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Friday, October 16, 2026
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लखपति दीदी योजना: धमतरी की महिलाएं बन रही आत्मनिर्भर, मशरूम खेती से किराना दुकान तक सफलता की मिसाल

Lakhpati Didi Yojana: लखपति दीदी योजना की शुरुआत 2023 में हुई थी, जिसका लक्ष्य देशभर में 3 करोड़ महिलाओं को वार्षिक एक लाख रुपये से अधिक आय वाली 'लखपति दीदी' बनाना है।

Lakhpati Didi Yojana: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी लखपति दीदी योजना छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बनकर उभरी है। इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जुड़ी महिलाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण और आसान ऋण उपलब्ध कराकर आर्थिक रूप से सशक्त किया जा रहा है। जिले में सैकड़ों महिलाएं अब विभिन्न व्यवसाय शुरू कर सालाना एक लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर रही हैं, जिससे वे ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचानी जा रही हैं।

Lakhpati Didi Yojana: 3 करोड़ महिलाओं को लखपति बनाना

लखपति दीदी योजना की शुरुआत 2023 में हुई थी, जिसका लक्ष्य देशभर में 3 करोड़ महिलाओं को वार्षिक एक लाख रुपये से अधिक आय वाली ‘लखपति दीदी’ बनाना है। योजना दीनदयाल अंत्योदाय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत चलाई जा रही है। इसमें महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है और व्यवसाय शुरू करने के लिए 1 से 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त या कम ब्याज वाला ऋण उपलब्ध कराया जाता है। छत्तीसगढ़ में इसे ‘बिहान’ योजना के माध्यम से लागू किया जा रहा है, जिससे धमतरी जैसे जिलों में हजारों महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। जिले में अब तक 1200 से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।

Lakhpati Didi Yojana: घर में मशरूम खेती से लाखों की कमाई

डोंगरडुला गांव की निवासी खिलेश्वरी साहू इस योजना की जीती-जागती मिसाल हैं। विहान समूह से जुड़कर उन्होंने घर में ही मशरूम की खेती शुरू की। आईएएनएस से बातचीत में खिलेश्वरी ने कहा, “मैं मशरूम का उत्पादन करती हूं। एक किलो बीज से लगभग 10 किलो मशरूम की पैदावार होती है। वर्तमान में मैं 12 किलो मशरूम का उत्पादन कर रही हूं, जिससे दो महीने में 50 से 60 हजार रुपये की आमदनी हो जाती है। सालाना करीब एक लाख रुपये तक कमाई हो रही है। इन पैसों से घर-परिवार की जरूरतें पूरी हो रही हैं। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करती हूं।” मशरूम खेती ने न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत की, बल्कि परिवार में आत्मनिर्भरता भी लाई।

Lakhpati Didi Yojana: झामिन बाई और सजनी कमार की प्रेरक कहानियां

सरस्वती स्वयं सहायता समूह से जुड़ी झामिन बाई ने समूह के माध्यम से 3 लाख रुपये का आसान ऋण लेकर दुकान शुरू की। उन्होंने बताया, “दुकान से हर महीने 10 से 12 हजार रुपये की आमदनी हो रही है। केंद्र सरकार महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चला रही है, इसके लिए मैं धन्यवाद देती हूं।”
वहीं, खरखा गांव की कमार जनजाति की सजनी कमार की कहानी और भी प्रेरणादायक है। पहले उनकी आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि दो वक्त की रोटी भी मुश्किल से जुट पाती थी। विहान समूह से जुड़ने के बाद एक लाख रुपये का ऋण मिला और उन्होंने किराना दुकान खोल ली। अब महीने में 12 से 15 हजार रुपये की कमाई हो रही है। सजनी कहती हैं, “अब परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और हम खुशहाल जीवन जी रहे हैं।”

Lakhpati Didi Yojana: जिले में बढ़ता लखपति दीदी का कारवां

धमतरी जिले में बिहान योजना के तहत महिलाएं मशरूम खेती, किराना दुकान, मुर्गी पालन, सब्जी उत्पादन जैसे विभिन्न व्यवसाय अपना रही हैं। जिला प्रशासन का लक्ष्य अगले वर्ष तक 2000 से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी बनाना है। ये महिलाएं न केवल अपने परिवार को संभाल रही हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत भी बन रही हैं। योजना की सफलता से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है और महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ रहा है।
यह योजना साबित कर रही है कि सही अवसर और समर्थन मिले तो ग्रामीण महिलाएं विकास की मुख्य धारा में शामिल होकर समाज को नई दिशा दे सकती हैं। धमतरी की ये लखपति दीदियां इसी का जीवंत प्रमाण हैं।

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