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Wednesday, September 30, 2026
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Retirement Planning: म्यूचुअल फंड के जरिए करें निवेश, आराम से गुजरेगा बुढ़ापा

Retirement Planning: रिटायरमेंट के बाद जिंदगी ठीक से गुजारने के लिए कॅरियर की शुरुआत से ही निवेश शुरू कर देना चाहिए।

Retirement Planning: रिटायरमेंट के बाद जिंदगी ठीक से गुजारने के लिए कॅरियर की शुरुआत से ही निवेश शुरू कर देना चाहिए। रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए पीपीएफ, एनपीएस सहित निवेश के कई विकल्प मौजूद हैं। एनपीएस में रिटायरमेंट के बाद एकमुश्त 60 प्रतिशत रकम ही निकाल सकते हैं। ऐसे में जो लोग रिटायरमेंट के बाद 100 प्रतिशत रकम निकालना चाहते हैं, उनके लिए म्यूचुअल फंड की रिटायरमेंट फंड्स उपलब्ध हैं। देश में 28 रिटायरमेंट म्यूचुअल फंड स्कीम चल रही हैं, जिनमें 27,000 करोड़ रुपए से अधिक जमा हैं।

इसलिए बेहतर

रिटायरमेंट फंड्स का औसत रिटर्न एनपीएस से भी बेहतर है। बीएनपी पारिबा म्युचुअल फंड के प्रतीश कृष्णन ने बताया, रिटायरमेंट फंड इक्विटी, डेट और रीट- इनविट जैसी परिसंपत्तियों में निवेश करते हैं। लंबे समय के लिए निवेश करें तो इन पर दूसरे विकल्पों के मुकाबले महंगाई का बहुत कम असर पड़ता है। ये पूरी तरह इक्विटी डायवर्सिफाइड स्कीम भी हो सकते हैं और हाइब्रिड फंड भी हो सकते हैं।

लॉकइन पीरियड

शेयरों में अधिक निवेश वाले रिटायरमेंट फंडों पर बाजार के उतार-चढ़ाव का असर पड़ता है। हर रिटायरमेंट फंड स्कीम में शेयर और बॉन्ड में निवेश का अनुपात बहुत अलग हो सकता है। इन फंडों में रकम निवेशक के रिटायर होने तक लॉक रहती है। अगर एक-दो साल में ही रिटायरमेंट है तो 5 साल के लिए रकम इसमें रहेगी।

सरल निकासी

इसमें निकासी भी काफी सरल है। लॉक-इन अवधि खत्म होने के बाद निकासी पर कोई पाबंदी नहीं है। निवेशक सेवानिवृत्ति के बाद नियमित आय हासिल करने के लिए सिस्टेमैटिक विड्रॉअल प्लान चुन सकते हैं या एकमुश्त रकम निकाल सकते हैं। वे चाहें तो किसी बीमा कंपनी से एन्युटी भी खरीद सकते हैं। रिटायरमेंट फंड यह तय करने की सुविधा देते हैं कि हर महीने कितनी रकम निकालनी है।

टैक्सेशन

अगर पोर्टफोलियो में 65 प्रतिशत से अधिक आवंटन शेयरों में तो इंडेक्सेशन के फायदे के साथ 10 प्रतिशत लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स लगेगा। 35 प्रतिशत से अधिक और 65 प्रतिशत से कम शेयरों में निवेश वाली योजनाओं के लिए कैपिटल गेन्स इंडेक्सेशन लाभ के दायरे में होता है। न्यूनतम 3 वर्षों के बाद इस पर 20 प्रतिशत से टैक्स लगाया जाता है। अन्य परिस्थितियों में लाभ पर स्लैब के हिसाब से टैक्स लगाया जाता है।

किनके लिए बेहतर

रिटायरमेंट फंड सभी आयु वर्गों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। चक्रवृद्धि ब्याज का फायदा उठाने के लिए निवेश जल्द शुरू कर देना चाहिए। ये फंड लंबी अवधि के निवेशकों के लिए उपयुक्त हैं। ऐसे निवेशक जो बाजार के जोखिम को समझते हैं और उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहते हैं, वे इनमें निवेश कर सकते हैं। जो लोग जो रिटायरमेंट के करीब हैं, वे भी हाइब्रिड रिटायरमेंट फंड चुन सकते हैं।

इक्विटी योजनाओं में मिला रिटर्न

अवधि एनपीएस रिटायरमेंट फंड्स
01 साल 33.10 प्रतिशत 39.40 प्रतिशत
03 साल 17.81 प्रतिशत 26.50 प्रतिशत
05 साल 17.52 प्रतिशत 23.65 प्रतिशत
10 साल 13.40 प्रतिशत 16.70 प्रतिशत
(सालाना औसत चक्रवृद्धि रिटर्न)

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