रायपुर : छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारजनों के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में शासकीय सेवकों और उनके पात्र आश्रितों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस व्यवस्था का उद्देश्य इलाज के दौरान कर्मचारियों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना और चिकित्सा प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया को आसान बनाना है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद पात्र कर्मचारियों और उनके आश्रितों को निर्धारित नियमों के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा मिल सकेगी। इससे इलाज के लिए पहले अपनी जेब से बड़ी रकम खर्च करने और बाद में बिल जमा कर प्रतिपूर्ति का इंतजार करने की परेशानी कम होने की उम्मीद है।
इलाज के लिए पहले पैसे जुटाने की परेशानी होगी कम
वर्तमान व्यवस्था में कई बार सरकारी कर्मचारियों को अस्पताल में इलाज कराने के लिए पहले खुद खर्च उठाना पड़ता है। इसके बाद चिकित्सा बिल और जरूरी दस्तावेज जमा कर प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन करना होता है। इस प्रक्रिया में समय लग सकता है और कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
कैशलेस चिकित्सा सुविधा का उद्देश्य इस प्रक्रिया को सरल बनाना है, ताकि पात्र कर्मचारियों को इलाज के समय बड़ी राशि का इंतजाम न करना पड़े। गंभीर बीमारी, दुर्घटना और आपातकालीन परिस्थितियों में यह व्यवस्था विशेष रूप से मददगार हो सकती है।
आश्रित परिवारजनों को भी मिलेगा लाभ
राज्य मंत्रिपरिषद से मंजूर प्रस्ताव में शासकीय सेवकों के साथ उनके पात्र आश्रित परिवारजनों को भी शामिल किया गया है। यानी योजना की शर्तें पूरी करने वाले परिवार के सदस्य भी निर्धारित अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे।
अचानक बीमारी या दुर्घटना की स्थिति में परिवार पर आर्थिक दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में कैशलेस उपचार की सुविधा मिलने से पात्र परिवारों को इलाज के लिए तत्काल धन की व्यवस्था करने की चिंता से राहत मिल सकती है।
ऑनलाइन होगी अनुमोदन और दावों की प्रक्रिया
नई व्यवस्था को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल प्रक्रिया अपनाने का भी प्रावधान किया गया है। इसके तहत उपचार से संबंधित पूर्व-अनुमोदन और चिकित्सा दावों की प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जाएगी।
इससे कर्मचारियों, अस्पतालों और संबंधित विभागों के बीच जानकारी का आदान-प्रदान व्यवस्थित करने तथा चिकित्सा प्रतिपूर्ति से जुड़ी औपचारिकताओं को आसान बनाने में मदद मिल सकती है।
सूचीबद्ध अस्पतालों में मिलेगी कैशलेस सुविधा
योजना के अंतर्गत उपचार की सुविधा निर्धारित सूचीबद्ध अस्पतालों में ही उपलब्ध होगी। इसलिए कर्मचारियों के लिए यह जानना जरूरी होगा कि उनके शहर या जिले में कौन-कौन से अस्पताल इस योजना में शामिल हैं।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में अस्पतालों की अंतिम सूची, उपचार की अधिकतम सीमा, पात्रता की विस्तृत शर्तें और योजना लागू होने की निश्चित तारीख स्पष्ट नहीं की गई है। इन विषयों पर शासन की ओर से विस्तृत दिशा-निर्देश जारी होने के बाद स्थिति साफ होगी।
कर्मचारियों को अब विस्तृत दिशा-निर्देशों का इंतजार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के इस निर्णय को शासकीय कर्मचारियों और उनके परिवारों की स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। योजना का उद्देश्य इलाज के दौरान होने वाले आर्थिक दबाव को कम करना और चिकित्सा खर्च की प्रतिपूर्ति से जुड़ी प्रक्रिया को सरल बनाना है।
अब कर्मचारियों की नजर योजना के क्रियान्वयन, पात्रता के नियमों, सूचीबद्ध अस्पतालों और सुविधा शुरू होने की तारीख पर रहेगी। विस्तृत दिशा-निर्देश जारी होने के बाद ही कैशलेस उपचार का लाभ लेने की पूरी प्रक्रिया स्पष्ट हो सकेगी।
