Bihar Elections: बिहार विधानसभा चुनाव के चौथे चरण में काराकाट सीट से निर्दलीय उम्मीदवार और भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह पर चुनाव आयोग ने सख्त कार्रवाई की है। मतदान से ठीक एक दिन पहले 10 नवंबर की रात बिक्रमगंज के एक होटल में आदर्श आचार संहिता (MCC) का उल्लंघन करने के आरोप में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। बिक्रमगंज एसडीएम सह रिटर्निंग ऑफिसर प्रभात कुमार के नेतृत्व में रात करीब 11 बजे होटल पर छापा मारा गया, जहां ज्योति सिंह अपने 15-18 समर्थकों के साथ ठहरी पाई गईं। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, प्रचार अवधि समाप्त होने के 48 घंटे बाद बाहरी व्यक्तियों का निर्वाचन क्षेत्र में रहना प्रतिबंधित है।
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Bihar Elections: समर्थकों के साथ होटल में रूकी थी ज्योति सिंह
चुनाव आयोग के दिशानिर्देश स्पष्ट हैं: काराकाट विधानसभा क्षेत्र में प्रचार 9 नवंबर शाम 5 बजे समाप्त हो गया। इसके बाद किसी भी बाहरी प्रचारक या समर्थक को क्षेत्र में रुकने की अनुमति नहीं है। एसडीएम प्रभात कुमार ने बताया, ‘ज्योति सिंह और उनके समर्थक होटल में रुके थे, जबकि उन्हें क्षेत्र खाली करने का निर्देश दिया गया था। निरीक्षण में पाया गया कि उनके तीन वाहनों में से दो के परमिट समाप्त हो चुके थे, जबकि तीसरा वाहन पूरी तरह अनधिकृत था। होटल रजिस्टर में भी कई लोगों के नाम दर्ज नहीं थे।’
Bihar Elections: एसडीएम ने ज्योति सिंह पर लगाए ये आरोप
छापेमारी के दौरान समर्थकों ने सरकारी कार्य में बाधा डाली। एसडीएम के अनुसार, ‘निरीक्षण टीम के साथ सहयोग नहीं किया गया। कुछ समर्थकों ने वाहन परिसर से हटा दिए, ताकि जांच न हो सके।’ अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि महिला कक्ष में कोई प्रवेश नहीं किया गया। एसडीएम ने कहा, ‘महिला उम्मीदवार को देखते ही टीम दरवाजे पर रुक गई और केवल पुरुष कक्षों की जांच की।’ प्राथमिकी आदर्श आचार संहिता उल्लंघन, सरकारी कार्य में बाधा और संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई है। रोहतास पुलिस ने केस की पुष्टि की और कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आगे की कार्रवाई होगी।
Bihar Elections: ज्योति सिंह का पलटवार
ज्योति सिंह ने पूरी कार्रवाई को “राजनीतिक साजिश” करार दिया। उन्होंने मीडिया से कहा, “मैंने कोई गलती नहीं की। मतदान से एक दिन पहले रात में मेरे कमरे पर छापा मारा गया, बिना महिला कांस्टेबल के। मुझे और मेरे परिवार को चार घंटे तक परेशान किया गया। यह मुझे निशाना बनाने की कोशिश है।” ज्योति ने दावा किया कि वे होटल में केवल रात गुजारने के लिए रुकी थीं और कोई प्रचार गतिविधि नहीं कर रही थीं। उन्होंने प्रश्न उठाया कि आखिर रात में छापे का मकसद क्या था?
Bihar Elections: अधिकारियों ने खारिज किए सभी आरोप
हालांकि, चुनाव अधिकारियों ने उनके सभी आरोपों को खारिज किया। एसडीएम ने कहा, ‘कोई महिला कक्ष में प्रवेश नहीं हुआ। सभी प्रक्रियाएं नियमों के तहत हुईं। होटल में मौजूद सभी व्यक्ति निर्वाचन क्षेत्र के बाहर से थे, जो स्पष्ट उल्लंघन है।’ स्थानीय पुलिस सूत्रों ने बताया कि ज्योति के समर्थकों में कई बाहरी लोग शामिल थे, जिनके पास वैध दस्तावेज नहीं थे।
काराकाट सीट: पवन सिंह का प्रभाव, ज्योति की एंट्री
काराकाट सीट राजनीतिक रूप से गर्म है। पहले चरण में पवन सिंह ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन किया था, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी पत्नी ज्योति सिंह को मैदान में उतारा। पवन सिंह भोजपुरी सिनेमा के बड़े नाम हैं और उनके प्रशंसक आधार से ज्योति को फायदा मिलने की उम्मीद थी। प्रचार के दौरान पवन सिंह ने कई रैलियां कीं, लेकिन MCC लागू होने के बाद वे क्षेत्र से बाहर चले गए। ज्योति ने अकेले प्रचार संभाला।
चुनाव आयोग ने पूरे राज्य में MCC की सख्ती बढ़ा दी है। बिहार में पांचवें चरण का मतदान 13 नवंबर को हो रहा है, जिसमें काराकाट भी शामिल है। रोहतास जिला प्रशासन ने सभी होटलों, गेस्ट हाउस और लॉज की निगरानी बढ़ा दी है। डीएम ने कहा, “कोई भी उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उम्मीदवारों को बार-बार चेतावनी दी गई है।
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