IED Recovered: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में माओवादियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। 14 जनवरी 2026 को थाना भोपालपटनम और थाना मद्देड़ क्षेत्रों में अलग-अलग ऑपरेशनों के दौरान सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में आईईडी और माओवादियों का एक लॉजिस्टिक डंप बरामद किया। इस कार्रवाई से माओवादियों की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया गया, जो गणतंत्र दिवस से पहले सुरक्षा बलों और स्थानीय ग्रामीणों को निशाना बनाने की योजना थी।
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IED Recovered: मद्देड़ क्षेत्र में कमांड आईईडी की बरामदगी
थाना मद्देड़ के सोमनपल्ली-बंदेपारा कच्चे मार्ग पर माओवादियों ने सतर्कता से दो कमांड आईईडी लगाए थे। प्रत्येक आईईडी का वजन 10-10 किलोग्राम था और इन्हें श्रृंखलाबद्ध (सीरीज) में दबाया गया था। यह मार्ग न केवल सुरक्षा बलों की नियमित गश्त के लिए, बल्कि ग्रामीणों की आवाजाही के लिए भी महत्वपूर्ण है।
IED Recovered: सर्चिंग के दौरान विस्फोटकों की हुइ पहचान
मद्देड़ थाना पुलिस और बॉम्ब डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (बीडीएस) की टीम ने सघन सर्चिंग के दौरान इन विस्फोटकों की पहचान की। टीम ने अत्यंत सावधानी बरतते हुए दोनों आईईडी को सुरक्षित रूप से बरामद किया। इसके बाद बीजापुर की बीडीएस टीम ने सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए इन्हें मौके पर ही नियंत्रित विस्फोट से नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई सुरक्षा बलों की सतर्कता और तकनीकी क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
IED Recovered: भोपालपटनम के घने जंगलों में प्रेशर आईईडी और डंप की खोज
इसी क्रम में थाना भोपालपटनम क्षेत्र के कोण्डापड़गु घने जंगलों में सर्चिंग और डी-माइनिंग अभियान चलाया गया। इस ऑपरेशन में कैंप कांडलापर्ती-2 से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 214 बटालियन और जिला बल की संयुक्त टीम शामिल थी। सघन तलाशी के दौरान माओवादियों द्वारा जमीन में दबाए गए दो प्रेशर आईईडी बरामद हुए, प्रत्येक का वजन 2-2 किलोग्राम था। ये आईईडी पैर रखने पर फटने वाले प्रकार के थे, जिन्हें सीआरपीएफ 214 बटालियन की बीडीडी टीम ने मौके पर ही सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया।
IED Recovered: दो सफेद प्लास्टिक ड्रम दबाए गए थे
सर्च के दौरान एक और महत्वपूर्ण खोज हुई – माओवादियों का एक छिपा हुआ डंप। जंगल में जमीन के नीचे गड्ढा खोदकर दो सफेद प्लास्टिक ड्रम दबाए गए थे। इन ड्रमों में दैनिक उपयोग की रसद सामग्री (राशन, अन्य जरूरी सामान) रखी गई थी। पुलिस का अनुमान है कि यह डंप लंबे समय तक जंगलों में छिपकर रहने वाले माओवादी दस्तों के लिए तैयार किया गया था, ताकि वे बिना सप्लाई लाइन के भी ऑपरेशन चला सकें।
IED Recovered: माओवादियों की रणनीति और सुरक्षा बलों का जवाब
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, माओवादी लगातार आईईडी प्लांट करके सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने और इलाके में दहशत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। विशेषकर गणतंत्र दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसरों से पहले ऐसी साजिशें आम हैं। हालांकि, बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों का मजबूत खुफिया तंत्र, निरंतर सर्च अभियान और क्षेत्रीय दबदबा इन साजिशों को बार-बार विफल कर रहा है।
स्थानीय नागरिकों से अपील
पुलिस और सीआरपीएफ ने स्पष्ट किया है कि जिले में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ अभियान पूरी सख्ती से जारी रहेगा। संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित सर्चिंग, डी-माइनिंग और एरिया डॉमिनेशन ऑपरेशन तेज किए जा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों से अपील की गई है कि कोई भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि दिखने पर तुरंत नजदीकी थाने या सुरक्षा बलों को सूचित करें।
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