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Saturday, September 26, 2026
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Smartphone Factory Reset Fraud: सावधान! फोन हुआ ऑटो-रीसेट और खाते से उड़ गए पैसे, साइबर ठगों का नया खेल आया सामने

Online Fraud के इस नए तरीके ने लोगों को हैरान कर दिया है, जिसमें फोन अपने आप रीसेट यानी ऑटो-रीसेट हो जाता है और बैंक अकाउंट पैसे निकल जाते हैं। मायानगरी मुंबई से ये चौंकाने वाला मामला सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक CISF जवान के साथ ऐसा हुआ है। पहले स्मार्टफोन अपने आप रीसेट होता है और फिर सारे ऐप्स फोन से गायब हो जाते हैं। जैसे ही ऐप्स को दोबारा डाउनलोड करके बैंक अकाउंट चेक किया जाता है, उसमें से करीब 95 हजार रुपये गायब मिलते हैं।

कैसे होता है इस तरह का फ्रॉड?

इस तरह का डिजिटल फ्रॉड करने के लिए साइबर क्रिमिनल्स आपके स्मार्टफोन को हैक करके उसका रिमोट एक्सेस ले लेंगे। रिमोट एक्सेस होने से आपको पता भी नहीं चल पाएगा कि फोन में कौन सा ऐप ओपन किया जा रहा है। आपका फोन पॉकेट में होगा और पीछ से साइबर अपराधी आपके फोन को रीसेट तक कर सकते हैं। फोन का रिमोट एक्सेस मिलने से उस पर आने वाले कॉल और मैसेज का भी एक्सेस साइबर क्रिमिनल्स को हो जाता है। वो मैसेज पर आने वाले OTP को पढ़ सकते हैं और आपके बैंक अकाउंट को खाली कर सकते हैं।

फ्रॉड होने पर क्या करें?

अगर, आपके साथ भी किसी तरह का साइबर फ्रॉड होता है तो सबसे पहले साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज करें। यह राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर गृह मंत्रालय द्वारा जारी किया गया है। इसके अलावा आप नजदीकी साइबर थाने या पुलिस स्टेशन में जाकर भी इसे रिपोर्ट कर सकते हैं।

फ्रॉड से कैसे बचें?

सबसे जरूरी और अहम सवाल ये है कि इस तरह के साइबर फ्रॉड से कैसे बचा जा सकता है? इस तरह के फ्रॉड तब ही मुमकिन है, जब आपका फोन रिमोटली एक्सेस किया जाएगा। इसके लिए साइबर क्रिमिनल्स पहले आपको मैसेज या ई-मेल आदि के जरिए फर्जी लिंक भेजते हैं। अगर, आपने गलती से इन लिंक्स पर क्लिक कर लिया तो फोन में मालवेयर इंस्टॉल हो सकता है, जो आपके फोन का एक्सेस साइबर क्रिमिनल्स को दे सकता है।

  • इससे बचने के लिए आपको सतर्कता बरतने की जरूरत है। किसी भी अनजान मैसेज, ई-मेल या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिए गए लिंक को ओपन न करें।
  • फोन में कोई भी ऐप्स आधिकारिक ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें। थर्ड पार्टी ऐप्स या फिर APK के जरिए ऐप इंस्टॉल करना सुरक्षित नहीं है।
  • फोन की सेटिंग्स में जाकर ऐप्स की परमिशन को चेक करें। किस ऐप को किन-किन चीजों का एक्सेस दिया गया है, उसे चेक करें और अगर जरूरी नहीं है तो परमिशन को रोक दें।

आपके द्वारा बरती जाने वाली छोटी से छोटी सावधानी भी आपको साइबर अपराधी की जाल में फंसने से बचा सकते हैं।

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