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Wednesday, July 1, 2026
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बीजापुर में CRPF की बड़ी सफलता: क्रिसमस पर माओवादियों की साजिश नाकाम, दो IED किए नष्ट

IED Diffuse: टीम ने दो घातक IED बरामद किए—एक का वजन 20 किलोग्राम और दूसरे का 5 किलोग्राम। ये विस्फोटक बड़ी चालाकी से छिपाए गए थे, ताकि गश्त कर रहे जवानों या स्थानीय नागरिकों को निशाना बनाया जा सके।

IED Diffuse: क्रिसमस के दिन छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए माओवादियों की एक घातक साजिश को नाकाम कर दिया। CRPF की 214वीं बटालियन ने घने जंगलों में दो उच्च क्षमता वाले इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) बरामद किए और उन्हें मौके पर ही सुरक्षित निष्क्रिय कर दिया। इससे सुरक्षा बलों और स्थानीय नागरिकों की जान पर मंडरा रहा बड़ा खतरा टल गया। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

IED Diffuse: फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस से निकली टीम

यह सफलता फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (FOB) कंदलपर्ती-2 से शुरू किए गए नियमित माओवादी विरोधी क्षेत्र नियंत्रण अभियान के दौरान मिली। CRPF की 214वीं बटालियन की एक विशेष टीम ने माओवादियों के ज्ञात गढ़ वाले घने जंगलों में गश्त और तलाशी अभियान चलाया। यह इलाका घात लगाकर हमले और विस्फोटक जाल बिछाने के लिए कुख्यात है। बम पहचान एवं निरोधक दस्ते (BDD) ने डिमाइनिंग कार्य के दौरान संदिग्ध वस्तुओं की पहचान की।

IED Diffuse: 20 और 5 किलो वजनी विस्फोटक

टीम ने दो घातक IED बरामद किए—एक का वजन 20 किलोग्राम और दूसरे का 5 किलोग्राम। ये विस्फोटक बड़ी चालाकी से छिपाए गए थे, ताकि गश्त कर रहे जवानों या स्थानीय नागरिकों को निशाना बनाया जा सके। इसके अलावा, काले तिरपाल में लिपटे एक डिब्बे से 110 पटाखों (सूतली बम) के बंडल भी जब्त किए गए, जिनका इस्तेमाल माओवादी अक्सर विस्फोटक बनाने में करते हैं। सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करते हुए BDD विशेषज्ञों ने दोनों IED को मौके पर ही नष्ट कर दिया, जिससे आसपास कोई खतरा नहीं रहा।

IED Diffuse: जवानों की सतर्कता ने टाली बड़ी त्रासदी

अधिकारियों ने CRPF कर्मियों की सूझबूझ और बहादुरी की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह बरामदगी माओवादियों के नापाक इरादों को करारा झटका है। एक अधिकारी ने बताया, “हमारे जवानों की सतर्कता ने एक बार फिर एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया। इससे न केवल जवानों की जान बची, बल्कि स्थानीय लोगों में सुरक्षा का भाव बढ़ा। यह बस्तर में शांति स्थापना के हमारे मिशन को मजबूती देता है।” क्रिसमस जैसे त्योहार पर भी जवानों की ड्यूटी और समर्पण सराहनीय है।

बस्तर में नक्सल विरोधी अभियानों की तेजी

यह सफलता छत्तीसगढ़ में चल रहे तेज नक्सल विरोधी अभियानों का हिस्सा है। सुरक्षा बलों ने नए शिविर स्थापित किए हैं और उग्रवाद को जड़ से मिटाने के लिए लगातार ऑपरेशन चला रहे हैं। बीजापुर जैसे संवेदनशील इलाकों में IED सबसे बड़ा खतरा बने हुए हैं, लेकिन ऐसी बरामदगियां माओवादियों की रीढ़ तोड़ रही हैं। केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त रणनीति से बस्तर क्षेत्र में शांति की उम्मीद बढ़ी है।

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