Jitu Patwari Controversial Remark: मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के महिलाओं को लेकर दिए गए एक बयान ने राज्य की सियासत में हंगामा खड़ा कर दिया है। सोमवार को भोपाल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पटवारी ने दावा किया था कि मध्य प्रदेश की महिलाएं देश में सबसे ज्यादा शराब पीती हैं। उन्होंने कहा, प्रदेश को तमगा मिला है कि मध्य प्रदेश की महिलाएं पूरे देश में सबसे ज्यादा शराब पीती हैं। समृद्ध मध्य प्रदेश का सपना दिखाने वाली भाजपा सरकार ने ये हालात बना दिए हैं। ड्रग्स के कारोबार में भी मध्य प्रदेश ने पंजाब को पीछे छोड़ दिया है। इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीखी प्रतिक्रिया दी, इसे महिलाओं का अपमान बताते हुए माफी की मांग की।
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Jitu Patwari Controversial Remark: हरतालिका तीज पर बयान से बढ़ा विवाद
पटवारी का यह बयान हरतालिका तीज के पवित्र अवसर पर आया, जब लाखों महिलाएं निर्जला व्रत रखकर अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए पूजा करती हैं। इस समय को चुने जाने को लेकर भाजपा ने इसे और भी आपत्तिजनक बताया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, हरतालिका तीज के दिन लाड़ली बहनों को शराबी बताना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। यह प्रदेश की पांच करोड़ माताओं-बहनों का अपमान है, जिसे जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से माफी और पटवारी को पद से हटाने की मांग की।
Jitu Patwari Controversial Remark: भाजपा का तीखा पलटवार
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने पटवारी के बयान को कांग्रेस की महिला-विरोधी मानसिकता का अशोभनीय उदाहरण करार दिया। उन्होंने कहा, मध्य प्रदेश वह राज्य है, जिसने भाजपा शासन में महिलाओं को 35% आरक्षण दिया और लाड़ली बहना जैसी योजनाएं शुरू कीं। पटवारी का बयान न केवल महिलाओं का अपमान है, बल्कि उनकी संकीर्ण सोच को दर्शाता है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी ट्वीट कर कहा, पटवारी ने मातृशक्ति को शराबी कहकर अपमानित किया है। यह शर्मनाक है, और कांग्रेस को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
Jitu Patwari Controversial Remark: पटवारी की सफाई, माफी से इनकार
विवाद बढ़ने पर जीतू पटवारी ने मंगलवार को सफाई दी, लेकिन माफी मांगने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, यह मेरे खिलाफ मीडिया मैनेजमेंट करके फंसाने की साजिश है। मैं प्रदेश की माताओं-बहनों से अपील करता हूं कि जब परिवार में कोई शराब या ड्रग्स लाता है, तो इससे माताएं, बहनें और पत्नियां सबसे ज्यादा दुखी होती हैं। सरकारी एजेंसियां कहती हैं कि मध्य प्रदेश शराब बिक्री का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर नशे को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया, बोले, भाजपा ने मध्य प्रदेश को शराबी प्रदेश बना दिया है।
आंकड़ों पर सवाल, एनएफएचएस डेटा से खंडन
पटवारी ने अपने बयान में राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-5) का हवाला दिया, लेकिन इसकी रिपोर्ट उनके दावे का खंडन करती है। एनएफएचएस-5 के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश (24%) और सिक्किम (16%) में महिलाओं में शराब की खपत सबसे ज्यादा है, जबकि मध्य प्रदेश में शहरी क्षेत्रों में केवल 0.1% और ग्रामीण क्षेत्रों में 0.6% महिलाएं शराब का सेवन करती हैं। भाजपा नेताओं ने इसे आधार बनाकर पटवारी पर झूठे दावे करने का आरोप लगाया। कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने तंज कसते हुए कहा, क्या ये आंकड़े पटवारी इटली से लेकर आए हैं?
भाजपा का विरोध प्रदर्शन, माफी की मांग
पटवारी के बयान के खिलाफ भाजपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश देखा गया। आगर मालवा में कार्यकर्ताओं ने उनका पुतला दहन किया। महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष आभा चोपड़ा ने कहा, लाड़ली बहनों को शराबी कहना शर्मनाक है। पटवारी को माफी मांगनी होगी, वरना हम काले झंडे दिखाएंगे। भाजपा ने इसे कांग्रेस की महिला-विरोधी सोच का सबूत बताते हुए सोशल मीडिया पर भी अभियान चलाया।
सियासी घमासान
यह विवाद मध्य प्रदेश में पहले से ही तनावपूर्ण कांग्रेस संगठन के लिए नई चुनौती बन गया है। पटवारी के बयान ने न केवल सियासी तूफान खड़ा किया है, बल्कि लाड़ली बहना योजना को लेकर भी बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि भाजपा इसे 2028 के विधानसभा चुनावों में भुनाने की रणनीति बना रही है।
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