21.1 C
New Delhi
Tuesday, February 10, 2026
Homeदुनियाएच-1बी वीजा खत्म! रिपब्लिकन सांसद ने पेश किया एक्साइल एक्ट, 80% भारतीय-चीनी...

एच-1बी वीजा खत्म! रिपब्लिकन सांसद ने पेश किया एक्साइल एक्ट, 80% भारतीय-चीनी प्रभावित

H-1B Visa: स्ट्यूबी के कार्यालय के अनुसार, एच-1बी वीजा प्राप्त करने वालों में 80 प्रतिशत से अधिक भारतीय या चीनी नागरिक होते हैं। इसमें युवा कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाती है, जहां औसत आयु लगभग 34 वर्ष है।

H-1B Visa: अमेरिकी रिपब्लिकन प्रतिनिधि ग्रेग स्ट्यूबी ने एच-1बी वीजा कार्यक्रम को पूरी तरह समाप्त करने के लिए एक नया विधेयक पेश किया है। यह विधेयक एंडिंग एक्सप्लॉइटेटिव इम्पोर्टेड लेबर एग्जेम्प्शंस एक्ट (संक्षेप में एक्साइल एक्ट) के नाम से जाना जा रहा है। स्ट्यूबी का दावा है कि यह वीजा योजना अमेरिकी नागरिकों के बजाय विदेशी श्रमिकों को प्राथमिकता देती है, जिससे स्थानीय कर्मचारियों को नौकरियां छिन रही हैं और वेतन स्तर प्रभावित हो रहा है।

H-1B Visa: विधेयक का उद्देश्य और मुख्य प्रावधान

एक्साइल एक्ट के तहत इमिग्रेशन एंड नेशनलिटी एक्ट में संशोधन प्रस्तावित है, जिससे एच-1बी वीजा कार्यक्रम पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। विधेयक के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2027 से एच-1बी वीजा की संख्या शून्य कर दी जाएगी, और हर बाद के वर्ष में भी यही स्थिति रहेगी। एच-1बी वीजा अमेरिकी कंपनियों को विशेष क्षेत्रों जैसे तकनीक, इंजीनियरिंग, चिकित्सा और वित्त में विदेशी विशेषज्ञों को नियुक्त करने की अनुमति देता है। यह कार्यक्रम मूल रूप से उच्च योग्यता वाले विदेशी पेशेवरों को अमेरिका में काम करने का अवसर प्रदान करने के लिए शुरू किया गया था।

H-1B Visa: स्ट्यूबी के बयान

प्रतिनिधि ग्रेग स्ट्यूबी (आर-फ्लोरिडा) ने कहा, अमेरिकी नागरिकों की भलाई और समृद्धि के बजाय विदेशी श्रमिकों को प्राथमिकता देना हमारे मूल्यों और राष्ट्रीय हितों को कमजोर करता है। हमारे कर्मचारी और युवा एच-1बी वीजा कार्यक्रम से लगातार विस्थापित और अधिकारहीन हो रहे हैं, जो हमारे वर्कफोर्स की कीमत पर कंपनियों और विदेशी प्रतिस्पर्धियों को फायदा पहुंचाता है।
उन्होंने आगे कहा, हम अपने बच्चों के लिए अमेरिकी सपने को तब तक सुरक्षित नहीं रख सकते जब तक हम उनका हिस्सा गैर-नागरिकों को देते रहेंगे। इसलिए मैं काम करने वाले अमेरिकियों को फिर से प्राथमिकता देने के लिए एक्साइल एक्ट पेश कर रहा हूं।

H-1B Visa: एच-1बी वीजा पर आंकड़े और विवाद

स्ट्यूबी के कार्यालय के अनुसार, एच-1बी वीजा प्राप्त करने वालों में 80 प्रतिशत से अधिक भारतीय या चीनी नागरिक होते हैं। इसमें युवा कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाती है, जहां औसत आयु लगभग 34 वर्ष है। यह कार्यक्रम लंबे समय से विवादास्पद रहा है। एक तरफ टेक कंपनियां जैसे गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन इसे उच्च कुशल प्रतिभा लाने का जरिया बताती हैं, वहीं आलोचक इसे सस्ते श्रमिकों की आपूर्ति और अमेरिकी नौकरियों पर असर का कारण मानते हैं।

H-1B Visa: एक्साइल एक्ट से अमेरिकी सपना सुरक्षित?

एच-1बी वीजा की वार्षिक सीमा 65,000 है, जिसमें अतिरिक्त 20,000 मास्टर्स डिग्री धारकों के लिए आरक्षित हैं। हाल के वर्षों में लॉटरी सिस्टम और वेतन स्तर पर आधारित चयन में बदलाव हुए हैं, लेकिन स्ट्यूबी का विधेयक इसे पूरी तरह खत्म करने का सबसे कट्टर प्रस्ताव है।
यह कदम ट्रंप प्रशासन के दौरान बढ़ती अमेरिका फर्स्ट नीति और हालिया प्रवासन बहस के अनुरूप है। हालांकि, विधेयक अभी केवल हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में पेश किया गया है और इसे सीनेट से पारित होने तथा राष्ट्रपति की मंजूरी की जरूरत होगी।

H-1B Visa: लाखों विदेशी पेशेवरों पर पड़ेगा असर

यदि यह कानून लागू होता है, तो लाखों विदेशी पेशेवरों, खासकर भारतीय और चीनी आईटी विशेषज्ञों पर असर पड़ेगा। अमेरिकी टेक इंडस्ट्री में कुशल श्रमिकों की कमी की आशंका जताई जा रही है, जबकि समर्थक इसे अमेरिकी युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने वाला बताते हैं।

यह भी पढ़ें:-

45 साल बाद कानून के हाथ लंबे साबित! 100 रुपये के चोरी के आरोपी को किया गया गिरफ्तार

RELATED ARTICLES
New Delhi
haze
21.1 ° C
21.1 °
21.1 °
46 %
2.6kmh
20 %
Tue
27 °
Wed
27 °
Thu
26 °
Fri
26 °
Sat
29 °

Most Popular