IAS Avi Prasad: मध्यप्रदेश कैडर के 2014 बैच के आईएएस अधिकारी अवि प्रसाद इन दिनों सुर्खियों में हैं। वजह कोई प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि उनकी निजी जिंदगी है। 39 वर्षीय अवि प्रसाद ने हाल ही में तीसरी शादी रचाई है। उनकी नई दुल्हन अंकिता धाकरे मध्यप्रदेश कैडर की ही 2017 बैच की आईएएस अधिकारी हैं, जो वर्तमान में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग में उपसचिव (डेप्युटी सेक्रेटरी) के पद पर तैनात हैं। यह शादी 11 फरवरी 2026 को कूनो नेशनल पार्क के निकट एक रिसॉर्ट में सादगीपूर्ण और निजी समारोह में संपन्न हुई।
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IAS Avi Prasad: कौन हैं आईएएस अधिकारी अवि प्रसाद
अवि प्रसाद का जन्म सितंबर 1986 में उत्तर प्रदेश में हुआ। वे एक प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके दादा तंबेश्वर प्रसाद ‘बच्चा बाबू’ केंद्र सरकार में मंत्री रह चुके हैं। अवि प्रसाद ने एलएलबी, एमबीए, एमबीएल और बीआइबीएफ (एच) जैसी उच्च डिग्रियां हासिल की हैं। 2014 में यूपीएससी परीक्षा में उन्होंने अच्छी रैंक हासिल कर आईएएस बनकर मध्यप्रदेश कैडर में आए। उन्होंने कई जिलों में कलेक्टर के रूप में कार्य किया, जिसमें कटनी जिले में उनकी खासी चर्चा रही। वर्तमान में वे मध्यप्रदेश रोजगार गारंटी परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) हैं।
IAS Avi Prasad: पहले दो विवाह और तलाक
अवि प्रसाद का पहला विवाह उनकी बैचमेट (2014 बैच) दिल्ली की रहने वाली आईएएस अधिकारी रिजु बाफना से हुआ था, जो उनसे एक वर्ष छोटी थीं। आपसी सहमति से यह विवाह विच्छेद हो गया। रिजु बाफना वर्तमान में शाजापुर जिले की कलेक्टर हैं।
दूसरा विवाह 2016 में आंध्र प्रदेश कैडर की 2016 बैच की आईएएस अधिकारी मिशा सिंह से हुआ। मिशा उत्तर प्रदेश की निवासी थीं और शादी के बाद उनका कैडर आंध्र प्रदेश से मध्यप्रदेश में बदल गया। यह विवाह भी कुछ वर्षों बाद आपसी सहमति से समाप्त हो गया। मिशा सिंह फिलहाल रतलाम जिले की कलेक्टर हैं।
IAS Avi Prasad: तीसरी शादी की खासियत और चर्चा
तीसरी शादी में भी अवि प्रसाद ने आईएएस अधिकारी को ही जीवनसाथी चुना। अंकिता धाकरे मध्यप्रदेश कैडर की हैं और राज्य सचिवालय में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत हैं। शादी कूनो नेशनल पार्क (जो चीतों के पुनर्वास के लिए प्रसिद्ध है) के पास एक रिसॉर्ट में हुई, जो गोपनीय और निजी थी। परिवार के निकट सदस्यों ने ही इसमें भाग लिया।
प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में इसकी खूब चर्चा हो रही है। तीनों पत्नियां आईएएस अधिकारी होना और दो पूर्व पत्नियों का वर्तमान में कलेक्टर पद पर होना इसे असामान्य बनाता है। हालांकि, सभी विवाह विच्छेद आपसी सहमति से हुए और कोई कानूनी अड़चन नहीं है। फिर भी, यह घटना सोशल मीडिया और मीडिया में वायरल हो गई है। कुछ इसे ‘3rd time lucky?’ कहकर देख रहे हैं, तो कुछ व्यक्तिगत निर्णय मानते हैं।
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