Marriage Incentive Scheme: कर्नाटक के ग्रामीण इलाकों में खेती करने वाले युवकों के लिए विवाह एक बड़ी चुनौती बन गया है। कांग्रेस विधायक एच.डी. रंगनाथ ने मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या को पत्र लिखकर मांग की है कि 6 मार्च को पेश होने वाले 2026-27 के बजट में एक नई योजना शुरू की जाए, जिसमें खेती करने वाले परिवार में बहू बनने वाली महिलाओं को आर्थिक प्रोत्साहन राशि और विशेष दर्जा दिया जाए। रंगनाथ, जो तुमकुरु जिले के कुनिगल विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं, ने कहा कि ग्रामीण समाज की बदलती तस्वीर में महिलाएं किसानों से शादी करने से कतराती हैं, जिससे कई युवा किसान 30 वर्ष की उम्र पार कर भी अविवाहित रह जाते हैं।
Table of Contents
Marriage Incentive Scheme: विधायक का पत्र और मुख्य मांग
18 फरवरी को लिखे गए पत्र में रंगनाथ ने बताया कि कुनिगल तालुक मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है, जहां अधिकांश युवा गांवों में रहकर खेती करते हैं। लेकिन शिक्षित और आधुनिक सोच वाली युवतियां शहरों में नौकरी और बेहतर जीवनशैली को प्राथमिकता दे रही हैं। वे पूछती हैं कि गांव में क्यों जाएं, खेती के जोखिम भरे काम में क्यों शामिल हों। नतीजा यह है कि कई किसान दूर-दराज के इलाकों या अन्य राज्यों से विवाह करने को मजबूर होते हैं, या फिर अविवाहित रह जाते हैं। रंगनाथ ने सुझाव दिया कि “किसान परिवार की बहू” को विशेष भत्ता और दर्जा दिया जाए, ताकि ग्रामीण युवकों के लिए विवाह आसान हो और खेती का मनोबल बढ़े। उन्होंने इसे “सातवीं गारंटी” के रूप में भी प्रस्तावित किया है, जो कांग्रेस की मौजूदा गारंटी योजनाओं की कड़ी में जुड़ सकती है।
Marriage Incentive Scheme: ग्रामीण समाज में बदलाव और खेती का घटता आकर्षण
कर्नाटक के ग्रामीण इलाकों में यह समस्या नई नहीं है, लेकिन हाल के वर्षों में यह और गंभीर हो गई है। खेती अब युवाओं के लिए आकर्षक पेशा नहीं रह गया। अनिश्चित आय, मौसम की मार, कर्ज का बोझ, सिंचाई की कमी और बुनियादी सुविधाओं (जैसे अस्पताल, स्कूल, सड़क) की कमी प्रमुख कारण हैं। युवतियां शहरों की ओर पलायन कर रही हैं, जहां नौकरी, शिक्षा और जीवन स्तर बेहतर है। रंगनाथ ने कहा, “महिलाएं किसानों से शादी नहीं करना चाहतीं। दुल्हनों की कमी से किसान परिवारों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।” यह स्थिति न केवल सामाजिक संतुलन बिगाड़ रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी कमजोर कर रही है, क्योंकि अविवाहित युवा परिवार नहीं बसाते और खेती छोड़ शहरों की ओर रुख कर लेते हैं।
Marriage Incentive Scheme: योजना से क्या फायदा?
विधायक का मानना है कि प्रोत्साहन राशि (जिसकी राशि अभी तय नहीं हुई है) से दोहरा लाभ होगा। पहला, महिलाओं को ग्रामीण जीवन और खेती में योगदान के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। दूसरा, किसान परिवारों का मनोबल बढ़ेगा और वे खेती में अधिक निवेश करेंगे। इससे ग्रामीण समाज में स्थिरता आएगी और पलायन रुकेगा। रंगनाथ ने इसे कृषि-आधारित जीवनशैली को सामाजिक समर्थन देने का तरीका बताया। हालांकि, योजना के क्रियान्वयन में चुनौतियां हैं—जैसे पात्रता निर्धारण, धनराशि का स्रोत और दुरुपयोग रोकना।
Marriage Incentive Scheme: राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं
यह प्रस्ताव सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। कुछ लोग इसे रचनात्मक बताते हैं, क्योंकि यह ग्रामीण संकट को संबोधित करता है। अन्य इसे “अजीब” या “व्यावहारिक नहीं” मानते हैं, क्योंकि विवाह व्यक्तिगत फैसला है और आर्थिक प्रलोभन से सामाजिक बदलाव नहीं आएगा। किसान संगठनों ने इसे सकारात्मक कदम बताया, लेकिन मांग की कि पहले खेती की आय सुनिश्चित की जाए। कांग्रेस सरकार की गारंटी योजनाओं (जैसे गृह लक्ष्मी, अन्न भाग्य) की सफलता को देखते हुए यह “सातवीं गारंटी” बन सकती है।
यह भी पढ़ें:-
