Jal Jeevan Mission: राजस्थान विधानसभा में भाजपा विधायक जितेंद्र सिंह गोठवाल ने पूर्व कांग्रेस सरकार पर जल जीवन मिशन में बड़े घोटाले का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि 2020 में शुरू हुई 91 योजनाओं के तहत 125 करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद एक भी गांव में पानी नहीं पहुंचा, जबकि 90 करोड़ का भुगतान ठेकेदारों को कर दिया गया। गोठवाल ने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार ने इस मामले में सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है, जिसमें 7 अधिकारियों को नोटिस जारी हो चुके हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को धन्यवाद देते हुए कहा कि दोषियों को सस्पेंशन की सजा भी मिलेगी। यह आरोप राजस्थान की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर रहा है, जहां कांग्रेस ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है।
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Jal Jeevan Mission: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना
जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य 2024 तक हर घर में नल से जल पहुंचाना है। राजस्थान में इसकी लागत 70,000 करोड़ रुपये आंकी गई है, लेकिन पूर्व गहलोत सरकार के कार्यकाल में कथित अनियमितताओं के कारण यह योजना पटरी से उतर गई। गोठवाल ने विधानसभा में 2025 के बजट सत्र के दौरान इस मुद्दे को उठाया था, जिसके बाद मंत्री ने जांच कमेटी का गठन किया। हाल ही में जारी रिपोर्ट में 5 योजनाओं की जांच में 40 लाख का घोटाला सामने आया। विधायक ने अनुमान लगाया कि 91 योजनाओं में कुल 50 करोड़ का घोटाला मिलेगा। उन्होंने कहा, “जांच पूरी होने के बाद काम रोकने वालों को कड़ी सजा मिलेगी। पिछली सरकार का यह काला अध्याय उजागर होगा।”
Jal Jeevan Mission: पूर्व मंत्री महेश जोशी पर भी सवाल, ED की जांच जारी
गोठवाल के आरोपों का केंद्र पूर्व कांग्रेस सरकार का लोक स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग (PHED) है। पूर्व मंत्री महेश जोशी पर 1,000 करोड़ के घोटाले का आरोप है, जिसमें टेंडरों में हेराफेरी कर 40,000 करोड़ की परियोजनाओं को प्रभावित किया गया। एजेंसी ने दावा किया कि घटिया HDPE पाइपों का इस्तेमाल किया गया, जबकि DI पाइप लगाने थे। नवंबर 2024 में राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने जोशी और 22 अन्य के खिलाफ FIR दर्ज की, जिसमें फंडों का दुरुपयोग और ठेकेदारों से साठगांठ का आरोप है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी छापे मारे, जिसमें 2.32 करोड़ नकद और 1 किलो सोना जब्त हुआ। गोठवाल ने कहा, “कांग्रेस ने योजना को लूटा, केंद्र का पैसा व्यर्थ गया। 167 गांव आज भी जलहीन हैं।”
Jal Jeevan Mission: गहलोत सरकार पर भाजपा विधायक का बम फोड़ा
यह घोटाला राजस्थान चुनाव 2023 से जुड़ा है, जब भाजपा ने इसे बड़ा मुद्दा बनाया। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने गहलोत सरकार को ‘जल जीवन मिशन में सबसे भ्रष्ट’ बताया था। 30,000 करोड़ के बजट का उपयोग न होने पर शेखावत ने महाराष्ट्रसभा में सवाल उठाए। ED की चार्जशीट में प्रॉपर्टी डीलर संजय बदाया, ठेकेदार पद्माचंद जैन और अन्य पर 500 करोड़ के लेन-देन का आरोप है। कांग्रेस ने इसे खारिज करते हुए कहा कि भाजपा केंद्र की एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने हाल ही में उल्टा भाजपा पर आरोप लगाया कि उनकी सरकार में 25 लाख कनेक्शन देने का वादा था, लेकिन केवल 9.4 लाख ही बने।
Jal Jeevan Mission: गहलोत के ‘स्वभाव’ पर तंज
गोठवाल ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत पर व्यक्तिगत हमला बोला। उन्होंने कहा, “गहलोत का स्वभाव है कि वे नए व्यक्ति को काम नहीं करने देते, चाहे उनकी पार्टी का हो या विपक्ष का। उन्हें लगता है कि सत्ता में वे ही राज करेंगे, लेकिन जनता ने भाजपा को जिताया।” उन्होंने गहलोत के बेटे व राज्यसभा सांसद वैभव पर भी निशाना साधा, जिन्होंने योजना भवन से बरामद 2.31 करोड़ नकद और सोने से जुड़े आरोपों का हवाला दिया। मार्च 2025 में विधानसभा में गोठवाल ने गहलोत पर ही आरोप लगाए थे कि प्रियंका गांधी को ट्रेन टिकट भेजने के बहाने उन्हें फंसाया गया। कांग्रेस विधायकों ने विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन स्पीकर ने बहस जारी रखी।
SIR पर विवादास्पद बयान
वोटर लिस्ट रिवीजन ‘SIR’ (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) पर चल रही राजनीति पर गोठवाल ने विवादास्पद बयान दिया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस वोट बैंक की बात नहीं, बल्कि किसी जाति विशेष के वोट बैंक की रक्षा कर रही है। बम ब्लास्ट और चोरी-डकैती में मुख्य रूप से वे ही शामिल होते हैं जो देश के नहीं हैं। उन्होंने देश को लूटा। SIR के लिए केंद्र को धन्यवाद।” यह बयान मुस्लिम समुदाय पर इशारा माना जा रहा है, जिससे विपक्ष भड़क गया। कांग्रेस ने इसे ‘नफरत की राजनीति’ करार दिया, जबकि भाजपा ने इसे ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ का मुद्दा बताया। राजस्थान में SIR से 2 लाख नाम कटने के आरोपों ने चुनाव पूर्व विवाद बढ़ाया था।
Jal Jeevan Mission: घोटाले से भाजपा को मजबूती, कांग्रेस पर दबाव
यह आरोप भाजपा के लिए राजनीतिक हथियार है। 2023 चुनाव में जल जीवन मिशन घोटाले ने कांग्रेस को 100 से अधिक सीटें गंवाने पर मजबूर किया। वर्तमान में भाजपा सरकार ने 2024-25 बजट में योजना को गति दी, लेकिन गहलोत ने दावा किया कि कांग्रेस के समय 13.8 लाख कनेक्शन बने, जबकि भाजपा में केवल 9.4 लाख। PHED में 6 एडिशनल चीफ इंजीनियरों को APO रखने का आरोप लगाया। गोठवाल ने कहा, “जांच से सच्चाई सामने आएगी, दोषी बचेंगे नहीं।”
कांग्रेस ने किया पलटवार
कांग्रेस ने पलटवार में कहा कि ED-ACB का दुरुपयोग हो रहा है। जोशी ने कहा, “यह साजिश है; जांच में निर्दोष साबित होंगे।” राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद 2028 चुनाव तक चलेगा। गोठवाल की शिकारपुर विधानसभा सीट पर भी स्थानीय स्तर पर पानी का मुद्दा गर्म है। सरकार ने कमेटी को 3 माह में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। राजस्थान में भ्रष्टाचार के ये आरोप विकास योजनाओं पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
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