25.4 C
New Delhi
Thursday, October 15, 2026
Homeदेशअग्नि-3 दहाड़ी! 3500 किमी दूर दुश्मन को भस्म करने वाली मिसाइल का...

अग्नि-3 दहाड़ी! 3500 किमी दूर दुश्मन को भस्म करने वाली मिसाइल का सफल परीक्षण

Agni-3 Missile: यह परीक्षण 6 फरवरी 2026 को ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) से किया गया। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है।

Agni-3 Missile: भारत ने अपनी रणनीतिक क्षमता को और मजबूत करते हुए अग्नि-3 इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया। यह परीक्षण 6 फरवरी 2026 को ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) से किया गया। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है और स्ट्रैटेजिक फोर्सेस कमांड (SFC) की देखरेख में इसका यूजर ट्रायल पूरा हुआ। परीक्षण में मिसाइल ने सभी ऑपरेशनल, तकनीकी और फ्लाइट पैरामीटर्स को सफलतापूर्वक पूरा किया, जिससे इसकी सटीकता, विश्वसनीयता और ऑपरेशनल रेडीनेस की पुष्टि हुई।

Agni-3 Missile: परीक्षण का विवरण और सफलता

शुक्रवार शाम को हुआ यह लॉन्च पूरी तरह सफल रहा। मिसाइल ने पूर्व निर्धारित ट्रैजेक्टरी का पालन किया और लक्ष्य को सटीक रूप से भेदा। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, परीक्षण से मिसाइल की फ्लाइट स्टेबिलिटी, गाइडेंस सिस्टम और सटीकता का मूल्यांकन किया गया। DRDO और SFC की टीमें इस परीक्षण में शामिल रहीं। यह परीक्षण भारत की न्यूक्लियर डिटरेंस (परमाणु प्रतिरोधक क्षमता) को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

Agni-3 Missile: अग्नि-3 मिसाइल की मुख्य विशेषताएं

अग्नि-3 भारत की स्वदेशी इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM) है, जिसकी प्रमुख खूबियां इस प्रकार हैं:

  • मारक क्षमता (रेंज): 3,000 से 3,500 किलोमीटर (कुछ स्रोतों में 5,000 किमी तक का उल्लेख)। इससे पाकिस्तान का अधिकांश क्षेत्र और चीन के कई महत्वपूर्ण शहर इसकी पहुंच में आते हैं।
  • पेलोड क्षमता: 1.5 टन तक का हथियार (परमाणु या पारंपरिक) ले जा सकती है।
  • वजन: लगभग 50 टन।
  • लंबाई: 17 मीटर, व्यास: 2 मीटर।
  • प्रोपल्शन: दो चरणों वाला सॉलिड फ्यूल इंजन, जो तेज लॉन्च और विश्वसनीयता सुनिश्चित करता है।
  • गति: एक सेकंड में 5 किलोमीटर तक की रफ्तार।
  • लॉन्च मोड: मोबाइल लॉन्चर से आसानी से फायर की जा सकती है, जिससे इसे छिपाकर रखना और त्वरित हमला संभव है।
  • गाइडेंस: आधुनिक नेविगेशन और गाइडेंस सिस्टम से लैस, जो उच्च सटीकता प्रदान करता है।
  • यह मिसाइल सतह से सतह मार करने वाली है और भारत की न्यूक्लियर ट्रायड (भूमि, वायु, समुद्र आधारित परमाणु हमला क्षमता) का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

Agni-3 Missile: रणनीतिक महत्व

अग्नि-3 का यह सफल परीक्षण भारत की परमाणु निरोधक नीति को मजबूत करता है। यह पड़ोसी देशों—खासकर पाकिस्तान और चीन—को स्पष्ट संदेश देता है कि भारत किसी भी आक्रामकता का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है। अग्नि सीरीज (अग्नि-1: 700 किमी, अग्नि-2: 2,000 किमी, अग्नि-4: 4,000 किमी, अग्नि-5: 5,000+ किमी) के साथ मिलकर भारत 150 से 5,000+ किमी तक के लक्ष्यों को कवर कर सकता है। ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल के साथ यह कॉम्बिनेशन भारत की रक्षा को और घातक बनाता है।

Agni-3 Missile: अग्नि सीरीज का संदर्भ

अग्नि सीरीज DRDO के स्वदेशी मिसाइल कार्यक्रम का गौरव है। अग्नि-3 पहले से ही सेना में शामिल है और यह परीक्षण इसकी निरंतर विश्वसनीयता और अपग्रेडेशन की पुष्टि करता है। हाल के वर्षों में कई सफल परीक्षण हो चुके हैं, और यह टेस्ट यूजर ट्रेनिंग और वैलिडेशन का हिस्सा था।

रक्षा सूत्रों ने बताया कि परीक्षण से भारत की सामरिक स्थिति और सशक्त हुई है। DRDO की टीम को बधाई दी जा रही है। यह उपलब्धि मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को दर्शाती है।

यह भी पढ़ें:-

दिल्ली में लापता लोगों का संकट: 36 दिनों में 2,884 गुम, सिर्फ 17% मिले, पुलिस पर लापरवाही के आरोप

RELATED ARTICLES
New Delhi
clear sky
25.4 ° C
25.4 °
25.4 °
69 %
2.7kmh
5 %
Wed
25 °
Thu
33 °
Fri
28 °
Sat
34 °
Sun
35 °

Most Popular