Maria Corina Machado: वेनेजुएला की प्रमुख विपक्षी नेता और 2025 नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरिना मचाडो ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपना नोबेल शांति पुरस्कार का स्वर्ण पदक भेंट कर दिया। यह घटना 15 जनवरी 2026 को व्हाइट हाउस में हुई उनकी निजी मुलाकात के दौरान घटी, जिसे दोनों देशों की स्वतंत्रता की साझा लड़ाई का ऐतिहासिक प्रतीक बताया जा रहा है।
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Maria Corina Machado: व्हाइट हाउस में निजी लंच पर हुई मुलाकात
मुलाकात व्हाइट हाउस के प्राइवेट डाइनिंग रूम में लंच के दौरान हुई, जो ट्रंप और मचाडो के बीच पहली आमने-सामने की बैठक थी। मुलाकात के बाद वाशिंगटन में पत्रकारों से बातचीत में मचाडो ने कहा, ‘मैंने संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति को नोबेल शांति पुरस्कार का मेडल दिया।’ उन्होंने इस कदम को वेनेजुएला की स्वतंत्रता के लिए ट्रंप के योगदान के प्रतीक के रूप में वर्णित किया। मचाडो ने ट्रंप को दो सदी पुरानी ऐतिहासिक घटना याद दिलाई, जब 1825 में फ्रांसीसी जनरल मार्क्विस डी लाफिएट ने वेनेजुएला के स्वतंत्रता सेनानी सिमोन बोलिवर को जॉर्ज वाशिंगटन की तस्वीर वाला एक मेडल भेंट किया था।
मचाडो ने कहा, ‘इतिहास के दो सौ वर्षों बाद, बोलिवर के लोग अब वाशिंगटन के उत्तराधिकारी को यह पदक लौटा रहे हैं। इस बार यह नोबेल शांति पुरस्कार का पदक है, जो हमारी स्वतंत्रता के लिए उनके विशेष योगदान को सम्मान देने का प्रतीक है।’

Maria Corina Machado: ट्रंप ने मुलाकात और उपहार का स्वागत किया
ट्रंप ने मुलाकात के कुछ घंटों बाद ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया, ‘यह मेरे लिए बहुत सम्मान की बात थी कि आज मैंने वेनेजुएला की मारिया कोरिना मचाडो से मुलाकात की। वह एक अद्भुत महिला हैं, जिन्होंने बहुत कुछ सहा है। मारिया ने मुझे अपना नोबेल शांति पुरस्कार ‘मेरे किए काम’ के लिए भेंट किया। यह पारस्परिक सम्मान का एक शानदार इशारा है। धन्यवाद मारिया!’
Maria Corina Machado: व्हाइट हाउस में हुई ऐतिहासिक डील?
व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने पुष्टि की कि ट्रंप ने यह पदक स्वीकार कर लिया है। न्यूयॉर्क पोस्ट ने ट्रंप के पदक को फ्रेम में प्रदर्शित तस्वीर भी साझा की, जिसमें लिखा था कि यह वेनेजुएला के लोगों की ओर से ट्रंप के “सिद्धांतपूर्ण और निर्णायक कार्य” के प्रति आभार का प्रतीक है।
Maria Corina Machado: नोबेल कमिटी का स्पष्ट रुख
नॉर्वेजियन नोबेल इंस्टीट्यूट ने स्पष्ट किया कि एक बार दिया गया नोबेल शांति पुरस्कार न तो सौंपा जा सकता है, न साझा किया जा सकता है और न ही वापस लिया जा सकता है। कमिटी ने कहा, ‘एक मेडल मालिक बदल सकता है, लेकिन नोबेल शांति पुरस्कार विजेता का खिताब नहीं बदल सकता।’
मचाडो ने पिछले साल (2025) यह पुरस्कार वेनेजुएला में लोकतंत्र और मानवाधिकारों के लिए संघर्ष के लिए प्राप्त किया था। उन्होंने पुरस्कार प्राप्ति के समय ही इसे ट्रंप को समर्पित किया था, और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई (जनवरी 2026 में निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी) के बाद इसे भेंट करने का फैसला किया।
Maria Corina Machado: राजनीतिक पृष्ठभूमि और मचाडो का संघर्ष
मचाडो वेनेजुएला की प्रमुख विपक्षी नेता हैं, जो निकोलस मादुरो शासन के खिलाफ संघर्ष कर रही हैं। दिसंबर 2025 में वे 11 महीनों तक छिपी रहीं, फिर नॉर्वे जाकर पुरस्कार ग्रहण किया। यह मुलाकात ऐसे समय हुई जब ट्रंप ने मचाडो के नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए थे और अंतरिम नेता डेल्सी रोड्रिग्ज की तारीफ की थी।
व्हाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने मचाडो को वेनेजुएला के लोगों की साहसी और प्रभावशाली आवाज बताया। उन्होंने अमेरिका-वेनेजुएला सहयोग का जिक्र किया, जिसमें 500 मिलियन डॉलर की एनर्जी डील और राजनीतिक कैदियों (पांच अमेरिकियों सहित) की रिहाई शामिल है।
प्रतीकात्मक महत्व और भविष्य की उम्मीदें
यह पदक भेंट प्रतीकात्मक है, जो अमेरिका और वेनेजुएला के बीच ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित करती है। मचाडो ने मुलाकात को उत्कृष्ट बताया और ट्रंप पर वेनेजुएला की स्वतंत्रता के प्रति प्रतिबद्धता जताई। हालांकि, ट्रंप प्रशासन ने मचाडो को वेनेजुएला के भविष्य का नेता मानने से इनकार किया है।
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