Pro-tem Speaker of Bihar Assembly: बिहार विधानसभा के नवनिर्वाचित सदन के पहले सत्र से ठीक पहले जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता नरेंद्र नारायण यादव को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया है। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने सोमवार को राजभवन में उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। 74 वर्षीय यादव मधेपुरा जिले की आलमनगर विधानसभा सीट से लगातार आठवीं बार विधायक चुने गए हैं। प्रोटेम स्पीकर के रूप में उनका पहला कर्तव्य नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाना होगा, उसके बाद स्थायी स्पीकर का चुनाव होगा। यह नियुक्ति एनडीए सरकार की एकता और नीतीश कुमार की रणनीति को दर्शाती है, जहां जेडीयू को महत्वपूर्ण विधायी भूमिका मिली है।
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Pro-tem Speaker of Bihar Assembly: शांतिप्रिय और सुलझे हुए नेता की छवि
नरेंद्र नारायण यादव का राजनीतिक सफर बिहार की ग्रामीण राजनीति का प्रतीक है। 1995 से आलमनगर सीट पर अपराजित योद्धा के रूप में विख्यात, वे जेडीयू के कोर कमेटी सदस्य हैं। पूर्व में मंत्री रह चुके यादव की छवि शांतिप्रिय और सुलझे हुए नेता की है। बिहार चुनाव 2025 में उन्होंने विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के नबीन कुमार को 55,465 वोटों के भारी अंतर से हराया। यादव को 1,38,401 वोट मिले, जबकि नबीन को 82,936। तीसरे नंबर पर जन सुराज के सुबोध कुमार सुमन रहे। मतदान 6 नवंबर को हुआ, जहां 69.82% वोट पड़े। यादव की जीत ने साबित किया कि आलमनगर में जेडीयू का आधार मजबूत है, जो पिछली बार 2020 में 28,680 वोटों से जीते थे।
Pro-tem Speaker of Bihar Assembly: एनडीए की भारी जीत, 202 सीटों पर कब्जा
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 एनडीए के लिए ऐतिहासिक रहा। 6-11 नवंबर को दो चरणों में हुए मतदान के 14 नवंबर को आए नतीजों में एनडीए ने 243 सीटों में से 202 पर कब्जा जमाया। भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी (89 सीटें), नीतीश कुमार की जेडीयू 85 सीटों पर सिमटी लेकिन अपनी 2020 की 43 सीटों से दोगुनी मजबूती दिखाई। चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) ने 19 सीटें जीतीं, जो एनडीए में तीसरी सबसे बड़ी सहयोगी बनी। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) को 5 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) को 4 सीटें मिलीं।
Pro-tem Speaker of Bihar Assembly: महागठबंधन की हुई करारी हार
महागठबंधन की करारी हार हुई, मात्र 35 सीटें ही बचीं। आरजेडी को 25, कांग्रेस को 6, सीपीआई(एमएल) को 2, सीपीआई(एम) को 1 और अन्य को 1 सीट मिली। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी खाता भी न खोल सकी। एनडीए की वोट शेयर 46.7% रही, जबकि महागठबंधन की 37.5%। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे ‘महिला-युवा’ फॉर्मूले की जीत बताया, जबकि नीतीश कुमार ने ‘सुशासन’ की वापसी का श्रेय दिया। विपक्ष ने ‘SIR’ (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को वोटर लिस्ट में हेरफेर का आरोप लगाया, लेकिन अदालत ने इसे खारिज किया।
विधानसभा अध्यक्ष पद पर भाजपा की दावेदारी
नई विधानसभा के गठन के साथ अध्यक्ष पद को लेकर एनडीए में लॉबिंग तेज हो गई है। भाजपा ने इसकी दावेदारी मजबूती से पेश की है, जहां वरिष्ठ नेता प्रेम कुमार फ्रंटरनर हैं। पिछली विधानसभा में भाजपा के नंद किशोर यादव स्पीकर थे, लेकिन इस बार उन्हें टिकट नहीं मिला। जेडीयू उपसभापति पद पर दावा कर रही है। सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार और भाजपा आलाकमान के बीच बातचीत अंतिम चरण में है। स्पीकर चुनाव से पहले प्रोटेम स्पीकर यादव नवनिर्वाचित 242 विधायकों (एक सीट पर उपचुनाव) को शपथ दिलाएंगे। पहला सत्र 26 नवंबर से शुरू होने की संभावना है।
नरेंद्र नारायण यादव की नियुक्ति जेडीयू के लिए गौरव का विषय है। पूर्व डिप्टी स्पीकर रह चुके वे सदन की कार्यवाही सुचारू रखने के लिए जाने जाते हैं। आलमनगर जैसे पिछड़े इलाके से आठ बार जीत उनकी मेहनत और जनसंपर्क को दर्शाती है। एनडीए की इस जीत ने बिहार में स्थिर सरकार का रास्ता साफ कर दिया है, जहां विकास और रोजगार प्रमुख एजेंडा रहेंगे। विपक्ष की हार से आरजेडी में मंथन शुरू हो गया है। यादव ने शपथ लेते हुए कहा, ‘सदन को निष्पक्षता से चलाना मेरा कर्तव्य होगा।’ बिहार की राजनीति एक नए अध्याय में प्रवेश कर चुकी है।
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