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Wednesday, July 22, 2026
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बीजापुर में नक्सलियों के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई, 31 ढेर; अमित शाह ने दी बधाई

Naxalite Encounter: बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों को नक्सलियों के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। कर्रेगुट्टा पहाड़ी क्षेत्र में चलाए गए संयुक्त अभियान में सुरक्षा बलों ने 31 नक्सलियों को मार गिराया है।

Naxalite Encounter: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों को नक्सलवाद के खिलाफ एक बड़ी और ऐतिहासिक सफलता मिली है। बीजापुर-तेलंगाना सीमा पर स्थित कर्रेगुट्टा पहाड़ी क्षेत्र में चलाए गए एक संयुक्त अभियान में सुरक्षा बलों ने 31 कुख्यात नक्सलियों को मार गिराया है। यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है, जिसमें भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए गए हैं। इस अभियान को अंजाम देने में सीआरपीएफ, एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स), डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और स्थानीय पुलिस बलों की अहम भूमिका रही।

Naxalite Encounter: 21 दिन चला ऑपरेशन, बिना किसी जवान की शहादत

कर्रेगुट्टा पहाड़ियों में यह ऑपरेशन करीब 21 दिनों तक चला। दुर्गम पहाड़ी इलाकों, घने जंगलों और खराब मौसम के बावजूद सुरक्षा बलों ने अद्भुत संयम, साहस और रणनीति का परिचय दिया। खास बात यह रही कि इस भारी मुठभेड़ में एक भी जवान शहीद नहीं हुआ। यह सुरक्षा बलों की कुशल योजना, सतर्कता और प्रशिक्षण का परिणाम है।

Naxalite Encounter: नक्सलियों के यूनिफाइड हेडक्वार्टर पर हमला

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस सफलता पर सुरक्षा बलों को बधाई देते हुए कहा कि यह नक्सलवाद के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी जीत है। उन्होंने बताया कि कर्रेगुट्टालू (Kurraguttalu) पहाड़, जिसे कभी ‘लाल आतंक’ का गढ़ माना जाता था, नक्सलियों की कई बड़ी इकाइयों जैसे पीएलजीए बटालियन-1, डीकेएसजेडसी, टीएससी और सीआरसी का संयुक्त मुख्यालय था। यहां न केवल नक्सलियों की ट्रेनिंग होती थी, बल्कि हथियार निर्माण और रणनीतिक योजना भी यहीं बनाई जाती थी।

गृह मंत्री ने कहा, आज उसी पहाड़ पर तिरंगा लहरा रहा है। यह हमारे जवानों की बहादुरी का प्रतीक है और ‘नक्सल फ्री भारत’ के संकल्प की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

Naxalite Encounter: नक्सलवाद पर शिकंजा: 2014 से अब तक की स्थिति

सीआरपीएफ के महानिदेशक ने जानकारी दी कि नक्सल विरोधी अभियान की शुरुआत 2014 में की गई थी, लेकिन 2019 के बाद से यह अभियान अधिक तेज़ी से आगे बढ़ा। उन्होंने बताया कि जहां 2014 में देश के 35 जिले नक्सली हिंसा से प्रभावित थे, वहीं अब यह संख्या घटकर मात्र 6 जिलों तक सीमित रह गई है। सुरक्षा बलों के लिए देशभर में संयुक्त प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है, जिससे उनकी रणनीतिक और सामरिक क्षमताएं काफी मजबूत हुई हैं।

ऑपरेशन की सफलता में खुफिया एजेंसियों की बड़ी भूमिका

इस ऑपरेशन की सफलता में खुफिया एजेंसियों की भूमिका भी बेहद अहम रही। सुरक्षाबलों को नक्सलियों की गतिविधियों और ठिकानों की सटीक जानकारी समय पर मिलती रही, जिससे रणनीति बनाने और सटीक निशाना साधने में मदद मिली।

अमित शाह का नक्सलमुक्त भारत का संकल्प

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार 31 मार्च 2026 तक भारत को पूरी तरह नक्सलमुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह ऑपरेशन उसी संकल्प की दिशा में एक मजबूत कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार विकास और सुरक्षा के दोहरे एजेंडे पर काम कर रही है ताकि नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति, शिक्षा और रोजगार का वातावरण बन सके।

देश को जवानों पर गर्व

गृह मंत्री ने सीआरपीएफ, एसटीएफ और डीआरजी के उन सभी जवानों की प्रशंसा की, जिन्होंने अत्यंत कठिन परिस्थितियों में नक्सलियों से मोर्चा लिया और देश को गौरवान्वित किया। उन्होंने कहा, पूरे देश को आप पर गर्व है। आप हमारे सच्चे नायक हैं।

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