Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी और योजनाबद्ध कार्रवाई की। थाना मोदकपाल क्षेत्र के ग्राम पंगुड़ में पुलिस और सीआरपीएफ बी/62 वाहिनी (नुकनपाल) की संयुक्त टीम ने सर्च एंड एरिया डॉमिनेशन अभियान चलाया। अभियान में माओवादियों द्वारा पूर्व में निर्मित कुल 6 स्मारकों को चिन्हित कर बुलडोजर और अन्य उपकरणों की मदद से पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई बिना किसी अप्रिय घटना या प्रतिरोध के सफल रही, जिससे क्षेत्र में माओवादी दहशत और वैचारिक प्रभाव को गहरा झटका लगा है।
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Chhattisgarh News: स्मारकों का महत्व और लीक जानकारी
माओवादी संगठन इन स्मारकों को अपने मारे गए साथियों की याद में बनाते हैं, जो उनके लिए प्रतीकात्मक जीत और स्थानीय लोगों में डर फैलाने का माध्यम होते हैं। सुरक्षा एजेंसियों को लंबे समय से इनपुट मिल रहे थे कि पंगुड़ और आसपास के इलाकों में ये स्मारक नई भर्ती, मनोबल बढ़ाने और दहशत बनाए रखने के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं। इसी खुफिया जानकारी के आधार पर अभियान की योजना बनाई गई। जवानों ने बुलडोजर लेकर गांव पहुंचकर पहले ग्रामीणों से संवाद किया, फिर स्मारकों को नष्ट किया। इस दौरान ग्रामीणों में खुशी का माहौल रहा और उन्होंने जोर-जोर से देशभक्ति के नारे लगाए, जैसे “भारत माता की जय” और “जवानों का सम्मान”। यह दर्शाता है कि नक्सल प्रभावित इलाकों में जनता का भरोसा धीरे-धीरे सुरक्षा बलों पर बढ़ रहा है।
Chhattisgarh News: चलित थाना और जन-संपर्क
अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने गांव में चलित थाना (मोबाइल पुलिस स्टेशन) भी लगाया, जहां ग्रामीणों की समस्याओं को सुना गया और तुरंत समाधान के प्रयास किए गए। यह कदम विकास कार्यों को बढ़ावा देने और लोगों को सरकार के साथ जोड़ने का हिस्सा है। पुलिस का कहना है कि ऐसे अभियान न केवल नक्सलियों की साजिशों को नाकाम करते हैं, बल्कि स्थानीय निवासियों में सुरक्षा की भावना मजबूत करते हैं।
Chhattisgarh News: हाल की अन्य कार्रवाइयां
यह सफलता हाल के दिनों में नक्सल विरोधी अभियानों की निरंतरता है। गुरुवार (12 फरवरी) को ही बीजापुर में सुरक्षाबलों ने 30 किलो का घातक आईईडी बरामद किया था। शुक्रवार को ही अलग-अलग अभियानों में ताड़पाला हिल्स क्षेत्र में 14 आईईडी निष्क्रिय किए गए, भारी मात्रा में विस्फोटक, बारूद, नक्सली वर्दी, सौर पैनल और माओवादी साहित्य बरामद हुआ। एक अन्य ऑपरेशन में टेकमेटला कुंजमपारा में एक माओवादी स्मारक भी ध्वस्त किया गया। इन कार्रवाइयों से नक्सलियों की लॉजिस्टिक्स और मनोबल को लगातार नुकसान हो रहा है।
Chhattisgarh News: सरकार की व्यापक रणनीति
छत्तीसगढ़ सरकार और केंद्र की ‘नक्सल मुक्त भारत’ नीति के तहत बीजापुर जैसे जिलों में नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए जा रहे हैं, सड़कें बनाई जा रही हैं और विकास परियोजनाएं तेज की जा रही हैं। माओवादी स्मारकों को ध्वस्त करना प्रतीकात्मक रूप से उनकी विचारधारा को चुनौती देना है। पिछले कुछ महीनों में बीजापुर में दर्जनों मुठभेड़ों में नक्सली मारे गए हैं, हथियार जब्त हुए हैं। ग्रामीणों का सुरक्षा बलों के साथ खड़ा होना एक बड़ा बदलाव है, जो दिखाता है कि नक्सलवाद की जड़ें कमजोर हो रही हैं।
Chhattisgarh News: भविष्य की संभावनाएं
पुलिस और सुरक्षा बलों का कहना है कि ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे। सर्च ऑपरेशन तेज हैं और इलाके में पैट्रोलिंग बढ़ाई गई है। यदि ग्रामीणों का समर्थन बढ़ता रहा और विकास पहुंचता रहा, तो बीजापुर जैसे नक्सल गढ़ों से माओवाद को पूरी तरह उखाड़ फेंकना संभव है। यह कार्रवाई न केवल सुरक्षा बलों की क्षमता दिखाती है, बल्कि राज्य में शांति और विकास की दिशा में एक मजबूत कदम है।
