Yogi Govt: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीते आठ वर्षों में व्यापक परिवर्तन देखने को मिले हैं। वर्ष 2017 में सत्ता संभालने के बाद से योगी सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ के विजन को धरातल पर उतारने का कार्य किया। इस अवधि में प्रदेश ने ‘बीमारू’ राज्य की छवि से बाहर निकलकर ‘ब्रेकथ्रू’ प्रदेश के रूप में अपनी पहचान बनाई है। योगी सरकार ने 8 लाख परिवारों को 30,000 रुपये की सहायता दी। कई प्रयासों के चलते उत्तर प्रदेश आज देश की अर्थव्यवस्था का ‘ग्रोथ इंजन’ बनकर उभर रहा है। योगी सरकार के नेतृत्व में प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है और भविष्य में और भी नए कीर्तिमान स्थापित करने की ओर अग्रसर है।
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Yogi Govt: सुरक्षा व्यवस्था में सुधार और अपराध नियंत्रण
योगी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश की कानून व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार देखने को मिला।
- पुलिस और एसटीएफ के संयुक्त अभियानों में 222 अपराधी मारे गए।
- 130 आतंकवादियों, 171 अवैध रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया गया।
- 20,221 इनामी बदमाशों को पकड़ा गया।
- 79,984 अपराधियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हुई।
- 930 अपराधियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कड़ी कार्रवाई की गई।
- पुलिस द्वारा 20,000 से अधिक इनामी अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
Yogi Govt: औद्योगिक विकास और रोजगार में बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश को औद्योगिक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए ठोस कदम उठाए, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली।
- राज्य की जीएसडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) 2017 में लगभग 13.50 लाख करोड़ रुपये थी, जो 2024 में बढ़कर 27.51 लाख करोड़ रुपये हो गई है।
- प्रदेश में 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतर चुका है।
- इन निवेशों से लगभग 60 लाख युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए।
- ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को प्राथमिकता देते हुए 33 नई औद्योगिक नीतियां लागू की गईं।
- 2017 में कारोबारी सुगमता रैंकिंग में उत्तर प्रदेश 14वें स्थान पर था, जो 2022 में दूसरे स्थान पर आ गया।
- ‘निवेश मित्र’ पोर्टल के माध्यम से निवेश प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाया गया।
Yogi Govt: बुनियादी ढांचे का विस्तार और औद्योगिक सुधार
योगी सरकार ने प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए वैश्विक मंचों पर यूपी की नई पहचान बनाई।
- 2018 में पहली बार ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ का आयोजन किया गया।
- 2023 में ‘यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ के माध्यम से बड़ी संख्या में निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।
- 2018 से अब तक चार ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) आयोजित की जा चुकी हैं, जिनमें करोड़ों रुपये की परियोजनाओं को लागू किया गया।
Yogi Govt: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) को बढ़ावा
- एमएसएमई सेक्टर में 90 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित किए गए।
- प्रदेश के निर्यात को 86,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने में ‘एक जिला, एक उत्पाद’ (ODOP) योजना का अहम योगदान रहा।
- डिफेंस कॉरिडोर, मेडिकल और फार्मा सेक्टर में 63,475 करोड़ रुपये का निवेश किया गया।
Yogi Govt: विशेष औद्योगिक और टेक्सटाइल पार्क
- लखनऊ-हरदोई में ‘प्रधानमंत्री मित्र योजना’ के तहत मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल और अपैरल पार्क की स्थापना की जा रही है।
- गोरखपुर में प्लास्टिक पार्क, कन्नौज में परफ्यूम पार्क और हरदोई व कानपुर में मेगा लेदर क्लस्टर विकसित किया जा रहा है।
- गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर और हापुड़ में केमिकल और फार्मा पार्क बनाए जा रहे हैं।
Yogi Govt: युवा और उद्यमिता को बढ़ावा
- ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ के तहत 16,000 से अधिक मामलों में ऋण स्वीकृत किया गया।
- ‘मुख्यमंत्री सूक्ष्म उद्यमी दुर्घटना बीमा योजना’ के तहत पंजीकृत उद्यमियों को 5 लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है।
- अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन की शुरुआत कर औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास किया गया।
Yogi Govt: नए औद्योगिक शहरों का विकास
- यूपीसीडा, नोएडा, ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण, यूपीडा, गीडा और बीडा के माध्यम से औद्योगिक गतिविधियों को गति दी गई।
- 47 वर्षों बाद बीडा के रूप में एक नया औद्योगिक शहर बसाने की कार्रवाई जारी है।
- बुंदेलखंड में ड्रग और फार्मा पार्क की स्थापना में तेजी लाई जा रही है।
Yogi Govt: सरकार की उपलब्धियां और प्रदेश की प्रगति
- योगी सरकार ने प्रदेश के हर क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास किया है।
- कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कठोर कदम उठाए गए।
- रोजगार और निवेश के नए अवसर सृजित किए गए।
- बुनियादी ढांचे में बड़े सुधार हुए।
- उत्तर प्रदेश को ‘वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी’ बनाने के लिए प्रयास तेज किए गए।
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