हिंसा, सांप्रदायिकता, देश-विरोधी गतिविधियों, सार्वजनिक व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों को भी शामिल किया गया है।

फिल्म के सर्टिफिकेशन के दौरान केवल किसी एक दृश्य को अलग करके देखने के बजाय पूरी फिल्म के संदर्भ, कहानी में उसके स्थान, दिखाए गए समय और मौजूदा सामाजिक मानकों को ध्यान में रखने की बात कही गई है।

तीन दशक बाद बदली गईं गाइडलाइंस

फिल्म सर्टिफिकेशन से जुड़ी ये नई गाइडलाइंस तीन दशक से अधिक समय बाद जारी की गई हैं। इनमें पुराने दिशा-निर्देशों के कई मूल सिद्धांतों को बरकरार रखा गया है, लेकिन मौजूदा समय और बदले हुए सर्टिफिकेशन सिस्टम के अनुरूप नए प्रावधान जोड़े गए हैं।

नई व्यवस्था का उद्देश्य फिल्मों के सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया को उम्र, कंटेंट और संवेदनशील विषयों के आधार पर ज्यादा स्पष्ट बनाना है।

RELATED ARTICLES
New Delhi
clear sky
22.2 ° C
22.2 °
22.2 °
71 %
0.6kmh
0 %
Fri
32 °
Sat
33 °
Sun
33 °
Mon
35 °
Tue
32 °

Most Popular