Bijapur Operation: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में गुरुवार को सुरक्षा बलों और थाना बासागुड़ा पुलिस ने एक महत्वपूर्ण अभियान चलाते हुए माओवादियों द्वारा जंगलों में बनाए गए चार स्मारकों को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई नक्सलियों की पकड़ को कमजोर करने और उनके प्रचार तंत्र को खत्म करने की दिशा में बेहद अहम मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है, आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।
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Bijapur Operation: गुट्टूम और नेण्ड्रा के जंगलों में बने थे स्मारक
अभियान के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने ग्राम गुट्टूम के घने जंगलों में बने तीन माओवादी स्मारकों को तोड़ा। वहीं ग्राम नेण्ड्रा के जंगलों में स्थित एक अन्य स्मारक को भी ध्वस्त कर दिया गया। यह सभी स्मारक गहरे जंगलों में छिपाकर बनाए गए थे और स्थानीय लोगों में भय बनाए रखने के लिए उपयोग किए जाते थे। अधिकारियों के मुताबिक, माओवादी अक्सर ऐसे स्मारकों को अपने मारे गए साथियों की याद में और अपनी विचारधारा के प्रचार-प्रसार के लिए बनाते हैं। इन स्मारकों का उद्देश्य ग्रामीणों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाना और प्रशासन के प्रति अविश्वास पैदा करना होता है।
Bijapur Operation: स्थानीय लोगों में आतंक फैलाने का था उद्देश्य
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि माओवादियों ने इन स्मारकों का निर्माण जानबूझकर गांवों से दूर घने जंगलों में किया था ताकि ग्रामीण उनके प्रभाव में रहें और उनकी गतिविधियों का समर्थन या डर के कारण चुप्पी बनाए रखें। इन संरचनाओं का इस्तेमाल माओवादी अपने वजूद को दिखाने और लोगों में भय पैदा करने के लिए करते थे। सुरक्षा बलों ने कहा कि ऐसे ढांचे माओवादी संगठन की मानसिक युद्ध रणनीति का हिस्सा होते हैं। इन्हें नष्ट करना उनके नेटवर्क को कमजोर करने और ग्रामीण क्षेत्रों में भरोसा लौटाने के लिए जरूरी है।
Bijapur Operation: लगातार खोजी अभियान दे रहे परिणाम
थाना बासागुड़ा पुलिस और बीजापुर में तैनात सुरक्षा बलों की टीमें लगातार जंगलों में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में सक्रिय निगरानी और पेट्रोलिंग के कारण माओवादी संरचनाओं का पता चल रहा है और उन्हें तुरंत नष्ट किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान और तेज किए जाएंगे ताकि माओवादी प्रभाव को जड़ से खत्म किया जा सके। सुरक्षा बलों का लक्ष्य है कि कोई भी अवैध, भय फैलाने वाला ढांचा ग्रामीणों के बीच अस्तित्व में न रहे।
Bijapur Operation: ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे माओवादियों के डर या किसी भी प्रकार के दबाव में न आएं। उन्हें किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस या सुरक्षा बलों को देने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो और आम नागरिकों को अभियान से कोई असुविधा न हो। सुरक्षा बल ग्रामीणों के बीच विश्वास बहाली और सहयोग बढ़ाने के लिए निरंतर संवाद भी कर रहे हैं।
Bijapur Operation: बीजापुर में माओवादी प्रभाव होगा कमजोर
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे ऑपरेशन बीजापुर जैसे संवेदनशील जिलों में माओवादी गतिविधियों को कम करने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। माओवादी स्मारकों का ध्वस्तीकरण उनके मनोवैज्ञानिक प्रभाव को कम करता है और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन और पुलिस की उपस्थिति मजबूत रूप से स्थापित करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार होने वाले सर्च ऑपरेशन और नक्सल प्रभावित इलाकों में बढ़ती सुरक्षा व्यवस्था से माओवादी काफी हद तक कमजोर होते जा रहे हैं। यह अभियान क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा बहाल करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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