IMD Weather Forecast: मौसम का मिजाज फिर बदलने वाला है। सर्दी धीरे-धीरे कम होती जा रही है और दूसरी तरफ अब बारिश का पूर्वानुमान भी मौसम विभाग ने जताया है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण, 22 और 23 जनवरी, 2026 को वेस्टर्न हिमालयन एरिया में ज्यादातर स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी हो सकती है। साथ ही कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना भी है। वहीं, नॉर्थ-वेस्टर्न इंडिया के मैदानी इलाकों में कुछ जगहों पर हल्की से मीडियम बारिश हो सकती है। इसी दौरान इस इलाके में कुछ जगहों पर तेज हवाएं चलने, ओले गिरने और बिजली गिरने की संभावना भी है।
दिल्ली-यूपी और राजस्थान में कब होगी बारिश?
दिल्ली में शुक्रवार यानी 23 जनवरी को बारिश की संभावना है। इसके साथ ही दिल्ली में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड की हवा चल सकती है। आसमान में बिजली भी कड़क सकती है। वहीं, यूपी की राजधानी लखनऊ में 23-24 जनवरी को हल्की बारिश की संभावना है। इस दौरान, आसमान में बादल छाए रहेंगे। आकाश में बिजली भी कड़क सकती है। वहीं, जयपुर में 23 जनवरी को हल्की बारिश हो सकती है।
कहां बढ़ेगा 2-4 डिग्री सेल्सियस तापमान?
मौसम विभाग के मुताबिक, एक अन्य वेस्टर्न डिस्टरबेंस के 26 से 28 जनवरी, 2026 तक नॉर्थ-वेस्ट इंडिया को प्रभावित करने की संभावना है। नॉर्थ-वेस्ट इंडिया में अगले 2 दिन में मिनिमम टेंपरेचर में 2-4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। उसके बाद के 2 दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान 2-4 डिग्री सेल्सियस नीचे आ सकता है। उसके बाद फिर से इसमें 2-4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है।
अगले 2 दिन सेंट्रल इंडिया में कैसी रहेगी ठंड?
वहीं, सेंट्रल इंडिया के कई इलाकों में अगले 2 दिनों में मिनिमम टेंपरेचर में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने की संभावना है। उसके बाद के 2 दिनों के दौरान 2-3 डिग्री सेल्सियस की इसमें गिरावट आ सकती है। उसके बाद दोबारा ये 2-4 डिग्री सेल्सियस बढ़ सकता है। इसके अलावा, महाराष्ट्र में अगले 2 दिन में न्यूनतम तापमान 2-4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। हालांकि, फिर उसके बाद कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है।
गुजरात में कितना रहेगा न्यूनतम तापमान?
अगले 2 दिनों के दौरान गुजरात में मिनिमम टेंपरेचर में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। उसके बाद के 2 दिनों के दौरान इसमें 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। उसके बाद इसमें 2-4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। देश के अलग-अलग हिस्सों में मिनिमम टेंपरेचर में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है।
