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Tuesday, October 20, 2026
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Google SynthID: AI से बनी फेक फोटो-वीडियो की अब खैर नहीं! Google लाया पहचानने वाला नया फीचर

Google SynthID: दुनिया भर में तेजी से बढ़ रहे AI कंटेंट के बीच अब Google ने अपनी खास तकनीक SynthID को और ज्यादा लोगों तक पहुंचाने का फैसला किया है. इस टूल की मदद से यूजर्स आसानी से पहचान सकेंगे कि कोई फोटो, वीडियो या ऑडियो असली है या फिर उसे AI की मदद से बनाया या एडिट किया गया है.

Search और Chrome में भी मिलेगा SynthID सपोर्ट

Alphabet के स्वामित्व वाली Google ने बताया कि SynthID फीचर अब केवल Gemini AI ऐप तक सीमित नहीं रहेगा. कंपनी इसे जल्द ही अपने Search प्लेटफॉर्म और Chrome ब्राउज़र में भी जोड़ने जा रही है. Google के CEO Sundar Pichai ने कैलिफोर्निया में आयोजित कंपनी के सालाना I/O इवेंट के दौरान इस बड़े अपडेट की घोषणा की. उन्होंने कहा कि इंटरनेट पर तेजी से बढ़ रहे AI कंटेंट के दौर में पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी हो गया है.

क्या है SynthID और कैसे करता है काम?

Google ने SynthID को पहली बार साल 2023 में पेश किया था. यह एक तरह का इनविज़िबल वॉटरमार्क है जो AI द्वारा बनाए गए या AI टूल्स से एडिट किए गए कंटेंट में छिपा होता है. यह वॉटरमार्क सामान्य आंखों से दिखाई नहीं देता, लेकिन इसकी मदद से सिस्टम यह पहचान सकता है कि कोई इमेज, वीडियो या ऑडियो AI से तैयार किया गया है या नहीं. Google का कहना है कि इस तकनीक का उद्देश्य जनरेटिव AI के दौर में भरोसा और पारदर्शिता बनाए रखना है.

AI फोटो दिखाकर समझाया खतरा

इवेंट के दौरान सुंदर पिचाई ने एक वायरल AI-जनरेटेड तस्वीर दिखाई जिसमें वह खुद, Elon Musk, Jensen Huang और Sam Altman मैकडॉनल्ड्स खाते हुए नजर आ रहे थे. पिचाई ने मजाकिया अंदाज में कहा कि यह तस्वीर पूरी तरह नकली है क्योंकि वह हैमबर्गर नहीं खाते. हालांकि उन्होंने यह भी माना कि हर व्यक्ति के लिए AI और असली तस्वीर में फर्क समझ पाना आसान नहीं होता. ऐसे में SynthID जैसे टूल काफी मददगार साबित हो सकते हैं.

दूसरे AI प्लेटफॉर्म भी अपनाएंगे तकनीक

Google ने यह भी साफ किया कि केवल एक कंपनी के स्तर पर इस तकनीक का इस्तेमाल काफी नहीं होगा. इसे असरदार बनाने के लिए दूसरी AI कंपनियों का साथ आना भी जरूरी है. पिचाई के मुताबिक OpenAI, Kakao और ElevenLabs जैसी कंपनियां भी अब SynthID स्टैंडर्ड को अपनाने के लिए तैयार हो गई हैं. वहीं Nvidia पहले ही इस पहल से जुड़ चुकी है.

100 अरब से ज्यादा फाइलों पर लग चुका है वॉटरमार्क

Google के अनुसार अब तक करीब 100 अरब से ज्यादा फोटो, वीडियो और ऑडियो फाइलों पर SynthID वॉटरमार्क लगाया जा चुका है. कंपनी का मानना है कि आने वाले समय में AI कंटेंट की पहचान के लिए यह तकनीक इंडस्ट्री स्टैंडर्ड बन सकती है.

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