UP Politics: लखनऊ में बसपा सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित अभद्र टिप्पणी का मामला गरमा गया है। समाजवादी पार्टी से जुड़ी एक महिला श्रेया यादव के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज की है। यह घटना राजनीतिक विवाद को जन्म दे रही है, क्योंकि सोशल मीडिया पर ऐसी टिप्पणियां अक्सर सियासी तनाव बढ़ाती हैं।
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UP Politics: फेसबुक पर अभद्र कमेंट से शुरू हुआ विवाद
सोमवार शाम लखनऊ के दामोदर नगर में बसपा की कैंट विधानसभा की पार्टी बैठक चल रही थी। बैठक के दौरान प्रभारी देवेश कुमार गौतम के घर पर मौजूद कार्यकर्ता फेसबुक स्क्रॉल कर रहे थे। तभी श्रेया यादव नाम की फेसबुक आईडी से मायावती के खिलाफ एक कमेंट नजर आया। बसपा पदाधिकारियों के अनुसार, इस कमेंट में मायावती के लिए आपत्तिजनक, अभद्र, अशोभनीय और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था।
यह टिप्पणी देखते ही बैठक में मौजूद कार्यकर्ताओं में भारी रोष फैल गया। उन्होंने इसे बसपा सुप्रीमो का अपमान और पार्टी से जुड़े लाखों कार्यकर्ताओं की भावनाओं पर चोट बताया। बैठक में मौजूद सभी ने मिलकर कानूनी कार्रवाई करने का फैसला लिया।
UP Politics: बसपा अध्यक्ष की शिकायत पर FIR दर्ज
कैंट विधानसभा अध्यक्ष गंगाराम वर्मा ने कृष्णा नगर कोतवाली में लिखित तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई। तहरीर में फेसबुक कमेंट का स्क्रीनशॉट साक्ष्य के रूप में दिया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर श्रेया यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया और जांच शुरू कर दी है।
श्रेया यादव की फेसबुक प्रोफाइल पर 50 हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं। वह खुद को समाजवादी पार्टी की सक्रिय सदस्य बताती हैं। वाराणसी मूल की श्रेया वर्तमान में लखनऊ में रहती हैं।
UP Politics: कार्यकर्ताओं में आक्रोश, सियासी मायने
बसपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि सोशल मीडिया पर वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ ऐसी भाषा न केवल व्यक्तिगत अपमान है, बल्कि दलित-बहुजन समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाती है। वे मांग कर रहे हैं कि सोशल मीडिया पर ऐसी आपत्तिजनक टिप्पणियों पर सख्त रोक लगाई जाए।
यह मामला उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर सकता है, खासकर तब जब सपा और बसपा के बीच कभी गठबंधन रहा है। हालांकि, इस घटना से दोनों दलों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपों की गहराई से जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई होगी।
UP Politics: सोशल मीडिया पर बढ़ते विवादों का उदाहरण
यह घटना सोशल मीडिया के दुरुपयोग का एक और उदाहरण है। उत्तर प्रदेश में अक्सर राजनीतिक नेताओं के खिलाफ अभद्र कमेंट या पोस्ट से FIR दर्ज होने की खबरें आती रहती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी टिप्पणियां न केवल कानूनी कार्रवाई को न्योता देती हैं, बल्कि सामाजिक सद्भाव को भी प्रभावित करती हैं।
पुलिस ने स्क्रीनशॉट को साक्ष्य में लिया है और मामले की जांच तेज कर दी है। आगे क्या कार्रवाई होती है, यह 25 फरवरी तक स्पष्ट हो सकता है, लेकिन फिलहाल यह मामला लखनऊ की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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