Kishtwar Encounter: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन त्राशी-1 के तहत आतंकवादियों पर निर्णायक प्रहार किया है। शनिवार (31 जनवरी 2026) की सुबह डोलगाम इलाके में भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कॉर्प्स, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों ने आतंकियों से दोबारा संपर्क साधा। सेना के अनुसार, सभी स्रोतों से मिली खुफिया जानकारी को समन्वित कर ऑपरेशन को अंजाम दिया जा रहा है। इलाके को पूरी तरह घेर लिया गया है और मुठभेड़ जारी है।
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Kishtwar Encounter: ऑपरेशन की शुरुआत और पहले का संघर्ष
ऑपरेशन त्राशी-1 की शुरुआत 18 जनवरी 2026 को हुई थी, जब खुफिया सूचनाओं के आधार पर छतरू के उत्तर-पूर्व में सोनार इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया। यहां सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच कई घंटों तक गोलीबारी चली। इस मुठभेड़ में ग्रेनेड हमले में 8 जवान घायल हुए थे, जिनमें से स्पेशल फोर्सेज के हवलदार गजेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए और 19 जनवरी की रात इलाज के दौरान शहीद हो गए।
Kishtwar Encounter: व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने शेयर किया पोस्ट
व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, “जीओसी, व्हाइट नाइट कॉर्प्स और सभी रैंक स्पेशल फोर्सेज के हवलदार गजेंद्र सिंह को श्रद्धांजलि देते हैं, जिन्होंने सिंगपुरा इलाके में आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन के दौरान बहादुरी से सर्वोच्च बलिदान दिया। हम उनके अदम्य साहस, वीरता और कर्तव्य के प्रति निस्वार्थ समर्पण का सम्मान करते हैं और शोक संतप्त परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं।”
Kishtwar Encounter: 12 दिनों बाद फिर संपर्क, जैश-ए-मोहम्मद के 3 आतंकी घिरे
19 जनवरी के बाद सुरक्षाबलों ने लगातार तलाशी अभियान जारी रखा। ड्रोन, स्निफर डॉग्स और अतिरिक्त बलों की मदद से इलाके की तलाश की गई। बारह दिनों के बाद शुक्रवार को आतंकियों का पता डोलगाम गांव में चला, जहां शनिवार सुबह मुठभेड़ फिर शुरू हो गई। अधिकारी मानते हैं कि ये 3 जैश-ए-मोहम्मद के पाकिस्तानी प्रशिक्षित आतंकी हैं, जो पिछले महीनों में घुसपैठ कर छिपे थे।
Kishtwar Encounter: मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित
सुरक्षा एहतियात के तौर पर शुक्रवार को डोलगाम मुठभेड़ स्थल सहित बड़े इलाके में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गईं। नॉर्दर्न आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने किश्तवाड़ का दौरा कर काउंटर-टेररिज्म ग्रिड की समीक्षा की और जवानों का मनोबल बढ़ाया।
Kishtwar Encounter: पिछले 15 दिनों में चौथी बार संपर्क
यह पिछले पखवाड़े में आतंकियों से चौथी बार संपर्क स्थापित करने की घटना है। पहले संपर्क 18, 22 और 25 जनवरी को हुए थे, लेकिन आतंकी जंगलों में गहरे घुस गए थे। अब डोलगाम में घेराबंदी मजबूत है और ऑपरेशन को तेज किया गया है। अधिकारी उम्मीद जता रहे हैं कि जल्द ही आतंकियों को ढेर कर दिया जाएगा।
Kishtwar Encounter: किश्तवाड़ में बढ़ती चुनौती और सुरक्षा बलों की तत्परता
किश्तवाड़ जिला, जो अनंतनाग से सिन्थन दर्रा के रास्ते जुड़ा है, हाल के महीनों में आतंकी गतिविधियों का हॉटस्पॉट बन गया है। ऊंचे पहाड़ी इलाकों और घने जंगलों के कारण ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण हैं। फिर भी, सुरक्षा बलों की समन्वित रणनीति, खुफिया जानकारी और तकनीकी सहायता से आतंकवाद पर लगाम कसने के प्रयास जारी हैं।
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