Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की है। ट्रंप ने मोदी को ‘फैंटास्टिक मैन’ और अपना दोस्त बताते हुए कहा कि भारत और अमेरिका के बीच जल्द ही एक मजबूत ट्रेड डील होगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ट्रंप ने भारतीय उत्पादों पर भारी टैरिफ लगाकर दबाव बनाया हुआ है। ट्रंप के इस सकारात्मक रुख से दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों में नई ऊर्जा आने की उम्मीद है।
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Donald Trump: ट्रंप का मोदी पर सम्मान और ट्रेड डील की उम्मीद
दावोस में भारतीय मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा, “आपके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर मेरे मन में बहुत सम्मान है। वह बेहतरीन शख्स हैं और मेरे दोस्त हैं। हमारे बीच बेहतरीन ट्रेड डील होने जा रही है।” ट्रंप ने मोदी के नेतृत्व की सराहना की और उनके साथ व्यक्तिगत संबंधों पर जोर दिया। यह बयान ट्रंप की टैरिफ नीतियों के बीच आया है, जहां उन्होंने भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत शुल्क लगा दिया था, जो दुनिया में सबसे ऊंची दरों में से एक है। इसके अलावा, रूस से तेल खरीदने पर भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क भी लगाया गया था। ट्रंप का यह बयान दबाव के बावजूद सकारात्मक संकेत देता है।
Donald Trump: दावोस में ट्रंप का संबोधन और मीडिया इंटरैक्शन
ट्रंप वर्तमान में दावोस में डब्ल्यूईएफ को संबोधित करने पहुंचे हैं। अपने भाषण के बाद उन्होंने भारतीय पत्रकारों से बात की, जिसमें भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर विशेष फोकस रहा। ट्रंप ने भविष्य में एक मजबूत समझौते की उम्मीद जताई और कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत किया जाएगा। दावोस फोरम वैश्विक अर्थव्यवस्था पर चर्चा का बड़ा मंच है, और ट्रंप की यह टिप्पणी भारत-अमेरिका संबंधों में नई गति ला सकती है। ट्रंप ने मोदी को ‘फैंटास्टिक मैन’ कहकर उनके प्रति गहरा सम्मान व्यक्त किया, जो दोनों नेताओं के बीच मजबूत दोस्ती को दर्शाता है।
Donald Trump: भारत-अमेरिका ट्रेड वार्ताओं का बैकग्राउंड
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ताएं पिछले साल अगस्त में टूट गई थीं, जिसके बाद ट्रंप ने भारतीय उत्पादों पर शुल्क बढ़ा दिया था। हालांकि, हाल के घटनाक्रमों में दोनों देश फरवरी 2025 से वार्ता फिर से शुरू करने पर सहमत हो चुके हैं। कई बार समझौते के करीब पहुंचने के बावजूद कुछ मुद्दे लंबित रह गए। पिछले सप्ताह भारत ने कहा था कि दोनों पक्ष सक्रिय रूप से वार्ता जारी रखे हुए हैं। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी ट्रेड डील पर बातचीत जारी रहने की पुष्टि की है। वास्तव में, अगली व्यापार वार्ता कल होने वाली है, जो इस बयान के बाद और महत्वपूर्ण हो गई है।
Donald Trump: विदेश मंत्रियों की चर्चा और भविष्य के लक्ष्य
हाल ही में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बात की। इस चर्चा में व्यापार, महत्वपूर्ण खनिजों, परमाणु ऊर्जा और रक्षा सहयोग पर फोकस रहा। दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर से अधिक दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। व्यापार असंतुलन कम करने के लिए भारत ने अमेरिका से ऊर्जा और रक्षा उपकरणों की खरीद बढ़ाने का वादा किया है। हालांकि, पिछले वर्ष की वार्ताएं व्यापक समझौते पर नहीं पहुंच सकीं, और कई मुद्दे जैसे बौद्धिक संपदा, कृषि और डिजिटल ट्रेड अभी भी लंबित हैं। ट्रंप की टैरिफ नीतियां भारत पर दबाव बनाती रही हैं, लेकिन उनका मोदी के प्रति सकारात्मक रुख ट्रेड डील की संभावनाओं को मजबूत करता है।
Donald Trump: ट्रंप की नीतियों का प्रभाव और आगे की राह
ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के तहत भारत पर लगाए गए टैरिफ ने दोनों देशों के संबंधों में तनाव पैदा किया था। लेकिन दावोस में दिए गए बयान से लगता है कि ट्रंप अब समझौते की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मोदी और ट्रंप के व्यक्तिगत संबंध इस डील को सफल बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। भारत-अमेरिका साझेदारी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, खासकर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन के खिलाफ। ट्रंप का यह बयान वैश्विक व्यापार में भारत की स्थिति को मजबूत करने वाला साबित हो सकता है। दोनों देशों के बीच जल्द ही सकारात्मक परिणाम की उम्मीद है।
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