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Tuesday, September 22, 2026
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CGRERA का सख्त आदेश: प्रमोटर को सिंकिंग फंड और कॉमन एरिया सोसायटी को सौंपने के निर्देश

रायपुर :  छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (CGRERA) ने गृह क्रेताओं (होम बायर्स) के हितों की रक्षा में एक बड़ा कदम उठाया है। रेरा ने दुर्ग जिले के ग्राम अमलेश्वर में स्थित पंजीकृत आवासीय परियोजना ‘हर्षित नियोज सिटी’ से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में निवासियों के पक्ष में फैसला सुनाया है। प्राधिकरण ने परियोजना के प्रमोटर को सिंकिंग फंड की पूरी राशि और कॉमन एरिया का प्रबंधन तत्काल प्रभाव से सहकारी आवासीय सोसायटी को हस्तांतरित करने का सख्त निर्देश दिया है।इस आदेश के बाद हर्षित नियोज सिटी के निवासियों और उनकी सहकारी समिति को लंबे समय से चल रहे विवाद से बड़ी राहत मिली है।

प्रमोटर की मनमानी पर लगी रोक

यह पूरा मामला तब सामने आया जब ‘हर्षित नियोज सिटी रेसिडेन्शियल को-ऑपरेटिव सोसायटी मर्यादित’ ने परियोजना के प्रमोटर सिंघनिया बिल्डॉन प्रा.लि. एवं मेसर्स हर्षित सिंघानिया बिल्डॉन के खिलाफ रेरा में शिकायत दर्ज कराई थी। सोसायटी ने अपनी शिकायत में गंभीर मुद्दे उठाए थे, परियोजना की रखरखाव (मैंटेनेंस) व्यवस्था में कमियां, साझा सुविधाओं के संचालन में अनियमितता, सिंकिंग फंड की राशि का ट्रांसफर न होना, साझा क्षेत्रों (कॉमन एरिया) को सोसायटी के सुपुर्द न किया जाना शामिल है।

सिंकिंग फंड और कॉमन एरिया पर रेरा का कड़ा रुख

मामले की विस्तृत सुनवाई के बाद छत्तीसगढ़ रेरा (CGRERA) ने प्रमोटर की जवाबदेही तय करते हुए कड़े निर्देश जारी किए हैं। प्राधिकरण ने आदेश दिया है कि प्रमोटर द्वारा फ्लैट/इकाईधारकों से संकलित की गई सिंकिंग फंड की संपूर्ण राशि को नियमानुसार तुरंत सोसायटी के खाते में ट्रांसफर किया जाए। रेरा ने स्पष्ट किया कि यह निधि परिसर के दीर्घकालिक रखरखाव, मरम्मत और संरचनात्मक संरक्षण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जिस पर सिर्फ निवासियों का हक है।

कॉमन एरिया पर मालिकाना हक सोसायटी का

रेरा अधिनियम, 2016 की धारा 17 का हवाला देते हुए प्राधिकरण ने सभी साझा क्षेत्रों (कॉमन एरिया) और उससे जुड़े अधिकारों को विधिवत सोसायटी के पक्ष में ट्रांसफर करने को कहा है। कानून के मुताबिक, प्रोजेक्ट पूरा होते ही कॉमन एरिया का स्वामित्व आवंटियों के संघ या सोसायटी को सौंपना बिल्डर का वैधानिक दायित्व है।

वास्तविक हितधारकों को मिलेगा नियंत्रण

CGRERA ने अपने फैसले में साफ कर दिया है कि साझा परिसंपत्तियों और संचित निधियों के ट्रांसफर में किसी भी तरह की लापरवाही या देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समयबद्ध हस्तांतरण से अब परियोजना के वास्तविक हितधारकों (निवासियों) को अपने परिसर के रखरखाव और संचालन संबंधी फैसलों में पूरा अधिकार और नियंत्रण हासिल होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि रेरा का यह सख्त रुख रियल एस्टेट क्षेत्र में प्रमोटरों की वैधानिक जवाबदेही सुनिश्चित करने और रियल एस्टेट बाजार में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक नजीर साबित होगा।

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