Nuclear Threat: पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के परमाणु हथियारों को लेकर दिए गए धमकी भरे बयान पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसे गैर-जिम्मेदाराना और खतरनाक बताते हुए स्पष्ट किया कि भारत किसी भी तरह के परमाणु ब्लैकमेल के आगे नहीं झुकेगा।
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Nuclear Threat: विदेश मंत्रालय का आधिकारिक बयान
सोमवार को जारी आधिकारिक बयान में भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा— हमारा ध्यान पाकिस्तान के सेना प्रमुख द्वारा अमेरिका यात्रा के दौरान दिए गए एक बयान की ओर गया है। परमाणु हथियारों की धमकी देना पाकिस्तान की पुरानी आदत रही है। प्रवक्ता ने आगे कहा कि इस तरह के बयानों से अंतरराष्ट्रीय समुदाय में पाकिस्तान के परमाणु कमांड और नियंत्रण की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं, खासकर जब वहां की सेना आतंकवादी संगठनों के साथ करीबी संबंध रखती है।
Nuclear Threat: अमेरिका की धरती से दी धमकी पर आपत्ति
भारत ने यह भी कहा कि यह बेहद खेदजनक है कि पाकिस्तान सेना प्रमुख ने इस तरह की धमकी एक मित्र देश अमेरिका की धरती से दी। प्रवक्ता ने दोहराया— भारत पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाता रहेगा और परमाणु ब्लैकमेल के आगे नहीं झुकेगा।
Nuclear Threat: आसिम मुनीर का विवादित बयान
आसिम मुनीर ने अपने अमेरिका दौरे के दौरान कहा था— अगर इस्लामाबाद को भारत से अस्तित्व का खतरा महसूस हुआ, तो वह आधी दुनिया को अपने साथ ले डूबेगा। उनके इस बयान को भारत ने न केवल उकसाने वाला, बल्कि वैश्विक शांति के लिए खतरा बताया।
भारत-पाकिस्तान संबंधों के संदर्भ में बयान
मुनीर का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों में तनाव पहले से ही चरम पर है। सीमा पर संघर्ष विराम उल्लंघन, आतंकवाद और कूटनीतिक मतभेद ने दोनों देशों के संबंधों को और जटिल बना दिया है।
अमेरिका दौरे पर विरोध प्रदर्शन
ध्यान देने योग्य है कि पिछले कुछ महीनों में आसिम मुनीर का यह दूसरा अमेरिका दौरा था। इससे पहले जून में वह वॉशिंगटन गए थे, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें व्हाइट हाउस में लंच पर आमंत्रित किया था। हालांकि, इस यात्रा के दौरान उन्हें मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों को लेकर विरोध प्रदर्शनों का सामना करना पड़ा था। प्रदर्शनकारियों ने उन्हें ‘पाकिस्तानियों का कातिल’ और ‘इस्लामाबाद का कातिल’ जैसे नारों से घेरा था।
विशेषज्ञों की राय
अंतरराष्ट्रीय संबंध विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख का इस तरह का बयान न केवल दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ाएगा, बल्कि यह वैश्विक सुरक्षा के लिए भी चिंता का विषय है। उनका कहना है कि परमाणु हथियारों की भाषा में बातचीत करना, 21वीं सदी की कूटनीति के खिलाफ है।
भारत का रुख स्पष्ट
भारत ने साफ कर दिया है कि वह अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता और सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान को अपनी आंतरिक समस्याओं, खासकर आतंकवाद, आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता पर ध्यान देना चाहिए, न कि धमकी की राजनीति पर।
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