Home Loan Tips: घर खरीदने का सपना देख रहे लोगों के लिए होम लोन एक महत्वपूर्ण वित्तीय साधन है। लेकिन सवाल यह है कि होम लोन के लिए बैंक, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) या हाउसिंग फाइनेंस कंपनी (एचएफसी) में से किसे चुनना चाहिए? प्रत्येक संस्थान की अपनी खासियतें और सीमाएं हैं। बैंकों की ब्याज दरें आमतौर पर कम होती हैं, क्योंकि वे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) से कम लागत पर फंड प्राप्त करते हैं। वहीं, एनबीएफसी और एचएफसी अधिक लचीले पात्रता मानदंड और तेज प्रोसेसिंग प्रदान करते हैं, जो उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है जिनका क्रेडिट स्कोर कम है या जिनके पास पारंपरिक आय के दस्तावेज नहीं हैं।
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Home Loan Tips: बैंकों के फायदे और सीमाएं
बैंक होम लोन के लिए सबसे पसंदीदा विकल्प रहे हैं, क्योंकि वे आरबीआई के सख्त नियमन में काम करते हैं। 2019 से, आरबीआई ने बैंकों को फ्लोटिंग रेट लोन को बाहरी बेंचमार्क, जैसे रेपो रेट, से जोड़ने का निर्देश दिया है, जिससे ब्याज दरों में बदलाव का लाभ ग्राहकों को तुरंत मिलता है। उदाहरण के लिए, यदि रेपो रेट कम होता है, तो बैंक की ब्याज दरें भी कम हो सकती हैं, जिससे ईएमआई का बोझ घटता है। बैंकों में ब्याज दरें आमतौर पर 6.5% से 8% तक होती हैं। हालांकि, बैंकों की पात्रता शर्तें सख्त होती हैं, और कम क्रेडिट स्कोर (750 से नीचे) वाले आवेदकों को लोन मिलना मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा, बैंक लोन प्रोसेसिंग में अधिक समय ले सकते हैं।
Home Loan Tips: एनबीएफसी और एचएफसी की ताकत
एनबीएफसी और एचएफसी उन लोगों के लिए बेहतर विकल्प हो सकते हैं जो तेज प्रोसेसिंग और कम दस्तावेजीकरण चाहते हैं। ये संस्थान प्राइम लेंडिंग रेट (पीएलआर) पर आधारित ब्याज दरें तय करते हैं, जो उनकी फंडिंग लागत पर निर्भर करती हैं। एनबीएफसी की ब्याज दरें 8.5% से 12% तक हो सकती हैं, जो बैंकों से अधिक हो सकती हैं। हालांकि, ये कम क्रेडिट स्कोर (650 से ऊपर) वाले या गैर-पारंपरिक आय स्रोतों वाले लोगों को लोन देने में अधिक लचीलापन दिखाते हैं। उदाहरण के लिए, स्व-रोजगार वाले लोग या वे जिनके पास नियमित वेतन स्लिप नहीं है, एनबीएफसी से आसानी से लोन प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, एनबीएफसी तेज लोन स्वीकृति और डिजिटल प्रक्रिया प्रदान करते हैं।
Home Loan Tips: लोन प्रोसेसिंग और दस्तावेजीकरण
बैंकों में लोन प्रोसेसिंग के लिए सख्त दस्तावेजीकरण की जरूरत होती है, जैसे आय प्रमाण, बैंक स्टेटमेंट, और क्रेडिट स्कोर। इसके विपरीत, एनबीएफसी और एचएफसी न्यूनतम दस्तावेजों के साथ लोन प्रोसेसिंग को आसान बनाते हैं। कुछ एनबीएफसी, जैसे बजाज फिनसर्व और टाटा कैपिटल, ऑनलाइन आवेदन और 48-72 घंटों में लोन स्वीकृति की सुविधा देते हैं। वे स्टैंप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क को लोन राशि में शामिल करने की सुविधा भी दे सकते हैं, जो बैंकों में आमतौर पर नहीं होता। हालांकि, एनबीएफसी में छिपे शुल्क या उच्च प्रोसेसिंग फीस का जोखिम हो सकता है, जिसे आवेदन से पहले जांचना जरूरी है।
ब्याज दरों का प्रभाव
बैंकों की तुलना में एनबीएफसी और एचएफसी की ब्याज दरें अधिक होने के कारण लंबी अवधि में कुल ब्याज लागत बढ़ सकती है। उदाहरण के लिए, 75 लाख रुपये के 20 साल के होम लोन पर, बैंक की 7% ब्याज दर पर ईएमआई लगभग 65,000 रुपये होगी, जबकि एनबीएफसी की 9% ब्याज दर पर यह 67,000 रुपये तक हो सकती है। हालांकि, एनबीएफसी ग्राहकों को अनुकूलित पुनर्भुगतान विकल्प और प्री-पेमेंट बिना शुल्क की सुविधा दे सकते हैं। इसके अलावा, अगर क्रेडिट स्कोर बाद में सुधरता है, तो लोन को बैंक में ट्रांसफर करके ब्याज दर को कम किया जा सकता है।
किसे चुनें?
होम लोन का चयन व्यक्तिगत वित्तीय स्थिति पर निर्भर करता है। अगर आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा (750 से ऊपर) है और आप कम ब्याज दर चाहते हैं, तो बैंक बेहतर विकल्प हैं। वहीं, यदि आपको तत्काल लोन चाहिए, क्रेडिट स्कोर कम है, या आय के गैर-पारंपरिक स्रोत हैं, तो एनबीएफसी या एचएफसी आपके लिए उपयुक्त हो सकते हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि लोन लेने से पहले ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस, लोन अवधि और छिपे शुल्क की तुलना करें। टाटा कैपिटल, बजाज फिनसर्व, और एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस जैसे एनबीएफसी और एचएफसी विश्वसनीय विकल्प हैं, लेकिन सावधानीपूर्वक तुलना जरूरी है।
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