Road Accident: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के पोरसा थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। जोटई रोड बायपास चौराहे पर तेज रफ्तार स्विफ्ट कार ने सड़क किनारे अलाव ताप रहे पांच लोगों को कुचल दिया। इस हादसे में इलाज के दौरान दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे के बाद आरोपी कार चालक को भीड़ ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया, लेकिन कुछ ही देर बाद वह हिरासत से फरार हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि आरोपी स्थानीय भाजपा नेता है और राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस ने उसे छोड़ दिया। इस घटना से इलाके में भारी आक्रोश फैल गया है और प्रदर्शनकारियों ने हाईवे जाम कर दिया।
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Road Accident: हादसे की घटना
कड़ाके की ठंड से बचने के लिए जोटई रोड बायपास चौराहे के किनारे एक नाबालिग बालक समेत पांच लोग अलाव जलाकर बैठे थे। रात करीब 10 बजे एक तेज रफ्तार स्विफ्ट कार (नंबर MP 06 CA 5172) अनियंत्रित होकर आई और इन लोगों को रौंदते हुए निकल गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कई लोग दूर उछलकर गिरे। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों को उठाया और पोरसा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद दो गंभीर घायलों को मुरैना जिला अस्पताल और फिर ग्वालियर रेफर कर दिया। इलाज के दौरान दो घायलों ने दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है, लेकिन घायलों में एक नाबालिग भी शामिल है।
Road Accident: आरोपी भाजपा नेता पर गंभीर आरोप
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार चला रहा व्यक्ति स्थानीय भाजपा युवा मोर्चा नेता दीपेंद्र भदौरिया था। हादसे के तुरंत बाद गुस्साई भीड़ ने आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया और उसकी पिटाई की। इसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। लेकिन कुछ ही घंटों बाद आरोपी पुलिस हिरासत से फरार हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि राजनीतिक प्रभाव के कारण पुलिस ने जानबूझकर उसे भागने दिया। एक घायल युवक ने तो इलाज कराने से ही इनकार कर दिया और कहा कि पहले आरोपी को गिरफ्तार किया जाए, तब इलाज कराऊंगा। इस घटना से पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
Road Accident: प्रदर्शन और हाईवे जाम
आरोपी के खिलाफ कार्रवाई न होने से नाराज ग्रामीणों और घायलों के परिजनों ने शनिवार सुबह पोरसा थाने का घेराव किया और धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया, जिससे करीब 20 मिनट तक यातायात ठप रहा। उनकी मुख्य मांग है कि आरोपी भाजपा नेता के खिलाफ हत्या और लापरवाही की सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज हो और उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाए। सूचना पर एसडीओपी रवि भदौरिया मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन आक्रोश इतना था कि जाम तुरंत नहीं हटा। पुलिस ने मामला दर्ज करने का आश्वासन दिया है, लेकिन अभी तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
Road Accident: पुलिस का पक्ष और जांच
पोरसा पुलिस के अनुसार, हादसे की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भिजवाया। आरोपी के फरार होने पर पुलिस ने कहा कि जांच चल रही है और जल्द ही उसे पकड़ा जाएगा। हालांकि, ग्रामीण पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगा रहे हैं। यह हादसा सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की कमी को उजागर करता है। ठंड के दिनों में सड़क किनारे अलाव तापना आम है, लेकिन ऐसे हादसे लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं।
Road Accident: इलाके में तनाव का माहौल
इस हादसे ने पूरे पोरसा क्षेत्र में शोक और आक्रोश की लहर दौड़ा दी है। मृतकों के परिजन सदमे में हैं, जबकि घायलों का ग्वालियर में इलाज जारी है। राजनीतिक रंग ले चुके इस मामले में अब प्रशासन की नजर है कि स्थिति बेकाबू न हो। जिला प्रशासन ने उच्च अधिकारियों को घटना की रिपोर्ट भेजी है और जांच के आदेश दिए गए हैं। ऐसे हादसों से सबक लेते हुए सड़क सुरक्षा अभियान तेज करने की जरूरत है, ताकि निर्दोष लोगों की जान न जाए।
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