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Saturday, August 1, 2026
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लखनऊ मेट्रो चरण-1बी: 7 भूमिगत, 5 एलिवेटेड स्टेशन, 5,801 करोड़ की लागत

Lucknow Metro: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना के चरण-1बी को मंजूरी दे दी है। इसमें करीब 12 स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा और लागत 5,801 करोड़ रुपए आएगी।

Lucknow Metro: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मेट्रो रेल परियोजना के चरण-1बी को मंजूरी दे दी। इस परियोजना की अनुमानित लागत 5,801 करोड़ रुपये है, और इसके तहत 11.165 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इस कॉरिडोर में 7 भूमिगत और 5 एलिवेटेड स्टेशनों सहित कुल 12 स्टेशन बनाए जाएंगे। इस परियोजना के पूरा होने पर लखनऊ में मेट्रो रेल नेटवर्क की कुल लंबाई 34 किलोमीटर हो जाएगी, जो शहर की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

Lucknow Metro: घनी आबादी वाले क्षेत्रों में सुधार

सरकारी बयान के अनुसार, चरण-1बी का उद्देश्य लखनऊ के सबसे पुराने और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करना है, जहां वर्तमान में कनेक्टिविटी की कमी है। इस परियोजना से अमीनाबाद, यहियागंज, पांडेयगंज और चौक जैसे प्रमुख व्यावसायिक केंद्र, किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी जैसे शैक्षणिक और चिकित्सा संस्थान, साथ ही बड़ा इमामबाड़ा, छोटा इमामबाड़ा, भूल-भुलैया, घंटाघर और रूमी दरवाजा जैसे ऐतिहासिक और पर्यटन स्थल मेट्रो नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। यह न केवल स्थानीय निवासियों के लिए आवागमन को आसान बनाएगा, बल्कि पर्यटकों के लिए भी लखनऊ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत तक पहुंच को सरल करेगा।

Lucknow Metro: आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ

लखनऊ मेट्रो के चरण-1बी के विस्तार से शहर में आर्थिक गतिविधियों और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। मेट्रो स्टेशनों के आसपास के क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी से स्थानीय व्यवसायों को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे नए निवेश और विकास के अवसर सृजित होंगे। इसके अलावा, यह परियोजना पर्यावरण के लिए भी लाभकारी होगी। सरकार का कहना है कि मेट्रो रेल के उपयोग से जीवाश्म ईंधन आधारित परिवहन की तुलना में कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आएगी। यह कदम लखनऊ को एक हरित और टिकाऊ शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

यात्रा समय में कमी, उत्पादकता में वृद्धि

चरण-1बी के तहत बनने वाले नए स्टेशन शहर के प्रमुख हिस्सों जैसे हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशनों और बस डिपो को बेहतर ढंग से जोड़ेंगे। इससे यात्रा का समय कम होगा और लोग अपने कार्यस्थलों और गंतव्यों तक अधिक तेजी और कुशलता से पहुंच सकेंगे। इससे न केवल व्यक्तिगत उत्पादकता में वृद्धि होगी, बल्कि शहर की समग्र आर्थिक गतिशीलता भी बढ़ेगी। मेट्रो के इस विस्तार से लखनऊ के उन क्षेत्रों में भी विकास को गति मिलेगी, जो अब तक कनेक्टिविटी के अभाव में पिछड़ रहे थे।

शहरी विकास और पर्यटन को बढ़ावा

लखनऊ मेट्रो के इस नए चरण से शहर के पर्यटन क्षेत्र को भी नया आयाम मिलेगा। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों तक आसान पहुंच से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होने की संभावना है, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी होगा। साथ ही, मेट्रो स्टेशनों के आसपास के क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। सरकार का मानना है कि यह परियोजना लखनऊ को एक आधुनिक, कनेक्टेड और पर्यावरण-अनुकूल शहर के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

लखनऊ को स्मार्ट सिटी की राह

लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना के चरण-1बी को मंजूरी मिलना शहर के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह परियोजना न केवल कनेक्टिविटी और आवागमन को बेहतर बनाएगी, बल्कि आर्थिक विकास, पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा देगी। 5,801 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह मेट्रो कॉरिडोर लखनऊ को एक स्मार्ट और टिकाऊ शहर बनाने की दिशा में एक और कदम है। आने वाले वर्षों में यह परियोजना शहरवासियों के जीवन को और सुगम बनाएगी।

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