23.3 C
New Delhi
Sunday, September 27, 2026
Homeउत्तराखंडUCC: समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बना उत्तराखंड, CM...

UCC: समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बना उत्तराखंड, CM धामी बोले, ये किसी धर्म के खिलाफ नहीं

UCC: उत्तराखंड ने देश में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए 'समान नागरिक संहिता' (यूसीसी) लागू कर दी है, जिससे वह यह कदम उठाने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।

UCC: उत्तराखंड ने देश में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए ‘समान नागरिक संहिता’ (यूसीसी) लागू कर दी है, जिससे वह यह कदम उठाने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 27 जनवरी 2025 को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में ‘समान नागरिक संहिता उत्तराखंड-2024’ की नियमावली और पोर्टल का लोकार्पण किया। उन्होंने इसे उत्तराखंड और पूरे भारत के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बताया। सीएम ने कहा कि यूसीसी किसी धर्म के खिलाफ नहीं बल्कि सबके लिए है।

यूसीसी लागू करने की प्रक्रिया और तैयारी

सीएम धामी ने बताया कि यूसीसी को लागू करने के लिए सरकार ने व्यापक तैयारी की। इस प्रक्रिया में 2.35 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की गई। समिति ने ऑफलाइन और ऑनलाइन माध्यम से 20 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त किए। यूसीसी के निर्माण के दौरान सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और समुदायों से सुझाव लिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रयास देवभूमि उत्तराखंड की जनता के समर्थन और आशीर्वाद से संभव हो सका।

महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में कदम

मुख्यमंत्री ने यूसीसी को महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं को समान अधिकार देने के साथ-साथ कुप्रथाओं जैसे हलाला और बहुविवाह पर रोक लगाएगा। इससे समाज में समानता और एकरूपता स्थापित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूसीसी से सभी नागरिकों के अधिकार और दायित्व समान होंगे, जिससे समाज में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित होगा।

संविधान निर्माता को श्रद्धांजलि

सीएम धामी ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह कदम उनके समानता और न्याय के दृष्टिकोण का सम्मान है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने 2022 के चुनाव में जनता से यूसीसी लागू करने का जो वादा किया था, उसे आज पूरा कर दिया है।

समिति गठन और प्रयास

उत्तराखंड सरकार ने 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद अपनी पहली कैबिनेट बैठक में यूसीसी लागू करने के लिए समिति के गठन को मंजूरी दी थी। इसके तहत एक विशेष समिति बनाई गई, जिसने ढाई लाख लोगों को इस प्रक्रिया से जोड़ा। यूसीसी के निर्माण के लिए गहन विचार-विमर्श किया गया और उत्तराखंड ने इसे लागू करने में अग्रणी भूमिका निभाई।

एक ऐतिहासिक कदम

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि यूसीसी किसी धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह सभी धर्मों और समुदायों के लोगों के लिए समान अधिकार और कर्तव्यों की बात करता है। उन्होंने इसे उत्तराखंड की जनता की बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि यह कदम राज्य को पूरे देश में एक नई पहचान दिलाएगा।

भविष्य के लिए सकारात्मक प्रभाव

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यूसीसी से समाज में महिलाओं को समान अधिकार और सुरक्षा मिलेगी। इसके साथ ही समाज में एकरूपता आएगी और यह कानून समानता और न्याय के आदर्श को मजबूत करेगा। इस ऐतिहासिक निर्णय के साथ उत्तराखंड ने देश के लिए एक उदाहरण पेश किया है और समान नागरिक संहिता के माध्यम से समाज में समानता और न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।

उत्तराखंड की तरह महाराष्ट्र में भी लागू हो यूसीसी : मनीषा कायंदे

उत्तराखंड में ‘समान नागरिक संहिता’ (यूसीसी) के लागू होने के बाद यह मुद्दा राजनीतिक हलकों में चर्चा का केंद्र बन गया है। जहां एक ओर विपक्ष ने यूसीसी पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं एनडीए के सहयोगी दल और कई अन्य नेताओं ने इसका समर्थन किया है। शिवसेना (शिंदे गुट) की नेता मनीषा कायंदे ने उत्तराखंड सरकार के इस फैसले की प्रशंसा करते हुए इसे एक ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि यूसीसी महाराष्ट्र जैसे प्रगतिशील राज्य में भी लागू होना चाहिए।

यह भी पढ़ें:-

Padma Award 2025: केंद्र सरकार ने पद्म पुरस्कार विजेताओं की घोषणा की, जानें किसे मिला सम्मान

RELATED ARTICLES
New Delhi
overcast clouds
23.3 ° C
23.3 °
23.3 °
86 %
1.7kmh
85 %
Sun
30 °
Mon
29 °
Tue
36 °
Wed
37 °
Thu
38 °

Most Popular