Assembly Elections 2026: वर्ष 2026 में असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुदुचेरी में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव आयोग फरवरी के अंत में इन राज्यों के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है। इन चुनावों को देखते हुए सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपनी तैयारियां तेज कर चुके हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) असम में सत्ता बचाने, जबकि पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी। पुदुचेरी में भी NDA की सरकार है, जिसे बचाने की चुनौती BJP के सामने होगी।
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Assembly Elections 2026: चुनाव कार्यक्रम की संभावना
2021 में इन पांचों राज्यों/केंद्रशासित प्रदेश में चुनाव कार्यक्रम 26 फरवरी को घोषित किया गया था। उस समय पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में 27 मार्च से 29 अप्रैल तक मतदान हुआ था, जबकि तमिलनाडु में एक ही चरण में 6 अप्रैल को वोटिंग पूरी हो गई थी। असम में तीन चरणों में 27 मार्च से 6 अप्रैल तक चुनाव हुए थे। सभी विधानसभाओं का कार्यकाल मई 2026 में समाप्त हो रहा है। इस बार भी चुनाव मार्च-अप्रैल में होने की संभावना है, ताकि नई सरकारें समय पर गठित हो सकें। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची की विशेष संशोधन प्रक्रिया शुरू कर दी है, जो चुनाव तैयारी का संकेत है।
Assembly Elections 2026: राज्यों के मौजूदा सियासी समीकरण
पश्चिम बंगाल (294 सीटें):
सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और BJP के बीच मुख्य मुकाबला है। 2021 में TMC ने 215 सीटें जीतीं, जबकि BJP ने 3 से बढ़कर 77 सीटें हासिल कीं। वर्तमान में TMC के पास 225 के करीब सीटें हैं। TMC मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में चौथी बार सत्ता बचाने की कोशिश कर रही है, जबकि BJP पहली बार सरकार बनाने का लक्ष्य रख रही है।
असम (126 सीटें):
BJP नीत NDA सत्ता में है और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में दूसरी बार सरकार रिपीट करने की तैयारी में है। मुख्य विपक्षी कांग्रेस सत्ता हासिल करने की चुनौती दे रही है। 2021 में NDA ने 75 सीटें जीती थीं।
तमिलनाडु (234 सीटें):
सत्ताधारी डीएमके को BJP AIADMK और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर चुनौती देने की योजना बना रही है। डीएमके मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व में सत्ता बचाने उतरेगी। BJP यहां अभी तक खाता नहीं खोल पाई है, लेकिन गठबंधन के जरिए मजबूत दावेदारी पेश करने की कोशिश कर रही है।
केरल (140 सीटें):
सत्ताधारी लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) और मुख्य विपक्षी कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के बीच पारंपरिक द्विपक्षीय मुकाबला है। लेकिन BJP इसे त्रिकोणीय बनाना चाहती है। 2024 लोकसभा चुनाव में NDA ने 19 प्रतिशत वोट हासिल किए थे। हालिया स्थानीय निकाय चुनावों में BJP ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम में पहली बार मेयर पद जीता, जिससे पार्टी उत्साहित है। वीवी राजेश के मेयर बनने से BJP को 2026 विधानसभा चुनाव में बड़ा बढ़ावा मिला है।
पुदुचेरी (30 सीटें):
यहां NDA (AINRC-BJP गठबंधन) सत्ता में है। मुख्यमंत्री एन रंगास्वामी के नेतृत्व वाली सरकार को बचाने की चुनौती है। 2021 में NDA ने 16 सीटें जीती थीं।
Assembly Elections 2026: BJP की रणनीति और चुनौतियां
BJP इन चुनावों को मोदी सरकार की उपलब्धियों और विकास के एजेंडे पर लड़ना चाहती है। असम और पुदुचेरी में सत्ता बचाने के साथ-साथ पश्चिम बंगाल में TMC को कड़ी टक्कर, तमिलनाडु में गठबंधन के जरिए प्रवेश और केरल में तीसरी ताकत बनने का लक्ष्य है। केरल में तिरुवनंतपुरम मेयर पद की जीत को BJP ‘मिशन 2026’ का शुभ संकेत मान रही है। पार्टी प्रधानमंत्री मोदी की रैलियों और विकास योजनाओं पर फोकस करेगी।
विपक्षी दल एंटी-इनकंबेंसी, स्थानीय मुद्दों और गठबंधनों पर जोर दे रहे हैं। TMC, DMK और LDF अपनी सरकारों की उपलब्धियां गिनाएंगी, जबकि कांग्रेस और अन्य दल BJP के खिलाफ एकजुटता दिखाने की कोशिश करेंगे। ये चुनाव 2029 लोकसभा चुनाव से पहले क्षेत्रीय राजनीति की दिशा तय करेंगे। सभी पार्टियां बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने में जुटी हैं।
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