UP SIR: उत्तर प्रदेश में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के लिए चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) कार्यक्रम के तहत निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए महत्वपूर्ण संशोधन किया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि दावे और आपत्तियों की अवधि के दौरान पहले निर्धारित विशेष अभियान दिवसों में बदलाव किया गया है। अब 31 जनवरी को विशेष कैंप आयोजित होंगे, लेकिन 1 फरवरी को संत रविदास जयंती होने के कारण उस दिन कोई विशेष अभियान दिवस नहीं होगा।
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UP SIR कार्यक्रम का उद्देश्य
उत्तर प्रदेश में SIR प्रक्रिया अक्टूबर 2025 से शुरू हुई थी, जिसके तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची 6 जनवरी 2026 को जारी की गई। इस ड्राफ्ट में राज्य में कुल 12.55 करोड़ से अधिक योग्य मतदाता दर्ज हैं, जबकि लगभग 2.89 करोड़ नाम हटाए गए हैं (मृतक, स्थानांतरित या डुप्लिकेट एंट्री के कारण)। दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तिथि 6 फरवरी 2026 है, जबकि अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च 2026 को प्रकाशित होगी। SIR का मुख्य लक्ष्य है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और सूची में कोई त्रुटि, डुप्लिकेशन या गैर-पात्र नाम न हो। यह प्रक्रिया दरवाजे-दरवाजे जाकर और दस्तावेजों के आधार पर की जा रही है, ताकि लोकतंत्र की बुनियाद मजबूत हो।
UP SIR: विशेष अभियान दिवसों में संशोधन
पहले योजना के अनुसार, 18 जनवरी (रविवार) के अलावा 31 जनवरी और 1 फरवरी को सभी मतदान केंद्रों पर विशेष कैंप लगाए जाने थे। इन कैंपों में मतदाता फॉर्म-6 (नया नाम जोड़ने), फॉर्म-7 (नाम हटाने) और फॉर्म-8 (सुधार) के माध्यम से दावे दर्ज करा सकते थे। लेकिन संत रविदास जयंती (1 फरवरी) को धार्मिक महत्व के कारण छुट्टी होने से आयोग ने उस दिन कैंप रद्द कर दिया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे स्थानीय आवश्यकताओं और सुविधा के अनुसार एक अतिरिक्त विशेष अभियान दिवस अपने स्तर पर तय कर सकते हैं। इससे अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को सूची में शामिल करने में मदद मिलेगी।
UP SIR: अभियान की निगरानी और जमीनी स्तर पर कार्य
विशेष अभियान के दौरान मंडलायुक्त/रोल ऑब्जर्वर, जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रेशन अधिकारी (ERO) और सहायक ERO अपने क्षेत्र में भ्रमणशील रहेंगे। वे कैंपों का संचालन सुनिश्चित करेंगे और त्रुटियों को तत्काल सुधारेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अधिकारी विभिन्न जनपदों का दौरा कर कार्यक्रम की निगरानी करेंगे। नवदीप रिणवा ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि आलेख्य (ड्राफ्ट) सूची में दिख रही त्रुटियों को जमीनी स्तर पर पहचानकर सुधारें। मतदाताओं की शिकायतों को गंभीरता से सुनें और उन्हें व्यावहारिक मार्गदर्शन दें। उन्होंने कहा, “मतदाता सूची की शुद्धता लोकतंत्र की मजबूती है।”
UP SIR: मतदाताओं से अपील और कैसे करें सुधार
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रदेश के सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे तुरंत अपने बूथ स्तर की मतदाता सूची जांच लें। यदि नाम दर्ज नहीं है, गलत है या कोई त्रुटि है, तो 6 फरवरी 2026 तक फॉर्म-6, 7 या 8 के जरिए दावा/आपत्ति दर्ज करें। यह काम ऑनलाइन (वोटर सर्विस पोर्टल या NVSP वेबसाइट) या ऑफलाइन (बूथ लेवल ऑफिसर/मतदान केंद्र पर) किया जा सकता है। ऑनलाइन फॉर्म-6 में विशेष प्रावधान जोड़े गए हैं, जिससे नाम आसानी से जुड़ सके।
UP की प्रगति और महत्व
यह अभियान उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में मतदाता सूची को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने का प्रयास है। हाल के वर्षों में डुप्लिकेट और मृत मतदाताओं के नाम हटाने से सूची अधिक सटीक हुई है। अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करेगी और हर पात्र नागरिक को वोट देने का अधिकार मिलेगा। मतदाताओं को सलाह है कि वे जल्द जांच कराएं, ताकि अंतिम सूची में कोई कमी न रहे। यह बदलाव मतदाताओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने का उदाहरण है।
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