Anti Naxal Operation: बिहार के औरंगाबाद जिले में नक्सल विरोधी अभियान तेज हो गया है। पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की संयुक्त टीम ने नक्सलियों के हमलों की योजना पर पानी फेरते हुए मदनपुर थाना क्षेत्र के गोबरदाह पहाड़ के जंगली इलाके से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की है। सोमवार को पुलिस अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि यह कार्रवाई गुप्त सूचना पर आधारित थी, जिसमें नक्सलियों द्वारा बड़े पैमाने पर विस्फोटक छिपाकर रखने की बात कही गई थी।
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Anti Naxal Operation: गुप्त सूचना पर शुरू हुआ तलाशी अभियान
औरंगाबाद पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि मदनपुर थाना अंतर्गत गोबरदाह पहाड़ पर नक्सलियों ने बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री छिपाई हुई है। इस सूचना के आधार पर पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया। जंगली और दुर्गम इलाके में सर्च ऑपरेशन के दौरान टीम को सफलता मिली और भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ जब्त किए गए। अधिकारी ने बताया कि यह सामग्री नक्सलियों द्वारा बड़े हमले या विस्फोट की तैयारी में इस्तेमाल होने वाली थी।
Anti Naxal Operation: बरामद सामग्री में क्या-क्या शामिल?
बरामद विस्फोटकों की सूची काफी चिंताजनक है। इसमें शामिल हैं:
- 44 जिंदा कारतूस
- 32 खोखा (खाली कारतूस)
- 25 मीटर कोडेक्स वायर (विस्फोटक को जोड़ने वाला तार)
- 29 कॉमर्शियल डेटोनेटर
- एक केन आईईडी डेटोनेटर के साथ
- एक प्रेशर मेकेनिज्म, दो मीटर तार और नौ वोल्ट बैटरी
ये सभी सामग्रियां आईईडी (इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बनाने के लिए इस्तेमाल की जा सकती थीं। अधिकारी ने कहा कि बरामद आईईडी और डेटोनेटर को जंगली इलाके में ही सुरक्षित और नियंत्रित तरीके से विनष्ट कर दिया गया, ताकि किसी को कोई खतरा न हो। इस मामले में मदनपुर थाना में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है।
Anti Naxal Operation: नक्सलियों का मनोबल टूटा
पुलिस अधिकारी का दावा है कि लगातार संयुक्त कार्रवाई से नक्सलियों का मनोबल काफी गिरा हुआ है। औरंगाबाद जिला लंबे समय से नक्सल प्रभावित रहा है, लेकिन हाल के महीनों में पुलिस और सीआरपीएफ की सक्रियता बढ़ी है। अधिकारी ने कहा, “नक्सली गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए छापेमारी और सर्च ऑपरेशन लगातार जारी रहेंगे।” यह बरामदगी नक्सलियों की बड़ी साजिश को नाकाम करने का प्रमाण है, जिससे सुरक्षा बलों को बड़ा मनोबल मिला है।
Anti Naxal Operation: एक दिन पहले अफीम की अवैध खेती नष्ट
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब ठीक एक दिन पहले औरंगाबाद के अतिनक्सल प्रभावित देव प्रखंड अंतर्गत ढिबरा थाना क्षेत्र के बनुआ टोले पक्का पर इलाके में पुलिस और सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई की थी। जंगली और दुर्गम इलाके में नक्सलियों द्वारा संरक्षित अफीम की अवैध खेती को बड़े पैमाने पर नष्ट किया गया। यह खेती नक्सलियों के लिए आय का प्रमुख स्रोत मानी जाती है, और इसे नष्ट करना उनके आर्थिक आधार को कमजोर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
Anti Naxal Operation: बिहार में नक्सलवाद पर लगाम की कोशिशें
बिहार सरकार और केंद्र की ओर से नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए एंटी-नक्सल ऑपरेशन तेज किए गए हैं। औरंगाबाद, गया, लातेहार जैसे जिले अभी भी प्रभावित हैं, लेकिन हाल के वर्षों में गिरफ्तारियां, हथियार बरामदगी और आत्मसमर्पण बढ़े हैं। 2025-26 में बिहार पुलिस ने कई बड़े ऑपरेशन चलाए, जिसमें सैकड़ों नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया और उनके ठिकानों को ध्वस्त किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि विस्फोटक बरामदगी जैसे ऑपरेशन नक्सलियों की क्षमता को सीमित कर रहे हैं और स्थानीय लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा रहे हैं।
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