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Thursday, August 20, 2026
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MSP Hike: मोदी सरकार का किसानों को दिवाली गिफ्ट, गेहूं और चना समेत 6 फसलों पर MSP बढ़ाई

MSP Hike: मोदी सरकार ने रबी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में इजाफा किया है, जिसमें गेहूं और चना समेत कुल 6 फसलें शामिल हैं।

MSP Hike: मोदी सरकार ने रबी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में इजाफा किया है, जिसमें गेहूं और चना समेत कुल 6 फसलें शामिल हैं। इस फैसले से किसानों में खुशी की लहर है और उन्होंने सरकार का आभार व्यक्त किया है। यह वृद्धि किसानों के लिए दिवाली के अवसर पर एक उपहार के रूप में देखी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने रबी फसलों के लिए 2025-26 के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि की घोषणा की है। इस बढ़ोतरी से किसानों की आय में सुधार होगा और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। एमएसपी में यह बढ़ोतरी किसानों को प्रोत्साहित करने और उत्पादन लागत को कवर करने के उद्देश्य से की गई है।

सरसों में 300 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी

सीसीईए द्वारा रबी फसलों के एमएसपी में की गई वृद्धि के अनुसार, सरसों के लिए एमएसपी में 300 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है, जो सबसे ज्यादा है। इसके बाद मसूर की एमएसपी में 275 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। इस फैसले से किसानों को बेहतर आय मिलने और कृषि उत्पादन में सुधार की उम्मीद है, जिससे किसानों ने सरकार का आभार व्यक्त किया है।

चना, गेहूं, जौ की कीमत में इतनी हुई वृद्धि

2025-26 रबी फसलों के लिए एमएसपी में की गई बढ़ोतरी के तहत, चना के लिए 210 रुपये प्रति क्विंटल, गेहूं के लिए 150 रुपये प्रति क्विंटल, कुसुम के लिए 140 रुपये प्रति क्विंटल और जौ के लिए 130 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। यह बढ़ोतरी किसानों को बेहतर समर्थन प्रदान करने और उनकी आय में सुधार लाने के उद्देश्य से की गई है।

किसान होंगे मालामाल

केंद्र सरकार की रबी फसलों के लिए एमएसपी में की गई वृद्धि 2018-19 के केंद्रीय बजट की घोषणा के अनुरूप है, जिसमें एमएसपी को अखिल भारतीय औसत उत्पादन लागत के कम से कम 1.5 गुना करने की नीति अपनाई गई थी। इस कदम का उद्देश्य किसानों को उनकी फसलों के लिए बेहतर कीमतें प्रदान करना और उनकी आय को सुनिश्चित करना है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके।

उर्वरकों की लागत का भार कम और कृषि उत्पादकता में सुधार की उम्मीद

पिछले महीने कैबिनेट ने रबी फसलों के लिए 24,475.53 करोड़ रुपये के बजटीय परिव्यय के साथ फॉस्फेटिक और पोटाश (पी एंड के) उर्वरकों पर पोषक तत्व-आधारित सब्सिडी (एनबीएस) दरों को मंजूरी दी थी। इस निर्णय का उद्देश्य किसानों को किफायती और उचित मूल्य पर सब्सिडीयुक्त उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है, जिससे उनकी उत्पादन लागत कम हो और कृषि लाभप्रद बने। इससे किसानों को उर्वरकों की लागत का भार कम होगा और कृषि उत्पादकता में सुधार की उम्मीद है।

सरसों में हुई सबसे अधिक बढ़ोतरी

सरकार ने रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि की है। सबसे अधिक बढ़ोतरी सरसों के लिए की गई है, जिसका MSP 300 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया गया है। इसके बाद मसूर का MSP 275 रुपये बढ़ाया गया है। चना, गेहूं, कुसुम, और जौ के MSP में क्रमशः 210 रुपये, 150 रुपये, 140 रुपये, और 130 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई है। MSP में यह वृद्धि 2018-19 के केंद्रीय बजट में घोषित 1.5 गुना उत्पादन लागत के अनुसार की गई है।

रबी फसलों पर एमएसपी बढ़ने से किसान खुश, सरकार का जताया आभार

हरियाणा के किसानों ने केंद्र सरकार द्वारा रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि के फैसले पर प्रसन्नता जाहिर की है। रोहतक के किसान संजय कुमार ने इसे किसानों के लिए लाभकारी बताया, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। कुरुक्षेत्र के एक किसान ने भी सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि इससे किसानों को प्रोत्साहन मिलेगा और उनकी पैदावार बढ़ेगी। किसानों का कहना है कि सरकार ने रबी फसलों, खासकर गेहूं और सरसों के दाम बढ़ाकर उन्हें दिवाली का गिफ्ट दिया है।

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