Road Accident: कान्हा की नगरी मथुरा में बुधवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने चार परिवारों के चिराग हमेशा के लिए बुझा दिए। मगोर्रा थाना क्षेत्र के नगला देविया मोड़ पर तेज रफ्तार फ्रॉन्क्स कार अनियंत्रित होकर गहरी नहर (रजबहे/गोवर्धन ड्रेन) में गिर गई, जिसमें कार सवार चार युवकों की डूबने से मौके पर ही मौत हो गई। ये सभी युवक महावन क्षेत्र के निवासी थे और राजस्थान के डीग जिले में एक सगाई समारोह में शामिल होने जा रहे थे। हादसा रात करीब 8:30 से 9 बजे के बीच हुआ, जब घुप अंधेरा था और मोड़ पर सड़क की स्थिति खतरनाक थी।
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Road Accident: जानें कैसे हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार, कार महावन के बलदेवगढ़ मोहल्ले से निकली थी। इसमें सवार थे: राहुल (23 वर्ष), उनके चचेरे भाई मोहित (21 वर्ष), अमित (23 वर्ष) और उनका एक अन्य दोस्त (नाम अभी स्पष्ट नहीं)। अमित कार चला रहा था। युवक गोवर्धन होते हुए बाइपास मार्ग से डीग के गांव बरौली चौथ जा रहे थे, जहां सगाई का कार्यक्रम था। नगला देविया मोड़ पर तेज रफ्तार के कारण कार नियंत्रण खो बैठी। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि कार पानी की टंकी या डिवाइडर से टकराई, फिर सीधे नहर में जा गिरी। नहर में पानी की गहराई ज्यादा होने से कार पूरी तरह डूब गई और चारों युवक बाहर नहीं निकल पाए। ग्रामीणों ने हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर युवकों को निकालने की कोशिश की, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं।
Road Accident: पुलिस और राहत कार्य
सूचना मिलते ही मगोर्रा पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। क्रेन की मदद से कार को नहर से बाहर निकाला गया। शवों को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि हादसे में कोई अन्य वाहन शामिल नहीं था और यह पूरी तरह से तेज रफ्तार और मोड़ पर अनियंत्रित होने के कारण हुआ। प्रारंभिक जांच में ड्राइवर की लापरवाही, रात का समय, अंधेरा और सड़क पर सुरक्षा उपायों की कमी को मुख्य कारण माना जा रहा है। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Road Accident: परिवार और समुदाय पर गहरा सदमा
हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। एक ही परिवार के तीन चचेरे भाईयों की मौत ने पूरे मोहल्ले को शोक में डुबो दिया। मृतकों के परिजन रोते-बिलखते पुलिस थाने पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई। सगाई समारोह रद्द हो गया, जहां खुशियां बंटनी थीं, वहां मातम छा गया। ग्रामीणों ने बताया कि युवक बेहद मिलनसार और पढ़ाई-लिखाई में अच्छे थे। मोहित और अमित छात्र थे, जबकि राहुल परिवार की जिम्मेदारियां संभाल रहे थे। यह हादसा एक बार फिर उत्तर प्रदेश में सड़क सुरक्षा की कमी को उजागर करता है, खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां मोड़ों पर बैरियर, साइन बोर्ड या लाइटिंग की कमी आम है।
Road Accident: सड़क हादसों की बढ़ती समस्या
मथुरा जिले में पिछले कुछ महीनों में कई ऐसे हादसे हो चुके हैं, जहां तेज रफ्तार और लापरवाही ने कई जिंदगियां छीन लीं। इस घटना ने स्थानीय लोगों में सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि रात के समय गाड़ी चलाते समय स्पीड कम रखें और सतर्क रहें। जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया गया है।
यह दर्दनाक हादसा खुशियों के सफर को पल भर में मातम में बदल देने की मिसाल है। चार युवा जिंदगियां, जो कल सपने देख रही थीं, आज सिर्फ याद बनकर रह गईं। परिवार अब इंसाफ और सहारे की उम्मीद में हैं।
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