जर्मनी के फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की एक फ्लाइट को बुधवार को सुरक्षा कारणों से जयपुर एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। जानकारी के मुताबिक, विमान से हाईजैक का संकेत देने वाला स्क्वॉड कोड 7500 प्राप्त हुआ था। इसके बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) में अलर्ट जारी किया गया और विमान को जयपुर में सुरक्षित उतारा गया। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं।
स्क्वॉड 7500 कोड मिलने के बाद अलर्ट
जानकारी के अनुसार, अहमदाबाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल को विमान से स्क्वॉड 7500 कोड मिलने का अलर्ट मिला था। विमानन क्षेत्र में इस कोड का इस्तेमाल हाईजैक या विमान में गैरकानूनी हस्तक्षेप की स्थिति का संकेत देने के लिए किया जाता है। अलर्ट मिलने के बाद विमान को जयपुर की ओर डायवर्ट किया गया, जहां उसकी सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।
लैंडिंग के बाद विमान को सुरक्षा जांच के लिए अलग स्थान पर ले जाया गया। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विमान से यह कोड किस परिस्थिति में भेजा गया था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विमान में वास्तव में कोई सुरक्षा संबंधी खतरा था या अलर्ट किसी अन्य वजह से जारी हुआ।
ATS और अन्य सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटीं
घटना की जानकारी मिलने के बाद जयपुर एयरपोर्ट पर एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की टीमें जांच में जुट गई हैं। विमान की सुरक्षा और उससे जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) को भी अलर्ट कर तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
फिलहाल, अलर्ट जारी होने के वास्तविक कारण को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि विमान से हाईजैक का संकेत देने वाला कोड क्यों भेजा गया था।
पहले भी विमान में मिला था बम लिखा संदेश
इससे पहले अगस्त में सऊदी अरब के दम्माम से दिल्ली जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक फ्लाइट को भी सुरक्षा कारणों से अहमदाबाद एयरपोर्ट पर उतारा गया था। उस दौरान विमान के टॉयलेट में एक टिश्यू पेपर मिला था, जिस पर ‘बम’ लिखा हुआ था।
इसके बाद विमान की अहमदाबाद में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई थी। विमान में सवार सभी 32 यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया था।
फिलहाल जयपुर में हुई ताजा घटना की जांच जारी है। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी हैं।
