30.1 C
New Delhi
Friday, October 23, 2026
Homeदेशआधी रात महाकाल मंदिर में घुसे आतंकी! NSG कमांडो के खतरनाक एक्शन...

आधी रात महाकाल मंदिर में घुसे आतंकी! NSG कमांडो के खतरनाक एक्शन से मचा हड़कंप, जानें पूरा मामला

उज्जैन : मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आधी रात को उस समय हलचल मच गई, जब काले कपड़ों में आधुनिक हथियारों से लैस एनएसजी (NSG) के ब्लैक कैट कमांडो एक्शन मोड में नजर आए। अचानक कमांडो की गतिविधियां देखकर मंदिर परिसर और आसपास मौजूद लोग हैरान रह गए। हालांकि, यह कोई वास्तविक आतंकी हमला नहीं था, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए आयोजित एक विशेष मॉकड्रिल थी।

रात 12 बजे से 2 बजे तक चला सुरक्षा अभ्यास

महाकाल मंदिर की संवेदनशीलता और यहां आने वाले श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने यह विशेष अभ्यास किया। मुंबई से आई एनएसजी की टीम ने रात 12 बजे से सुबह 2 बजे तक मॉकड्रिल को अंजाम दिया। इसकी शुरुआत महाकाल लोक के नंदी द्वार से हुई, जबकि अभ्यास मानसरोवर क्षेत्र तक जारी रहा।

इस दौरान ब्लैक ड्रेस में भारी हथियारों से लैस कमांडो की गतिविधियां देखकर कुछ समय के लिए लोगों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई। हालांकि, यह पूरा घटनाक्रम सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से किया जा रहा था।

अंधेरा होते ही एक्शन मोड में आए कमांडो

मॉकड्रिल के दौरान एनएसजी के जवानों ने संभावित आतंकी हमले जैसी परिस्थितियों से निपटने का अभ्यास किया। कमांडो ने खंभों की आड़ लेकर आगे बढ़ने और एक-दूसरे को कवर देने जैसी रणनीतियों का प्रदर्शन किया। अभ्यास के दौरान रणनीतिक रूप से लाइट बंद कर अंधेरा भी किया गया, ताकि कम रोशनी में ऑपरेशन करने की क्षमता को परखा जा सके।

अंधेरे के बावजूद कमांडो ने तेजी और सटीकता के साथ अपना अभियान जारी रखा। महाकाल लोक के खंभों की आड़ लेते हुए जवान निर्धारित लक्ष्य की ओर बढ़ते रहे।

छिपे संदिग्ध को खोजा, श्रद्धालुओं के रेस्क्यू का भी अभ्यास

इस मॉकड्रिल का एक प्रमुख हिस्सा परिसर में छिपे संदिग्ध को तलाशना था। अभ्यास के दौरान कमांडो ने अंधेरे में तलाशी अभियान चलाया और संदिग्ध को खोज निकाला। इसके साथ ही आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की प्रक्रिया का भी पूर्वाभ्यास किया गया।

अभ्यास में घायल श्रद्धालु को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था को भी दोहराया गया। अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरे ऑपरेशन में संदिग्ध और श्रद्धालुओं की भूमिका निभाने वाले लोग डमी थे। यानी मंदिर में किसी वास्तविक आतंकी हमले या हमलावर के घुसने की घटना नहीं हुई थी।

100 से अधिक NSG कमांडो हुए शामिल

इस विशेष सुरक्षा अभ्यास में 100 से अधिक एनएसजी कमांडो ने हिस्सा लिया। एनएसजी के साथ स्थानीय पुलिस और मंदिर प्रशासन की टीमें भी सक्रिय रहीं। सभी एजेंसियों ने आपसी समन्वय के साथ संभावित आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों का परीक्षण किया।

उज्जैन के एडिशनल एसपी आलोक शर्मा ने बताया कि महाकाल मंदिर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों और आस्था के बड़े केंद्रों में शामिल है। किसी भी आपातकालीन या अप्रिय स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को पुख्ता करने के उद्देश्य से यह एडवांस मॉकड्रिल आयोजित की गई थी।

पहले भी हो चुका है ऐसा अभ्यास

महाकाल मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए इससे पहले भी मॉकड्रिल आयोजित की जा चुकी है। जानकारी के मुताबिक, 26 सितंबर 2023 को भी मंदिर परिसर में संभावित आतंकी घटनाओं से निपटने और रेस्क्यू ऑपरेशन का पूर्वाभ्यास किया गया था।

इस तरह के अभ्यास का उद्देश्य सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता, आपसी तालमेल और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की क्षमता को मजबूत करना है, ताकि किसी भी अप्रिय परिस्थिति में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

RELATED ARTICLES
New Delhi
clear sky
30.1 ° C
30.1 °
30.1 °
48 %
2.7kmh
0 %
Fri
32 °
Sat
33 °
Sun
33 °
Mon
34 °
Tue
33 °

Most Popular