32.1 C
New Delhi
Friday, May 8, 2026
Homeमध्यप्रदेशMP Tiger: गुजरात के बाद अब इन तीन राज्यों में दहाड़ेंगे MP...

MP Tiger: गुजरात के बाद अब इन तीन राज्यों में दहाड़ेंगे MP के बाघ, जानिए मोहन सरकार का प्लान

MP Tiger: मध्य प्रदेश के बाघ अब देश के दूसरे राज्यों की शान बढ़ाएंगे। मध्य प्रदेश सरकार ने अपने पड़ोसी राज्यों राजस्थान, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और ओडिशा को 15 बाघ भेजने की सहमति दे दी है।

MP Tiger: मध्य प्रदेश के बाघ अब देश के दूसरे राज्यों की शान बढ़ाएंगे। मध्य प्रदेश सरकार ने अपने पड़ोसी राज्यों राजस्थान, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और ओडिशा को 15 बाघ भेजने की सहमति दे दी है। यह कदम बाघों की संख्या को स्थिर करने और उनके आवास को बढ़ाने में मदद करेगा। मध्य प्रदेश को टाइगर स्टेट ऑफ इंडिया के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि यहाँ भारत के सबसे अधिक बाघ रहते हैं। यह कदम न केवल बाघों की संख्या को बढ़ावा देगा, बल्कि यह मध्य प्रदेश की जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

छत्तीसगढ़ से लाए जाएंगे 15 बाघ

मध्य प्रदेश सरकार ने पशु विनिमय कार्यक्रम के तहत 15 बाघों को राजस्थान, ओडिशा, और छत्तीसगढ़ में स्थानांतरित करने की योजना बनाई है। इस कदम का उद्देश्य बाघों की संख्या बढ़ाने, उनके प्राकृतिक आवास का विस्तार करने और वन्यजीव संरक्षण में मदद करना है। बाघों को मध्य प्रदेश के बांधवगढ़, पन्ना, कान्हा और पेंच के बाघ अभयारण्यों से स्थानांतरित किया जाएगा। बाघों और बाघिनों को अधिकृत पशु चिकित्सक की देखरेख में स्थानांतरित किया जाएगा।

राजस्थान: मध्य प्रदेश से चार बाघ राजस्थान भेजे जाएंगे। यह राज्य बाघों के संरक्षण के प्रयासों को बढ़ाने के लिए तैयार है और बाघों के लिए उपयुक्त वातावरण विकसित कर रहा है।

ओडिशा: दो बाघ ओडिशा में स्थानांतरित किए जाएंगे। ओडिशा में बाघों की संख्या को बढ़ाने और नए क्षेत्रों में बाघों को बसाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।

छत्तीसगढ़: सबसे अधिक आठ बाघों को छत्तीसगढ़ में स्थानांतरित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ में बाघों के लिए संरक्षित जंगलों और क्षेत्रों का विस्तार किया जा रहा है, ताकि वे वहां सुरक्षित रूप से रह सकें।

स्थानांतरण प्रक्रिया

राज्य वन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, बाघों और बाघिनों के स्थानांतरण की प्रक्रिया अत्यधिक सतर्कता और सुरक्षा के साथ की जाएगी। यह प्रक्रिया बाघों की सुरक्षा और उनकी संख्या बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।

पशु चिकित्सक की देखरेख

बाघों और बाघिनों का स्थानांतरण अधिकृत पशु चिकित्सक की देखरेख में किया जाएगा, ताकि उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बाघों को किसी भी प्रकार का शारीरिक या मानसिक तनाव न हो।

जीवन का खतरा नहीं

वन विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि बाघों के जीवन को किसी भी प्रकार का खतरा न हो, इसके लिए पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जाएगी। बाघों के स्थानांतरण के दौरान सभी सुरक्षा उपायों का पालन किया जाएगा।

आवश्यक अनुमोदन

बाघों के स्थानांतरण के लिए केंद्र सरकार से अनिवार्य अनुमोदन प्राप्त किया जाएगा। यह सुनिश्चित करेगा कि स्थानांतरण प्रक्रिया नियमों और विधियों के अनुसार हो।

खर्च का वहन

बाघों के स्थानांतरण का पूरा खर्च बाघों को प्राप्त करने वाले राज्यों द्वारा वहन किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि स्थानांतरण का खर्च उन राज्यों पर न पड़े जो बाघों को भेज रहे हैं।

केंद्र और राज्य सरकार की भूमिका

यह कदम केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को मजबूत करने का एक हिस्सा है। बाघों के स्थानांतरण के दौरान यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि बाघों को नए क्षेत्रों में बसने के लिए पर्याप्त और सुरक्षित पर्यावरण मिले।

गुजरात को दिए दो बंगाल टाइगर

आपको बता दें कि हाल ही में पशुओं के आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत, मध्य प्रदेश ने बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (बीटीआर) से गुजरात को दो बंगाल टाइगर (एक नर और एक मादा) प्रदान किए हैं। मध्य प्रदेश को शनिवार को गुजरात के जूनागढ़ के सक्करबाग जूलॉजिकल पार्क से दो एशियाई (गिर) शेर – एक नर और एक मादा मिले। शेर के जोड़े को भोपाल के वन विहार में रखा गया है।

यह भी पढ़ें-

Gukesh Dommaraju: गुकेश बने सबसे कम उम्र के विश्व शतरंज चैंपियन, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पीएम मोदी ने दी बधाई

RELATED ARTICLES
New Delhi
haze
32.1 ° C
32.1 °
32.1 °
37 %
5.1kmh
20 %
Fri
32 °
Sat
40 °
Sun
42 °
Mon
43 °
Tue
44 °

Most Popular