28.3 C
New Delhi
Saturday, August 30, 2025
Homeछत्तीसगढ़19 लाख के इनामी 4 नक्सलियों ने डाले हथियार, 16 लाख कैश...

19 लाख के इनामी 4 नक्सलियों ने डाले हथियार, 16 लाख कैश बरामद

Naxalites Surrender: गरियाबंद जिले में नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। चार नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

Naxalites Surrender: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। रविवार को चार नक्सलियों, जिनमें दो पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं, ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें डीवीएस (डिवीजनल वॉरियर स्पेशलिस्ट) मेंबर दीपक मंडावी भी शामिल है, जिन पर कुल 19 लाख रुपये का इनाम था। नक्सलियों की निशानदेही पर 16 लाख रुपये नकद, हथियार, और नक्सली साहित्य भी बरामद किया गया। यह आत्मसमर्पण छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति और सुरक्षा बलों की रणनीति की जीत माना जा रहा है।

Naxalites Surrender: माओवादी विचारधारा से त्रस्त नक्सलियों का सरेंडर

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में दीपक उर्फ भीमा मंडावी (8 लाख का इनाम), कैलाश उर्फ भीमा भोगाम (5 लाख का इनाम), रानिता उर्फ पायकी (5 लाख का इनाम), और सुजीता उर्फ उरें कारम (1 लाख का इनाम) शामिल हैं। ये सभी धमतरी-गरियाबंद-नुआपड़ा डिवीजन कमेटी के सक्रिय सदस्य थे और 2013 से नक्सली गतिविधियों में शामिल थे। रायपुर रेंज के आईजी अमरेश मिश्रा और नक्सल ऑपरेशन के आईजी अंकित गर्ग ने बताया कि माओवादी संगठन की खोखली विचारधारा और भेदभावपूर्ण रवैये से त्रस्त होकर इन नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। दीपक मंडावी ने SLR राइफल और रानिता ने सिंगल शॉट राइफल के साथ सरेंडर किया।

Naxalites Surrender: 16 लाख कैश और हथियारों की बरामदगी

नक्सलियों की निशानदेही पर गोबरा जंगल में सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों ने 16 लाख रुपये नकद, 31 जिंदा कारतूस, दो खाली मैगजीन, 8 बैरल ग्रेनेड लांचर (BGL), 12 बोर के राउंड, डेटोनेटर, नक्सली वर्दी, और साहित्य बरामद किया। पुलिस का मानना है कि यह रकम नक्सली संगठन हथियार खरीद और भर्ती के लिए जमा करता था। बरामद सामग्री से संगठन की गतिविधियों पर और खुलासे की उम्मीद है। गरियाबंद एसपी निखिल रखेचा ने बताया कि नक्सलियों की योजना पुलिस पर हमले की थी, लेकिन जवानों की सतर्कता से यह नाकाम रही।

नक्सल विरोधी अभियान को गति

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को खत्म करने के लिए मार्च 2026 तक का लक्ष्य रखा गया है। जनवरी 2025 में भालू डिग्गी जंगल में हुए ऑपरेशन में 16 नक्सलियों, जिनमें केंद्रीय समिति सदस्य जयराम उर्फ चलपथी (1 करोड़ का इनाम) शामिल थे, के मारे जाने से संगठन की कमर टूट चुकी है। इस ऑपरेशन के बाद नक्सलियों में भय और अविश्वास का माहौल है, जिसके चलते आत्मसमर्पण बढ़ रहे हैं। नारायणपुर में 104 और सुकमा में 22 नक्सलियों के सरेंडर ने भी इस रणनीति की सफलता को दर्शाया है।

पुनर्वास नीति का असर

छत्तीसगढ़ सरकार की ‘नक्सल समर्पण पुनर्वास नीति 2025’ और ‘नियद नेल्लानार’ योजना ने नक्सलियों को मुख्यधारा में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को 50,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि और पुनर्वास सुविधाएं दी गई हैं। आईजी अंकित गर्ग ने कहा कि माओवादी विचारधारा का मोहभंग और सुरक्षा बलों की बढ़ती ताकत ने नक्सलियों को सरेंडर के लिए प्रेरित किया।

पूछताछ जारी, अन्य ठिकानों और योजनाओं का खुलासा होगा

पुलिस नक्सलियों से पूछताछ कर रही है, और अधिकारियों को उम्मीद है कि इससे संगठन के अन्य ठिकानों और योजनाओं का खुलासा होगा। आईजी अमरेश मिश्रा ने आदिवासियों से अपील की कि वे माओवादी विचारधारा छोड़कर सामान्य जीवन अपनाएं। गरियाबंद में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है, और हाई अलर्ट जारी है। यह आत्मसमर्पण नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है। बीते कुछ दिनों से नक्सलियों के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है।

यह भी पढ़ें:-

नीतीश का मास्टरस्ट्रोक: बिहार में 1 करोड़ नौकरियां, मुफ्त जमीन और दोगुनी सब्सिडी का ऐलान

- Advertisement - Advertisement - Yatra Swaaha
RELATED ARTICLES
New Delhi
overcast clouds
28.3 ° C
28.3 °
28.3 °
71 %
3.8kmh
99 %
Sat
31 °
Sun
36 °
Mon
27 °
Tue
28 °
Wed
31 °

Most Popular