Road Accident: उदयपुर-पिंडवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर सोमवार सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। गोगुंदा के निकट घसियार गांव के पास तेजाब से लदा एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया, जिसके बाद उसमें भीषण आग लग गई। इस हादसे में चालक की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद सड़क पर तेजाब का रिसाव होने से स्थिति और भयावह हो गई, जिसके कारण गोगुंदा और उदयपुर के बीच यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
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Road Accident: तेजाब रिसाव से बढ़ा खतरा
पुलिस और अग्निशमन विभाग के अनुसार, ट्रक पिंडवाड़ा से तेजाब लेकर उदयपुर की ओर जा रहा था। सुबह करीब 6:30 बजे घसियार के पास ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया और करीब 300 मीटर तक घिसटता रहा। पलटने के तुरंत बाद ट्रक में आग भड़क उठी, जिसने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। तेजाब के रिसाव ने सड़क को खतरनाक बना दिया, जिससे यात्रियों और आसपास के लोगों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि ट्रक का रजिस्ट्रेशन नंबर भी जल गया, जिसके कारण चालक की पहचान तत्काल नहीं हो सकी।
Road Accident: बचाव कार्य में चुनौतियां
हादसे की सूचना मिलते ही बड़गांव थाना पुलिस, हाईवे पेट्रोलिंग टीम के भगवत सिंह झाला और अग्निशमन दल घटनास्थल पर पहुंचे। तेजाब के संक्षारक प्रभाव और आग की तीव्रता के कारण बचाव कार्य में भारी मुश्किलें आईं। दमकलकर्मियों ने लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान एक पुलिसकर्मी का चेहरा तेजाब के रिसाव के कारण झुलस गया। पुलिस ने ट्रक से चालक के अधजले अवशेष निकाले और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए उदयपुर जिला अस्पताल के शवगृह भेजा।
Road Accident: यातायात ठप, एकतरफा व्यवस्था लागू
तेजाब के रिसाव और ट्रक के मलबे के कारण उदयपुर-पिंडवाड़ा राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह बंद हो गया। राजमार्ग रखरखाव दल ने क्षतिग्रस्त ट्रक को क्रेन की मदद से हटाया और सड़क की सफाई शुरू की। खतरनाक परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस ने एकतरफा यातायात व्यवस्था लागू की ताकि भीड़भाड़ कम हो और जन सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। कई घंटों तक यातायात बाधित रहा, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
पर्यावरणीय और संरचनात्मक नुकसान का आकलन
तेजाब के रिसाव ने न केवल सड़क को नुकसान पहुंचाया, बल्कि आसपास के पर्यावरण के लिए भी खतरा पैदा किया। जिला प्रशासन और पर्यावरण विशेषज्ञों की टीमें रिसाव के प्रभाव का आकलन कर रही हैं। प्रारंभिक जांच में सड़क की सतह को नुकसान और मिट्टी में रासायनिक प्रदूषण की आशंका जताई गई है। अधिकारियों ने कहा कि सड़क को पूरी तरह सुरक्षित करने के लिए विशेष सफाई और मरम्मत की आवश्यकता होगी।
सुरक्षा उपायों पर सवाल
इस हादसे ने खतरनाक रसायनों के परिवहन के दौरान सुरक्षा उपायों की कमी को फिर से उजागर किया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस राजमार्ग पर अक्सर भारी वाहनों की आवाजाही होती है, लेकिन सड़क की स्थिति और सुरक्षा मानकों का अभाव हादसों का कारण बनता है। घसियार गांव के निवासी रमेश मीणा ने कहा, ऐसे खतरनाक रसायनों को ले जाने वाले वाहनों की नियमित जांच और चालकों के लिए प्रशिक्षण जरूरी है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त नियम लागू किए जाएं।
पुलिस ने शुरू की जांच
बड़गांव थाना पुलिस ने हादसे के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ट्रक अनियंत्रित क्यों हुआ और क्या इसमें तकनीकी खराबी या चालक की लापरवाही शामिल थी। मृत चालक की पहचान के लिए ट्रक के मालिक और रजिस्ट्रेशन विवरण की जांच की जा रही है। डीएसपी (लॉ एंड ऑर्डर) राजेंद्र सिंह ने कहा, हम सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
हादसों का सिलसिला
उदयपुर-पिंडवाड़ा राजमार्ग पर हाल के महीनों में कई भीषण हादसे हुए हैं। जुलाई 2025 में गोगुंदा के पास एक ट्रेलर ने ऑटो को टक्कर मार दी थी, जिसमें 5 लोगों की मौत हो गई थी। इसी तरह सितंबर 2024 में पिंडवाड़ा कैंटल पुलिया के पास ट्रक और टैक्सी की टक्कर में 8 लोग मारे गए थे। इन हादसों ने राजमार्ग की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
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